राजस्थान के खैरथल-तिजारा में साइबर ठगी की जांच के दौरान बड़ा हादसा, पुलिस की मौजूदगी में युवक ने लगाया फंदाउत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव 2026: भाजपा ने बनाई बढ़त, सपा ने दी कड़ी टक्कर; सीएम योगी आदित्यनाथ ने दी बधाईपारे की सतह पर सोना बनाने का दावा, राजस्थान के वैज्ञानिक लाल बहादुर के प्रयोग की शुरू हुई वैज्ञानिक जांचफरीदाबाद में फर्जी जॉब ऑफर के ज़रिए 89750 रुपये की साइबर ठगी, गाजियाबाद के 3 आरोपी गिरफ्तारराजस्थान के डीग में पंचायत चुनाव के दौरान भड़की हिंसा, सरपंच प्रत्याशियों के गुटों में पथराव से कई घायलयूडीपी से पाला बदलकर एनपीपी में शामिल हुए दो विधायक, मेघालय में बदला राजनीतिक गणित500 करोड़ के ऑडियो क्लिप मामले पर बोले मनोज जरांगे, जांच न होने पर 29 तारीख को दी सीधे टकराव की चेतावनीइलाहाबाद हाई कोर्ट दो पैन कार्ड मामले में आजम खान और अब्दुल्ला आजम पर आदेश सुरक्षित करने के बाद निर्णय देगा29 अक्टूबर को चंद्रमा का मिथुन राशि में प्रवेश, इन 7 राशियों के खुलेंगे उन्नति के द्वारमैनपुरी विधानसभा सीट का तीन दशक का इतिहास और 2027 के भावी सियासी समीकरण
पश्चिम बंगाल में ईसाइयों पर कथित अत्याचार पर सियासी घमासान: केसी वेणुगोपाल ने अमित शाह को पत्र लिखकर की सख्त कार्रवाई की मांगपश्चिम बंगाल
24 अक्तू॰ 2026, 9:49 pm (4 दिन पहले)· 4

पश्चिम बंगाल में ईसाइयों पर कथित अत्याचार पर सियासी घमासान: केसी वेणुगोपाल ने अमित शाह को पत्र लिखकर की सख्त कार्रवाई की मांग

पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर में तीन ईसाई परिवारों पर हमले और जबरन धर्म परिवर्तन के दबाव का मामला सामने आया है। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने गृह मंत्री अमित शाह से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है।

पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले में तीन ईसाई परिवारों के साथ हुई कथित हिंसा और धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश की घटना के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद और लोक लेखा समिति के अध्यक्ष केसी वेणुगोपाल ने इस पूरे मामले पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक औपचारिक पत्र सौंपा है। इस पत्र में उन्होंने पश्चिम बंगाल के चंद्रकोणा क्षेत्र में घटित घटना में तत्काल केंद्रीय हस्तक्षेप, दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी और पीड़ितों को पूर्ण सुरक्षा प्रदान करने की जोरदार मांग की है।

पश्चिम मेदिनीपुर के पटलापुर गांव में क्या हुआ?

यह पूरा मामला पश्चिम मेदिनीपुर जिले के चंद्रकोणा पुलिस स्टेशन की सीमा में आने वाले पटलापुर गांव से सामने आया है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि 18 अक्टूबर से 20 अक्टूबर के बीच, जब राज्य में दुर्गा पूजा का उत्सव चल रहा था, तब तीन ईसाई परिवारों को निशाना बनाया गया। इन परिवारों में कुल नौ सदस्य शामिल हैं, जिन्हें लगातार शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। आरोप है कि हमलावरों ने उन पर अपना धर्म छोड़कर हिंदू धर्म अपनाने का अत्यधिक दबाव बनाया और मना करने पर उनके साथ मारपीट की गई।

ये भी पढ़ें

अंजली, 'शुद्धिकरण' और जान से मारने की धमकियां

केंद्रीय गृह मंत्री को लिखे अपने दो पन्नों के विस्तृत पत्र में केसी वेणुगोपाल ने घटना की भयावहता का विवरण दिया है। पत्र के अनुसार, जब इन परिवारों ने अपना धर्म बदलने से स्पष्ट इनकार कर दिया, तो उनके साथ बर्बरता की गई। इस हमले में एक महिला के सिर पर गंभीर चोट लगी, जिससे वह मौके पर ही अचेत हो गई। इसके अलावा, एक 15 साल की किशोरी के साथ भी बदसलूकी की गई, उसका गला दबाया गया और उसे किडनैप करने के साथ-साथ दुष्कर्म करने की धमकी दी गई।

घटना का एक अन्य दुखद पहलू 19 अक्टूबर को सामने आया, जब इन तीनों परिवारों को पड़ोसी गांव डिंगल के दुर्गा पूजा पंडाल में जबरन ले जाया गया। वहां भीड़ के सामने उनसे सार्वजनिक रूप से अंजली अर्पित करवाई गई और 'शुद्धिकरण' की रस्म निभाने पर मजबूर किया गया। पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि उन्हें यह चेतावनी भी दी गई कि अगर वे मामले की शिकायत लेकर पुलिस के पास गए, तो पूरे परिवार को जिंदा जला दिया जाएगा।

