पहाड़ों पर थमने का नाम नहीं ले रही बारिश ने अब उत्तराखंड की एक अहम सड़क को ही तोड़ डाला है। पानी वाले बैंड के पास देहरादून-मसूरी मार्ग की सड़क इतनी क्षतिग्रस्त हो गई कि प्रशासन को फौरन इस पूरे रास्ते को हर तरह के आवागमन के लिए बंद करना पड़ा। यह पाबंदी अगली सूचना तक लागू रहेगी।
वाहनों और लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक
उप जिलाधिकारी, मसूरी की ओर से जारी आदेश में बताया गया है कि लगातार हो रही तेज बारिश की वजह से पानी वाले बैंड के पास देहरादून-मसूरी हाईवे की सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है और अब यह रोजमर्रा के आवागमन के लायक नहीं बची। किसी को कोई हादसा न हो और जान-माल दोनों सुरक्षित रहें, इसी वजह से यहां से गुजरने वाले हर तरह के वाहन और पैदल यात्रियों की आवाजाही तत्काल प्रभाव से पूरी तरह रोक दी गई है। अधिकारियों ने साफ किया है कि यह कोई औपचारिक चेतावनी भर नहीं बल्कि खतरा टलने तक सफर पर पूरी रोक है।
पुलिस की निगरानी में होगी मरम्मत, जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण पर
जमीनी स्तर पर यह पाबंदी सख्ती से लागू हो, इसकी जिम्मेदारी पुलिस विभाग को सौंपी गई है और उसे मौके पर यातायात रोकने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से कहा गया है कि वे मरम्मत के काम को तुरंत हाथ में लें, टूटी सड़क को ठीक करें और जल्द से जल्द सामान्य यातायात बहाल करें।
यात्रियों से वैकल्पिक रास्ता अपनाने की अपील
फिलहाल प्रशासन ने स्थानीय लोगों और यात्रियों से अपील की है कि जब तक नया आदेश जारी नहीं होता, तब तक इस रास्ते पर सफर करने से पूरी तरह परहेज करें। मसूरी की ओर जाने वालों को दूसरे रास्ते चुनने की सलाह दी गई है, साथ ही मौसम विभाग और जिला प्रशासन की ओर से समय-समय पर जारी की जाने वाली हिदायतों पर भी नजर बनाए रखने को कहा गया है।
चारधाम यात्रा पर भी लगा अस्थायी ब्रेक
यह सड़क बंद होने की खबर उस वक्त आई है जब उत्तराखंड में बीते कई दिनों से बारिश थमने का नाम ही नहीं ले रही। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी कर रखा है। चारधाम यात्रा के रास्ते में कई जगह भूस्खलन होने से हालात और बिगड़ गए, जिसके चलते सोमवार को एहतियातन इस यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखते हुए, मौजूदा मौसम और रास्तों की हालत को परखने के बाद ही यह फैसला लिया गया।
रास्ते सुरक्षित घोषित होने के बाद ही दोबारा शुरू होगी यात्रा
प्रशासन के मुताबिक चारधाम यात्रा तभी दोबारा शुरू की जाएगी जब पूरा रास्ता पूरी तरह सुरक्षित घोषित हो जाएगा और हालात सामान्य लौट आएंगे। अधिकारी इसे किसी खास हादसे की प्रतिक्रिया में नहीं बल्कि पूरी तरह एहतियाती कदम बता रहे हैं, जिसका मकसद सिर्फ तीर्थयात्रियों की जान बचाना है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में लगातार बारिश और बार-बार हो रहे भूस्खलन ने कई जगह रास्तों को नुकसान पहुंचाया है, और यही वजह है कि यात्रा को फिलहाल रोकने का फैसला लेना पड़ा।


















