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उत्तराखंड में मौसम का मिफिर बदला, देहरादून और नैनीताल समेत चार जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारीउत्तराखंड
25 अग॰ 2026, 5:12 am (28 दिन पहले)· 2

उत्तराखंड में मौसम का मिफिर बदला, देहरादून और नैनीताल समेत चार जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी

उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता लगातार बनी हुई है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक राज्यभर में बारिश का पूर्वानुमान जताया है, जिसके चलते कई जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है।

पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में मानसूनी गतिविधियों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। स्थानीय मौसम विज्ञान केंद्र ने आगामी चार दिनों के लिए एक विस्तृत पूर्वानुमान साझा किया है, जिसके अनुसार प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश का दौर लगातार जारी रहेगा। पिछले चौबीस घंटों के दौरान राज्य के मैदानी इलाकों में तापमान सामान्य या उससे थोड़ा ऊपर रिकॉर्ड किया गया, जबकि पर्वतीय अंचलों में तापमान सामान्य स्तर पर बना रहा। हालांकि, आने वाले दिनों में बादलों की आवाजाही और लगातार हो रही वर्षा से मौसम के मिजाज में और अधिक बदलाव आने के पूरे आसार हैं।

आज इन चार जिलों में भारी बारिश का अनुमान

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 25 अगस्त को राज्य के तमाम जिलों में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा होने की उम्मीद है। इस दौरान कुछ जगहों पर बादलों की गरज के साथ बौछारें भी पड़ सकती हैं। विशेष तौर पर देहरादून, पिथौरागढ़, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में कुछ स्थानों पर भारी मानसूनी बौछारें पड़ने की आशंका जताई गई है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन और मौसम विभाग ने इन चारों जिलों के लिए विशेष रूप से येलो अलर्ट जारी कर दिया है। इसके अतिरिक्त पर्वतीय क्षेत्रों में कई जगहों पर आकाशीय बिजली चमकने के साथ तीव्र से अति तीव्र बौछारें गिरने की भी चेतावनी दी गई है।

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26 अगस्त को पर्वतीय क्षेत्रों में अधिक रहेगा असर

आगामी 26 अगस्त को भी मौसम का रुख पहाड़ी इलाकों में अधिक सक्रिय नजर आएगा। पर्वतीय जिलों में अनेक स्थानों पर हल्की से लेकर मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। दूसरी तरफ मैदानी क्षेत्रों की बात करें तो हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में केवल छिटपुट या कुछ चुनिंदा स्थानों पर ही पानी बरसने के आसार हैं। पर्वतीय जिलों में वज्रपात और भारी मानसूनी बौछारें गिरने के खतरे को भांपते हुए इस दिन के लिए भी येलो अलर्ट की स्थिति बरकरार रखी गई है ताकि लोग सतर्क रह सकें।

27 और 28 अगस्त को भी जारी रहेगा बारिश का दौर

मौसम का यह क्रम यहीं नहीं थमेगा और 27 अगस्त को भी उत्तराखंड के पर्वतीय अंचलों में लगातार हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। इस अवधि में भी गरज और चमक के साथ बौछारें गिरने की पूरी संभावना बनी हुई है। मैदानी जिलों जैसे कि हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में केवल कुछ ही इलाकों में बारिश होने की उम्मीद है, जबकि पहाड़ों में आकाशीय बिजली के साथ तेज बौछारों का दौर जारी रह सकता है। इसी तरह 28 अगस्त को भी पर्वतीय पट्टियों में कई जगहों पर हल्की से मध्यम वर्षा के साथ गरज-चमक की स्थिति बनी रहने का अनुमान है। मैदानी भागों में हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में कुछेक जगहों पर ही पानी बरस सकता है, जबकि पहाड़ों में तीव्र बौछारें गिरने का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

भूस्खलन और नदी-नालों के पास बरतें सतर्कता

लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और पहाड़ों से मलबा खिसकने का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है। ऐसे संवेदनशील इलाकों के आसपास निवास करने वाले नागरिकों और नदी-नालों के करीब रहने वाले लोगों को खासी सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे बारिश के दौरान इन जोखिम भरे स्थानों पर जाने से पूरी तरह बचें। इसके अलावा वाहन चालकों और यात्रा पर निकलने वाले पर्यटकों को भी सफर के दौरान पूरी तरह चौकस रहने की सख्त सलाह दी गई है ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।

सवाल-जवाब

उत्तराखंड में मौसम विभाग ने कितने दिनों का पूर्वानुमान जारी किया है?
मौसम विभाग ने उत्तराखंड में अगले चार दिनों के लिए बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है।
किन चार जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है?
देहरादून, पिथौरागढ़, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।
26 अगस्त को मैदानी इलाकों में किन जगहों पर बारिश की संभावना है?
मैदानी इलाकों में हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में कुछ स्थानों पर ही बारिश या बौछारें देखने को मिल सकती हैं।
पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश से किस तरह का मुख्य खतरा बढ़ सकता है?
लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 3

Karan Malhotra@karan-malhotra·28 दिन पहले

उत्तराखंड में मौसम विभाग के इस येलो अलर्ट और लगातार बारिश के पूर्वानुमान को केवल एक सामान्य प्राकृतिक घटना के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। आपराधिक मामलों और कानून-व्यवस्था के एक वरिष्ठ रिपोर्टर के नाते, मेरा अनुभव यह कहता है कि ऐसे मौसम में आपदा प्रबंधन, जिला प्रशासन और पुलिस बल की सक्रियता सार्वजनिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी कसौटी बन जाती है। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और नदी-नालों के उफान के समय यदि प्रशासनिक तंत्र और यातायात नियंत्रण समय पर मुस्तैद न रहे, तो जनजीवन अस्त-व्यस्त होने के साथ-साथ बड़े हादसे भी हो सकते हैं। प्रशासन को राहत और बचाव कार्यों के लिए पहले से ही पूरी तरह तैयार रहना चाहिए ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

Arjun Mehta@arjun-mehta·28 दिन पहले

एक राजनीतिक संवाददाता के रूप में मेरा मानना है कि उत्तराखंड जैसी आपदा-संवेदनशील भौगोलिक स्थिति में मौसम संबंधी चेतावनियों का सीधा संबंध सुशासन और सरकारी नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन से है। जब मौसम विभाग देहरादून, नैनीताल, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जैसे जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी करता है, तो यह केवल प्रशासनिक सतर्कता की परीक्षा नहीं बल्कि केंद्र और राज्य सरकारों की आपदा प्रबंधन नीतियों की जमीनी क्षमता का भी आकलन है। आधारभूत ढांचागत मजबूती, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में त्वरित प्रतिक्रिया बल की तैनाती और ग्रामीण-शहरी संपर्क मार्गों की बहाली जैसी नीतियां यह तय करती हैं कि प्राकृतिक आपदाएं मानवीय संकट में न बदलें।

Rohan Verma@rohan-verma·28 दिन पहले

उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश और चार जिलों में जारी येलो अलर्ट से पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा काफी बढ़ गया है। मौसम के इस मिजाज का असर उत्तर प्रदेश के मैदानी और सटे हुए जिलों के जल स्तर पर भी पड़ सकता है, जिससे निचले इलाकों में सतर्कता बरतनी होगी। प्रशासन को पर्वतीय पट्टियों और नदी-नालों के पास विशेष निगरानी रखनी चाहिए ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।

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