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विकसित भारत का मार्ग समृद्ध बंगाल से तय होगा, 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का संबोधनपश्चिम बंगाल
15 अग॰ 2026, 8:01 pm (28 दिन पहले)· 2

विकसित भारत का मार्ग समृद्ध बंगाल से तय होगा, 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का संबोधन

कोलकाता के रेड रोड पर आयोजित 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने ध्वजारोहण किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य के सर्वांगीण विकास से ही देश के 2047 के विकसित भारत लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

कोलकाता के ऐतिहासिक रेड रोड पर आयोजित 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और प्रदेशवासियों को संबोधित किया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत को एक समृद्ध और विकसित राष्ट्र बनाने का सपना तब तक पूरा नहीं हो सकता जब तक देश का प्रत्येक राज्य अपनी पूरी क्षमता से प्रगति न करे। उन्होंने जोर देकर कहा कि एक समृद्ध और सशक्त पश्चिम बंगाल ही विकसित भारत के लक्ष्य की असली कुंजी है। इस अवसर पर राज्य में सुरक्षा, सुशासन और प्रशासनिक पारदर्शिता को सुदृढ़ करने के संकल्प को दोहराते हुए उन्होंने बंगाल के प्राचीन सामाजिक और आर्थिक गौरव को पुनर्जीवित करने का आह्वान किया।

समग्र विकास और राजनीतिक एकजुटता का आह्वान

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदेश के पुराने गौरव और सांस्कृतिक समृद्धि को वापस लाना है। उन्होंने राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा करने, महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने और नागरिकों की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर विशेष बल दिया। कानून और व्यवस्था की स्थिति को बेहतर बनाते हुए राज्य के हर कोने में बुनियादी ढाँचे और सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं को पहुँचाने का वादा किया गया। मुख्यमंत्री ने समाज के सभी वर्गों और राजनीतिक दलों से अपील की कि वे आपसी मतभेदों और राजनीतिक विभाजन से ऊपर उठकर पश्चिम बंगाल को देश का अग्रणी आर्थिक और औद्योगिक केंद्र बनाने में योगदान दें।

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विभाजन के दौर के जननायकों और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि

अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम और देश के विभाजन के दौर की ऐतिहासिक घटनाओं का स्मरण किया। उन्होंने भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी और भारत सेवाश्रम संघ के संस्थापक स्वामी प्रणवानंद के ऐतिहासिक योगदान की सराहना की। मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि विभाजन के अत्यंत कठिन समय में इन महान व्यक्तित्वों के दूरदर्शी प्रयासों के कारण ही बंगाल का यह महत्वपूर्ण हिस्सा भारत का अभिन्न अंग बना रहा। इसके साथ ही उन्होंने बंगाल की पावन भूमि से जुड़े स्वतंत्रता संग्राम के नायकों ऋषि अरविंद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और खुदीराम बोस को नमन किया। उन्होंने मातंगिनी हाजरा और बीना दास जैसी वीरांगनाओं के अदम्य साहस और बलिदान को भी याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष और ऐतिहासिक संगीतमय प्रस्तुति

इस वर्ष का स्वतंत्रता दिवस समारोह एक विशेष ऐतिहासिक घटना का साक्षी भी बना। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित कालजयी राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में राज्य के मुख्य समारोह में पहली बार एक अभूतपूर्व परंपरा की शुरुआत की गई। रेड रोड पर आयोजित आधिकारिक कार्यक्रम में राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' को राष्ट्रगान 'जन गण मन' के साथ संयुक्त रूप से बजाया गया। इस गौरवमयी प्रस्तुति ने पूरे समारोह स्थल को देशभक्ति के उत्साह से सराबोर कर दिया और उपस्थित जनसमूह के आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी।

14 आईपीएस अधिकारियों का सम्मान और भव्य परेड

राष्ट्रीय ध्वज फहराने से पूर्व मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने परेड स्थल पर पहुँचकर गार्ड ऑफ ऑनर का सूक्ष्म निरीक्षण किया और सलामी स्वीकार की। उत्कृष्ट एवं निष्ठावान सेवाओं के लिए राज्य के 14 आईपीएस अधिकारियों को पुलिस पदक एवं सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया। समारोह के मुख्य आकर्षणों में कोलकाता पुलिस, भारतीय रक्षा बलों तथा विभिन्न अर्धसैनिक बलों की सशस्त्र टुकड़ियों का अनुशासित और भव्य संयुक्त मार्च पास्ट शामिल था, जिसने सुरक्षा बलों की परिचालन दक्षता और अनुशासन का प्रदर्शन किया।

झांकियों के माध्यम से योजनाओं और सांस्कृतिक धरोहर का प्रदर्शन

रेड रोड पर आयोजित भव्य परेड में विभिन्न सरकारी विभागों और नागरिक निकायों द्वारा निकाली गई रंग-बिरंगी झांकियाँ मुख्य आकर्षण रहीं। परेड में डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती को समर्पित विशेष झांकी ने सभी का ध्यान खींचा। इसके अतिरिक्त अन्नामृत मिड-डे मील योजना, कन्यारत्न, अन्नपूर्णा योजना, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, दुर्गाशक्ति वाहिनी, कोलकाता पुलिस और कोलकाता नगर निगम की उपलब्धियों को दर्शाने वाली झांकियाँ भी प्रदर्शित की गईं। राज्य के परिवहन एवं पर्यटन विभागों ने अपनी दो विशेष झांकियों के जरिए पश्चिम बंगाल की समृद्ध पर्यटन विरासत, ऐतिहासिक स्थलों और सड़क सुरक्षा संबंधी जागरूकता अभियानों को प्रस्तुत किया।

