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वडोदरा में चल रही थी कुत्तों के नकली बिस्किट बनाने की अवैध फैक्ट्री, लाइसेंस रद्द होने के बाद भी हो रहा था खेलगुजरात
26 अक्तू॰ 2026, 5:08 pm (2 दिन पहले)· 1

वडोदरा में चल रही थी कुत्तों के नकली बिस्किट बनाने की अवैध फैक्ट्री, लाइसेंस रद्द होने के बाद भी हो रहा था खेल

गुजरात के वडोदरा में एक रिहायशी मकान के अंदर अवैध रूप से कुत्तों के बिस्किट बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने कार्रवाई करते हुए माल नष्ट कर दिया और इकाई को बंद करवा दिया।

गुजरात के वडोदरा शहर में खाद्य सुरक्षा नियमों की भारी अनदेखी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शहर के वाड़ी इलाके में एक रिहायशी मकान के भीतर पूरी तरह से अवैध तरीके से कुत्तों के बिस्किट तैयार करने की फैक्ट्री संचालित की जा रही थी। इस गैरकानूनी गतिविधि की शिकायत मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की एक टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान मौके पर कई गंभीर और चौंकाने वाली अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए वहां मौजूद सारे माल का मौके पर निपटान कराया और इस इकाई को पूरी तरह से बंद करने के कड़े निर्देश जारी किए।

रिहायशी इलाके में चल रहा था गैरकानूनी कारोबार

वडोदरा के वाड़ी क्षेत्र में घनी आबादी वाले रिहायशी इलाके के बीचों-बीच यह फैक्ट्री चुपचाप चलाई जा रही थी, जहां पालतू कुत्तों के लिए बिस्किट बनाने और उनकी पैकेजिंग का काम धड़ल्ले से चल रहा था। स्थानीय स्तर पर मिली शिकायत के आधार पर हरकत में आई खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने जब इस ठिकाने का निरीक्षण किया, तो पता चला कि यह पूरा काम बिना किसी वैध लाइसेंस और बिना किसी निर्धारित कानूनी मानक के चलाया जा रहा था। सबसे ज्यादा हैरानी की बात तो यह थी कि इन उत्पादों के पैकेट पर शाकाहारी होने का प्रतीक चिन्ह तो इस्तेमाल किया जा रहा था, लेकिन डिब्बों पर निर्माण यानी मैन्युफैक्चरिंग की तारीख और समाप्ति यानी एक्सपायरी डेट का कोई जिक्र ही नहीं था।

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लाइसेंस रद्द होने के बावजूद जारी था उत्पादन

खाद्य सुरक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, इस इकाई के खिलाफ पहले भी शिकायतें मिली थीं, जिसके आधार पर संबंधित फर्म का खाद्य लाइसेंस बहुत पहले ही रद्द कर दिया जा चुका था। इसके बावजूद फैक्ट्री संचालकों ने कानून की परवाह किए बिना अपना अवैध कारोबार बेधड़क जारी रखा। लाइसेंस रद्द होने के बाद भी धंधा बंद न होने की पुख्ता जानकारी मिलने पर विभाग ने दोबारा औचक निरीक्षण किया। इस दूसरी छापेमारी के बाद मौके पर पड़े तमाम संदिग्ध माल को नष्ट कराया गया और यूनिट को तत्काल प्रभाव से बंद करवा दिया गया। इस पूरे मामले में खाद्य सुरक्षा विभाग की तरफ से अब औपचारिक रूप से कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।

अधिकारियों का बयान और अन्य बड़ी कार्रवाई

इस पूरे मामले पर जानकारी देते हुए वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी अंकुर शाह ने बताया कि इस अवैध फैक्ट्री में शाकाहारी प्रतीक का गलत तरीके से इस्तेमाल हो रहा था और उत्पाद के पैकेटों पर निर्माण तथा समाप्ति की कोई तारीख दर्ज नहीं थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पूर्व में शिकायत मिलने के कारण इनका खाद्य लाइसेंस पहले ही निरस्त किया जा चुका था, लेकिन इसके बावजूद अवैध रूप से काम लगातार चलाया जा रहा था। आज दोबारा निरीक्षण करके मौके पर मिले सभी सामान को नष्ट करा दिया गया है और संबंधित इकाई को अपना कामकाज पूरी तरह से बंद करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

