देशभर के कई राज्यों में मौसम का मिजाज एक बार फिर करवट ले रहा है। कुछ हफ्तों पहले बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती दबाव के कारण बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश में भारी बारिश से बाढ़ के हालात बने थे। थोड़े समय के ठहराव के बाद अब बंगाल की खाड़ी और उत्तर-पश्चिमी भारत में एक साथ नए मौसमी तंत्र सक्रिय हो रहे हैं। इन मौसमी गतिविधियों के चलते भारतीय मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी ने लगभग 20 राज्यों के लिए तेज हवाओं, आंधी और बारिश को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
सक्रिय मौसमी प्रणालियां और बारिश का दायरा
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मौजूदा समय में कई प्रणालियां एक साथ वातावरण को प्रभावित कर रही हैं। सिक्किम और आसपास के क्षेत्रों में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके अलावा पूर्वोत्तर बिहार से लेकर बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से तक एक ट्रफ रेखा फैली है। दक्षिण भारत में मन्नार की खाड़ी और दक्षिणी तटीय तमिलनाडु के पास भी चक्रवाती परिसंचरण देखा जा रहा है, जहां से एक अन्य ट्रफ रेखा पूर्व-मध्य अरब सागर की ओर गुजर रही है। इन सभी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से 4 से 10 अक्टूबर के दौरान देश के पूर्वोत्तर, पूर्वी, दक्षिणी, मध्य और उत्तर-पश्चिम हिस्सों में बारिश, बादलों की तेज गर्जना और तूफानी हवाओं का दौर चलने की संभावना है।
दिल्ली-एनसीआर में तापमान में गिरावट और जलभराव का खतरा
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 6 से 10 अक्टूबर के बीच विभिन्न स्थानों पर हल्की से छिटपुट बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया गया है। राजधानी में पिछले दिनों से अधिकतम और न्यूनतम तापमान में पहले ही गिरावट देखी गई है। आगामी दिनों में होने वाली बौछारों से पारे में और कमी आएगी, जिससे सुबह और शाम के समय ठंडक का अहसास बढ़ेगा। हालांकि बारिश के कारण शहरी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन सकती है, जिससे व्यस्त मार्गों पर यातायात जाम की समस्या उत्पन्न होने की आशंका है।
पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 50 किमी प्रति घंटे की हवाएं
उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में भी मौसम तेजी से बदल रहा है। पंजाब, हरियाणा और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में 7 से 9 अक्टूबर के बीच गरज-चमक के साथ आंधी चलने का पूर्वानुमान है। इस दौरान सामान्य हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है, जबकि कुछ मौकों पर हवा के झोंके 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक की रफ्तार पकड़ सकते हैं। इस तेज मौसमी बदलाव से आम दिनचर्या प्रभावित हो सकती है और निचले इलाकों में पानी जमा होने से सड़क यातायात बाधित हो सकता है।
उत्तर प्रदेश के दोनों हिस्सों में अलग-अलग दिनों पर बारिश का दौर
उत्तर प्रदेश के लिए जारी पूर्वानुमान में राज्य के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में बारिश की अलग-अलग तिथियां सामने आई हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 5 से 10 अक्टूबर तक कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी। दूसरी ओर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 6 से 10 अक्टूबर के बीच बारिश होने का अनुमान है। चूंकि राज्य में कुछ समय पूर्व हुई अत्यधिक वर्षा के कारण जान-माल का काफी नुकसान हुआ था, इसलिए प्रशासन को जल निकासी और संभावित स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
पहाड़ी राज्यों में 60 किमी की रफ्तार से झोंके और भारी वर्षा
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में मौसम का असर अधिक तीव्र रहने की आशंका है। हिमाचल प्रदेश में 5 से 10 अक्टूबर के बीच तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। विशेष रूप से 6 से 8 अक्टूबर के दौरान आकाशीय बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी है, जिसके झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं। उत्तराखंड में 5 से 10 अक्टूबर तक बारिश की संभावना जताई गई है, जिसमें 5 से 7 अक्टूबर के बीच कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अंदेशा है। पहाड़ी इलाकों में पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और बिहार में मौसम का मिजाज
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद के क्षेत्रों में 6 से 8 अक्टूबर और फिर 10 अक्टूबर को छिटपुट वर्षा के आसार हैं, जबकि 9 अक्टूबर को कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है। पर्वतीय इलाकों में लगातार नमी आने से पारे में भारी गिरावट दर्ज होगी। इसके साथ ही बिहार में भी 5 अक्टूबर 2026 को बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है, जिससे राज्य के पूर्वी और उत्तरी जिलों में मौसम में बदलाव बना रहेगा।



















