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उत्तराखंड विवाद और खनन विधेयक मंजूरी के बीच संसद का मानसून सत्र 2026 अनिश्चितकाल के लिए स्थगितभारत
13 अग॰ 2026, 1:24 pm (40 दिन पहले)· 0

उत्तराखंड विवाद और खनन विधेयक मंजूरी के बीच संसद का मानसून सत्र 2026 अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

संसद के मानसून सत्र 2026 का समापन हो गया है। अंतिम दिन राज्यसभा में महत्वपूर्ण खान एवं खनिज संशोधन विधेयक पारित हुआ, जबकि उत्तराखंड में शुद्धिकरण हवन विवाद को लेकर दोनों सदनों में तीखी बहस देखने को मिली।

संसद के मानसून सत्र 2026 की कार्यवाही शुक्रवार को दोनों सदनों में अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। अंतिम दिन राज्यसभा में विधायी कार्यों के निपटारे के साथ-साथ उत्तराखंड के हल्द्वानी में आयोजित एक राजनीतिक कार्यक्रम के बाद हुए शुद्धिकरण हवन को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार बहस देखने को मिली। राष्ट्रगीत वंदे मातरम के गायन के साथ दोनों सदनों के सत्र का औपचारिक समापन किया गया।

राज्यसभा की कार्यवाही और खान संशोधन विधेयक का पारित होना

उच्च सदन राज्यसभा की बैठक शुक्रवार सुबह 11 बजे शुरू हुई। सभापति सी पी राधाकृष्णन ने सबसे पहले आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए। इसके तुरंत बाद उन्होंने शून्यकाल और प्रश्नकाल की नियमित कार्यवाही को स्थगित करने का निर्देश दिया। सभापति ने खान मंत्री जी किशन रेड्डी को 'खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026' पर चर्चा कराने और इसे पारित कराने का प्रस्ताव रखने को कहा।

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मंत्री जी किशन रेड्डी द्वारा पेश किए गए इस विधेयक पर सदन में संक्षिप्त चर्चा आयोजित की गई। चर्चा के अंत में मंत्री के विस्तृत उत्तर के पश्चात राज्यसभा ने इसे ध्वनिमत से मंजूरी दे दी। उल्लेखनीय है कि लोकसभा इस विधेयक को बुधवार को ही पारित कर चुकी थी। विधेयक पारित होने के बाद दोपहर 12 बज कर 5 मिनट पर सभापति सी पी राधाकृष्णन ने राष्ट्रगीत वंदे मातरम के बजाए जाने के साथ ही उच्च सदन की बैठक अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी।

उत्तराखंड के हल्द्वानी में शुद्धिकरण हवन पर खरगे के सवाल

सत्र के समापन के अवसर पर उत्तराखंड के हल्द्वानी में 8 अगस्त को आयोजित कांग्रेस की 'विजय शंखनाद' रैली का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। इस रैली को कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने संबोधित किया था। रैली के बाद रामलीला मैदान में श्रीराम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास की ओर से एक शुद्धि हवन का आयोजन किया गया था।

मल्लिकार्जुन खरगे ने इस घटनाक्रम पर कड़ा एतराज जताते हुए कहा कि सार्वजनिक रामलीला मैदान का उपयोग सभी राजनीतिक दल अपनी जनसभाओं के लिए करते हैं, ऐसे में वहां हवन कराने का औचित्य समझ से परे है। खरगे ने आरोप लगाया कि यह घटना दर्शाती है कि देश में दलितों के साथ भेदभाव की मानसिकता बनी हुई है और धर्म के नाम पर समाज को विभाजित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने इसे हिंदू धर्म के मूल सिद्धांतों के विपरीत और जातियों के बीच अनावश्यक तनाव पैदा करने वाला कदम बताया।

जेपी नड्डा का जवाब और जांच का आश्वासन

विपक्ष के नेता के आरोपों का जवाब देते हुए भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा ने राज्यसभा में अपनी बात रखी। जेपी नड्डा ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी उत्तराखंड में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली स्थल पर आयोजित कथित शुद्धिकरण जैसी किसी भी गतिविधि का समर्थन नहीं करती है।

जेपी नड्डा ने कहा कि इस घटनाक्रम से केवल विपक्षी दल ही नहीं, बल्कि पूरा देश चिंतित है। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि सरकार इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से ले रही है और मामले की संपूर्ण जांच कराई जाएगी ताकि सच्चाई सामने आ सके।

लोकसभा का अनिश्चितकालीन स्थगन और शीर्ष नेताओं की मौजूदगी

दूसरी ओर, लोकसभा की कार्यवाही भी शुक्रवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। सत्र के अंतिम दिन की शुरुआत पूरे वंदे मातरम गायन के साथ हुई। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह सहित भारतीय जनता पार्टी के कई वरिष्ठ नेता सदन में मौजूद रहे। वंदे मातरम गायन के समाप्त होते ही स्पीकर ओम बिरला ने लोकसभा के मानसून सत्र 2026 को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की औपचारिक घोषणा की।

सवाल-जवाब

संसद का मानसून सत्र 2026 कब अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुआ?
संसद का मानसून सत्र 2026 शुक्रवार को राज्यसभा और लोकसभा दोनों सदनों की कार्यवाही पूरी होने के बाद अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।
मानसून सत्र के अंतिम दिन राज्यसभा में कौन सा प्रमुख विधेयक पारित हुआ?
अंतिम दिन राज्यसभा में 'खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026' को ध्वनिमत से पारित किया गया।
उत्तराखंड का शुद्धिकरण विवाद क्या था?
हल्द्वानी के रामलीला मैदान में 8 अगस्त को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद श्रीराम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास द्वारा शुद्धिकरण हवन आयोजित किया गया था, जिस पर विपक्ष ने विरोध दर्ज कराया।
राज्यसभा में जेपी नड्डा ने हल्द्वानी विवाद पर क्या स्टैंड लिया?
बीजेपी नेता जेपी नड्डा ने कहा कि पार्टी इस तरह की गतिविधियों का समर्थन नहीं करती और इस पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जाएगी।
लोकसभा के समापन सत्र के दौरान कौन से प्रमुख नेता मौजूद थे?
लोकसभा के अंतिम दिन सत्र के समापन के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह सदन में मौजूद थे।
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