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पश्चिम बंगाल के तारापीठ में बिदिशिनी होटल में भीषण आग से 6 श्रद्धालुओं की जलकर मौतपश्चिम बंगाल
17 अग॰ 2026, 9:01 am (27 दिन पहले)· 3

पश्चिम बंगाल के तारापीठ में बिदिशिनी होटल में भीषण आग से 6 श्रद्धालुओं की जलकर मौत

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में स्थित प्रसिद्ध तीर्थस्थल तारापीठ के बिदिशिनी होटल में सोमवार तड़के आग लगने से 6 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए।

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में स्थित प्रसिद्ध तीर्थस्थल तारापीठ के एक निजी होटल में सोमवार सुबह अचानक भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में होटल के कमरों में सो रहे 6 लोगों की जिंदा जलने से मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। सावन के सोमवार के मौके पर तारापीठ मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालु इस होटल में ठहरे हुए थे।

हादसे का शिकार हुआ बिदिशिनी होटल

यह दुखद घटना तारापीठ थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक तालाब के पास स्थित बिदिशिनी नाम के निजी होटल में हुई। यह इमारत पुलिस स्टेशन से थोड़ी ही दूरी पर मौजूद है। आग होटल की भूतल यानी ग्राउंड फ्लोर से शुरू हुई और देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। जिस समय आग फैली, उस वक्त ज्यादातर मेहमान अपने कमरों में सो रहे थे, जिससे उन्हें बाहर निकलने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका।

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दमकल और पुलिस प्रशासन की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां और राहत कर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। स्थानीय तारापीठ पुलिस और रामपुरहाट थाने की पुलिस टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई। सुरक्षाकर्मियों ने झुलसे हुए कई अन्य लोगों को होटल से बाहर निकाला और इलाज के लिए तुरंत रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया।

शॉर्ट सर्किट बनी आग की प्राथमिक वजह

फायर ब्रिगेड की शुरुआती जांच के अनुसार, इमारत में आग लगने का मुख्य कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। आग इतनी भीषण थी कि जान गंवाने वाले 6 लोगों के शव बुरी तरह झुलस चुके हैं, जिसकी वजह से फिलहाल उनकी पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस प्रशासन मृतकों की शिनाख्त कराने और हादसे के कारणों की गहन जांच में जुटा हुआ है।

सवाल-जवाब

तारापीठ होटल अग्निकांड में कितने लोगों की मौत हुई है?
इस हादसे में 6 श्रद्धालुओं की जलने से मौत हो गई है और कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
आग किस होटल में और कहां पर लगी थी?
यह आग बीरभूम जिले के तारापीठ थाना क्षेत्र स्थित 'बिदिशिनी' नाम के एक निजी होटल के ग्राउंड फ्लोर पर लगी थी।
घायलों को इलाज के लिए कहां भर्ती कराया गया है?
बचाए गए घायलों को इलाज के लिए रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आग लगने की प्राथमिक वजह क्या बताई जा रही है?
फायर ब्रिगेड के शुरुआती आंकलन के मुताबिक आग लगने की मुख्य वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट हो सकती है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·26 दिन पहले

यह दर्दनाक हादसा देश भर के पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर कमर्शियल भवनों में अग्नि सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी को बेनकाब करता है। सावन जैसे व्यस्त सीजन में जब तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ होती है, तब होटलों में शॉर्ट सर्किट जैसी शुरुआती वजहों से इतनी बड़ी जनहानि प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। इस घटना के बाद जिला प्रशासन और अग्निशमन विभाग को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी कमर्शियल और निजी आवास इकाइयों में अनिवार्य फायर ऑडिट हो और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

Karan Malhotra@karan-malhotra·26 दिन पहले

इस दुर्घटना की गंभीरता इस बात में है कि पुलिस थाने के पास स्थित होने के बावजूद शुरुआती बचाव कार्य में समय लगा, जो प्रशासनिक समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया दल की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। मेरी जाँच और कानूनी मामलों के अनुभव के अनुसार, ऐसे मामलों में केवल फायर ऑडिट कागजों तक सीमित रह जाते हैं। यदि शुरुआती जाँच में शॉर्ट सर्किट मुख्य वजह पाई गई है, तो पुलिस को होटल प्रबंधन के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की धाराओं के तहत सख्त आपराधिक मुकदमा दर्ज करना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही पर रोक लग सके।

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