एक अन्य अलग घटनाक्रम में, शुक्रवार को गुजरात के दो प्रमुख शहरों में बुलडोजर और रोड रोलर का इस्तेमाल करके 4 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की अवैध शराब की बोतलों और कैन को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया। आपको बता दें कि गुजरात एक आधिकारिक रूप से ड्राई स्टेट यानी शराब-मुक्त राज्य है, जहां राज्य के भीतर शराब के निर्माण, बिक्री, अपने पास रखने और उसके सेवन पर पूरी तरह से कानूनी पाबंदी लागू है। इसी नियम के तहत जामनगर शहर में कुल 2.03 करोड़ रुपये की अवैध शराब नष्ट की गई, जबकि वडोदरा शहर में ही 2.91 करोड़ रुपये की शराब और अन्य मादक नशीले पेय पदार्थों को भारी मात्रा में तहस-नहस किया गया।

सवाल-जवाब

वडोदरा में अवैध फैक्ट्री कहां चल रही थी?
यह अवैध फैक्ट्री वडोदरा शहर के वाड़ी इलाके में एक रिहायशी मकान के अंदर चलाई जा रही थी।
फैक्ट्री में क्या तैयार किया जा रहा था?
इस अवैध इकाई के भीतर कुत्तों के बिस्किट बनाने और उनकी पैकेजिंग का काम किया जा रहा था।
इस मामले की जानकारी अधिकारियों को कैसे मिली?
शिकायत मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर औचक निरीक्षण किया था।
फैक्ट्री के पास लाइसेंस क्यों नहीं था?
पहले मिली शिकायतों के आधार पर संबंधित इकाई का खाद्य लाइसेंस पहले ही रद्द कर दिया गया था।
इस मामले में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी कौन हैं?
अंकुर शाह इस मामले में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी हैं जिन्होंने पूरी कार्रवाई की जानकारी दी।
गुजरात के दो शहरों में किस चीज को नष्ट किया गया?
गुजरात के वडोदरा और जामनगर में 4 करोड़ रुपये से अधिक कीमत की अवैध शराब की बोतलों और कैन को नष्ट किया गया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Tanvi Desai@tanvi-desai·2 दिन पहले

मेरे पास जो लैब्राडोर है, उसके लिए मैं हमेशा पैकेट पर एक्सपायरी डेट देखकर ही बिस्किट लाती हूँ। वडोदरा की इस घटना को पढ़कर रोंगटे खड़े हो गए कि लोग बेज़ुबान जानवरों की सेहत के साथ ऐसा खिलवाड़ कैसे कर सकते हैं।

Ravikash Gupta@ravikash·2 दिन पहले

मेरे एक दोस्त ने अपने पप्पी के लिए ऐसे ही खुले में बिकने वाले बिस्किट ले लिए थे, उसके बाद से उसकी तबियत खराब हो गई थी। लोग पैसों के चक्कर में बेजुबान जानवरों की जान से भी खिलवाड़ कर रहे हैं।

Arjun Mehta@arjun-mehta·2 दिन पहले

रविकेश जी, आपकी बात बिल्कुल सही है। फूड सेफ्टी अथॉरिटी को ऐसे मामलों में लाइसेंस रद्द करने के बाद सीधे ताला लगाकर पुलिस कार्रवाई करनी चाहिए, वरना ये लोग बाज नहीं आएंगे।

Rohan Verma@rohan-verma·2 दिन पहले

अंकुर शाह ठीक कह रहे हैं, जब लाइसेंस पहले ही रद्द हो चुका था तो फिर दोबारा छापेमारी की नौबत ही क्यों आने दी गई?

Karan Malhotra@karan-malhotra·2 दिन पहले

रोहन भाई, सही कहा आपने। पिछली बार जब मैं वाड़ी गया था, तब भी लोगों ने ऐसी ही लापरवाही की शिकायत की थी।

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