नेताजी प्रतिमा और पुलिस स्मारक पर पुष्पांजलि

समारोह के समापन के पश्चात मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रेड रोड स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भव्य प्रतिमा पर जाकर पुष्पांजलि अर्पित की और उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद वे रेड रोड पर स्थित पुलिस स्मारक पहुँचे, जहाँ उन्होंने कर्तव्य पालन के दौरान अपने प्राण न्यौछावर करने वाले अमर शहीद पुलिसकर्मियों को नमन किया। इस प्रकार 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह देशभक्ति, सांस्कृतिक चेतना और राज्य के निरंतर विकास के नए संकल्पों के साथ संपन्न हुआ।

सवाल-जवाब

80वें स्वतंत्रता दिवस पर पश्चिम बंगाल का राज्य स्तरीय समारोह कहाँ आयोजित हुआ?
पश्चिम बंगाल का राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह कोलकाता के ऐतिहासिक रेड रोड पर आयोजित किया गया।
समारोह में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का मुख्य संदेश क्या था?
मुख्यमंत्री ने कहा कि समृद्ध और विकसित पश्चिम बंगाल ही विकसित भारत के लक्ष्य की असली कुंजी है, और राज्य के समग्र विकास का आह्वान किया।
विभाजन के दौरान बंगाल को भारत का हिस्सा बनाए रखने के लिए किन नेताओं को याद किया गया?
भाषण में भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी और भारत सेवाश्रम संघ के संस्थापक स्वामी प्रणवानंद के ऐतिहासिक प्रयासों को याद किया गया।
इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस समारोह की संगीतमय विशेषता क्या थी?
राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' की 150वीं वर्षगांठ पर पहली बार इसे स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्रगान 'जन गण मन' के साथ संयुक्त रूप से बजाया गया।
समारोह के दौरान कितने आईपीएस अधिकारियों को सम्मानित किया गया?
उत्कृष्ट एवं निष्ठावान सेवाओं के लिए 14 आईपीएस अधिकारियों को पुलिस पदक देकर सम्मानित किया गया।
रेड रोड परेड में कौन-कौन सी मुख्य झांकियाँ प्रदर्शित की गईं?
डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती की झांकी के अलावा अन्नामृत, कन्यारत्न, अन्नपूर्णा, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, दुर्गाशक्ति वाहिनी और पर्यटन-परिवहन विभाग की झांकियाँ प्रदर्शित की गईं।
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टिप्पणियाँ 5

Priya Sharma@priya-sharma·27 दिन पहले

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर बंगाल की सांस्कृतिक विरासत और औद्योगिक पुनरुद्धार पर जोर देना आधुनिक समाज के लिए एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक बदलाव का संकेत है। वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर ऐतिहासिक प्रसंगों को जोड़ना राज्य की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने और युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने की दिशा में एक प्रभावी कदम है, जो भविष्य के सामाजिक ताने-बाने को आकार देगा।

Ravikash Gupta@ravikash·27 दिन पहले

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत आर्थिक और औद्योगिक केंद्र बनने का यह संकल्प राज्य के वित्तीय परिदृश्य के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ हो सकता है। यदि बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और निवेश अनुकूल माहौल बनाने की इन घोषणाओं को ज़मीन पर उतारा गया, तो यह पूर्वी भारत को राष्ट्रीय व्यापार का एक नया इंजन बना सकता है, जिससे रोजगार और कॉर्पोरेट विकास को तीव्र गति मिलेगी।

Arjun Mehta@arjun-mehta·27 दिन पहले

शुभेंदु अधिकारी का यह संबोधन केवल एक पारंपरिक स्वतंत्रता दिवस भाषण नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय विकास एजेंडे के साथ क्षेत्रीय राजनीति को जोड़ने की एक रणनीतिक पहल है। विशेषकर 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर ऐतिहासिक हस्तियों का स्मरण करना और श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान को रेखांकित करना वैचारिक ध्रुवीकरण और बंगाल की सांस्कृतिक राजनीति में एक बड़ा संदेश देता है। आने वाले समय में यह देखना होगा कि शासन, सुशासन और प्रशासनिक पारदर्शिता के इन वादों को ज़मीनी स्तर पर लागू करने में राज्य सरकार को प्रशासनिक और राजनीतिक मोर्चे पर किस प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

Rohan Verma@rohan-verma·28 दिन पहले

शुभेंदु अधिकारी का यह संबोधन केवल स्वतंत्रता दिवस का पारंपरिक भाषण नहीं है, बल्कि बंगाल की राजनीति में एक नए वैचारिक और प्रशासनिक एजेंडे की सुगबुगाहट है। राष्ट्रीय विकास के साथ क्षेत्रीय प्रगति को जोड़ना और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी व वंदे मातरम् के 150 वर्षों का उल्लेख करना यह संकेत देता है कि आने वाले दिनों में राज्य की सांस्कृतिक और राजनीतिक दिशा में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है, जिसका असर राष्ट्रीय फलक पर भी होगा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·28 दिन पहले

एक अपराध संवाददाता और कानून-व्यवस्था के विश्लेषक के रूप में, मुख्यमंत्री द्वारा सार्वजनिक सुरक्षा, प्रशासनिक पारदर्शिता और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के संकल्प पर विशेष बल देना बेहद महत्वपूर्ण है। जब राज्य का शीर्ष नेतृत्व सुरक्षा व्यवस्था और सुशासन को प्राथमिकता बनाता है, तो उसका सीधा प्रभाव आपराधिक न्याय प्रणाली, पुलिसिंग और जमीनी स्तर पर सार्वजनिक सुरक्षा पर पड़ता है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि प्रशासनिक मशीनरी इन सुरक्षा वादों को किस प्रकार धरातल पर उतारती है।

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