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पश्चिम बंगाल के आसनसोल में भारी बारिश से हाहाकार, रेलपार इलाके में जलभराव के बाद छतों पर शरण लेने को मजबूर हुए लोगपश्चिम बंगाल
18 अग॰ 2026, 3:02 pm (25 दिन पहले)· 2

पश्चिम बंगाल के आसनसोल में भारी बारिश से हाहाकार, रेलपार इलाके में जलभराव के बाद छतों पर शरण लेने को मजबूर हुए लोग

पश्चिम बंगाल के आसनसोल में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। रेलपार इलाके में पानी 5 से 10 फीट तक भर जाने के बाद लोगों को अपनी जान बचाने के लिए छतों का सहारा लेना पड़ा, जबकि प्रशासन और बचाव टीमें राहत कार्यों में जुटी हैं।

पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्दवान जिले में हुई भारी बारिश ने भयानक तबाही मचाई है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह से थम गया है। पश्चिम बंगाल के आसनसोल शहर के रेलपार इलाके में लगातार हुई बारिश के कारण भयंकर जलभराव हो गया है। हालात इतने विकट हो चुके हैं कि कई रिहायशी क्षेत्रों में पानी का स्तर करीब 5 से 10 फीट तक पहुंच गया है। जलमग्न हुए इन इलाकों में स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि स्थानीय परिवारों को अपने घरों को छोड़कर मजबूरन ऊपरी मंजिलों और छतों पर शरण लेनी पड़ी। बहुमंजिला मकानों के ऊपरी हिस्सों में लोगों ने अपनी रातें काटीं, जबकि कई अन्य परिवारों के पास अपनी जान बचाने के लिए केवल छत का ही एकमात्र सहारा बचा था। इस आपदा ने लोगों को अपने ही घरों में कैद होने के लिए मजबूर कर दिया है।

प्रशासन और रेस्क्यू टीमों का राहत अभियान

जैसे ही इस प्राकृतिक आपदा की सूचना जिला प्रशासन तक पहुंची, वैसे ही आसनसोल नगर निगम और सिविल डिफेंस की रेस्क्यू टीमों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए बड़े पैमाने पर राहत व बचाव अभियान शुरू किया। पानी से पूरी तरह डूबे हुए घरों के अंदर फंसे लोगों को नावों और आधुनिक सुरक्षा उपकरणों की सहायता से सुरक्षित बाहर निकालकर पास के राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है। भयंकर जलजमाव के चलते घरों के भीतर रखा हुआ जरूरी सामान भी पानी में डूबकर खराब हो गया है, जिससे प्रभावित लोगों के सामने एक बार फिर से सामान्य जीवन शुरू करने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। पानी का स्तर लगातार बढ़ने के कारण परिवारों ने सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करना शुरू कर दिया है।

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राहत सामग्री का वितरण और स्थानीय आक्रोश

बचाव दल लगातार पानी में डूबे घरों से नागरिकों को निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा रहे हैं। इसके साथ ही, आपदा से प्रभावित परिवारों के बीच खाद्य सामग्री और अन्य जरूरी राहत सामानों का वितरण भी शुरू कर दिया गया है। विभिन्न सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता भी आगे आकर पीड़ित लोगों को भोजन और आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध करा रहे हैं। हालांकि, इस भीषण जलभराव और प्रशासन की शुरुआती प्रतिक्रिया को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी नाराजगी भी देखने को मिल रही है। गुस्से में आए स्थानीय लोगों ने मांग की है कि प्रशासन जल्द से जल्द पानी की निकासी की मुकम्मल व्यवस्था करे और राहत कार्यों में तेजी लाए ताकि उन्हें इस मुसीबत से जल्द राहत मिल सके।

पहाड़ी इलाकों में भी लैंडस्लाइड का कहर

एक तरफ जहां पश्चिम बंगाल के मैदानी इलाकों में मूसलाधार बारिश और जलभराव ने तबाही मचा रखी है, वहीं दूसरी तरफ पहाड़ी क्षेत्रों में भी हालात कम डरावने नहीं हैं। बीते रविवार को पश्चिम बंगाल के कालिम्पोंग शहर से बिंदु की ओर जाने वाले महत्वपूर्ण स्टेट हाईवे पर अचानक एक बड़ा लैंडस्लाइड हो गया, जिससे पहाड़ी मार्ग पर आवागमन प्रभावित हुआ। गनीमत यह रही कि इस भूस्खलन की चपेट में आने से किसी भी प्रकार की जानमाल की हानि नहीं हुई और सभी लोग सुरक्षित बच गए। मौसम की इस दोहरी मार ने राज्यभर में चिंता बढ़ा दी है।

सवाल-जवाब

आसनसोल में किस इलाके में सबसे ज्यादा जलभराव हुआ है?
आसनसोल के रेलपार इलाके में लगातार बारिश के कारण भारी जलभराव हुआ है।
पानी का स्तर कितना गहरा पहुंच गया था?
कुछ इलाकों में पानी की गहराई करीब 5 से 10 फीट तक पहुंच गई थी।
प्रभावित लोगों को बचाने के लिए कौन सी टीमें जुटी हैं?
जिला प्रशासन, आसनसोल नगर निगम और सिविल डिफेंस की रेस्क्यू टीमें राहत व बचाव अभियान चला रही हैं।
पश्चिम बंगाल में हाल ही में लैंडस्लाइड कहां हुआ है?
कालिम्पोंग शहर से बिंदु जाने वाले स्टेट हाईवे पर बीते रविवार को लैंडस्लाइड हुआ है।
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