पुलिसिया कार्रवाई और एफआईआर का ब्योरा

कांग्रेस सांसद ने अपनी चिट्ठी में स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि घटना के पहले ही दिन पीड़ितों द्वारा शिकायत दर्ज कराने के बावजूद पुलिस प्रशासन ने कोई त्वरित और प्रभावकारी कदम नहीं उठाया। जब पीड़ितों ने एक कानूनी सलाहकार की मदद ली और वकील के हस्तक्षेप के बाद दबाव बढ़ा, तब जाकर 20 अक्टूबर को 13 नामजद आरोपियों के खिलाफ औपचारिक रूप से प्राथमिक दर्ज की गई।

दर्ज मामले में भारतीय न्याय संहिता 2023 की गंभीर धाराएं शामिल की गई हैं। इसमें हत्या का प्रयास, अनधिकृत प्रवेश, महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाना, अभद्रता का प्रयास, आपराधिक धमकी और चोरी जैसे अपराध शामिल हैं। वेणुगोपाल ने मांग की है कि इन कठोर धाराओं के तहत सभी आरोपियों को अविलंब गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। दूसरी ओर, स्थानीय पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नौ पीड़ितों की लिखित शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच जारी होने के कारण फिलहाल आरोपियों के नामों का खुलासा नहीं किया गया है।

संवैधानिक अधिकारों और धर्मनिरपेक्षता पर केसी वेणुगोपाल का रुख

अपने पत्र में वेणुगोपाल ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 का विशेष उल्लेख किया, जो देश के प्रत्येक नागरिक को अपनी इच्छा अनुसार किसी भी धर्म को मानने, उसका आचरण करने और प्रचार करने की पूर्ण स्वतंत्रता देता है। उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा का त्योहार बंगाल में हमेशा से ही सभी धर्मों के लोगों के बीच भाईचारे और समावेशी संस्कृति का प्रतीक रहा है। इस प्रकार की हिंसक घटनाएं न तो हिंदू धर्म की मूल भावना को दर्शाती हैं और न ही बंगाल की समृद्ध परंपराओं से मेल खाती हैं। उन्होंने समाज में नफरत फैलाने वाले और धार्मिक मामलों में बल प्रयोग करने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अपील की है।

सवाल-जवाब

पश्चिम बंगाल के किस जिले में यह घटना घटी?
यह घटना पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले के चंद्रकोणा थाना क्षेत्र स्थित पटलापुर गांव में घटी।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को किसने पत्र लिखा है?
वरिष्ठ कांग्रेस सांसद और लोक लेखा समिति (PAC) के अध्यक्ष केसी वेणुगोपाल ने अमित शाह को पत्र लिखा है।
मामले में एफआईआर कब और कितने लोगों के खिलाफ दर्ज की गई?
वकील के दखल के बाद 20 अक्टूबर को 13 नामजद लोगों के खिलाफ औपचारिक एफआईआर दर्ज की गई।
पत्र में भारतीय संविधान की किस धारा का उल्लेख किया गया है?
पत्र में संविधान के अनुच्छेद 25 का उल्लेख किया गया है, जो धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार प्रदान करता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Priya Sharma@priya-sharma·4 दिन पहले

एक पंद्रह साल की लड़की को डराना और उसका गला दबाना पढ़कर रोंगटे खड़े हो गए। किसी भी त्योहार या आस्था के नाम पर बच्चों को इस तरह निशाना बनाना बेहद डरावना है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·4 दिन पहले

पश्चिम बंगाल में इस तरह धर्म बदलने का दबाव बनाने और मारपीट की घटना पर सियासत तो तेज़ हो गई है, पर क्या पुलिस पहले दिन ही सख्त कदम उठाती तो ये सब टल सकता था?

Ravikash Gupta@ravikash·4 दिन पहले

अर्जुन, बिल्कुल सही कहा आपने। पुलिस अगर पहले दिन ही एक्शन ले लेती, तो इन परिवारों को यूं सबके सामने बेइज्जती और धमकियां नहीं झेलनी पड़तीं।

Karan Malhotra@karan-malhotra·4 दिन पहले

धर्म बदलने का दबाव बनाकर इस तरह मारपीट करना और वो भी पुलिस के हाथ पर हाथ धरे बैठने पर, बहुत डरावना है। कानून-व्यवस्था की ऐसी लापरवाही पर तो तुरंत गाज गिरनी चाहिए, वरना ऐसे दबंगों के हौसले और बढ़ जाएंगे।

Rohan Verma@rohan-verma·4 दिन पहले

करण भाई, बिल्कुल सही कहा आपने। पुलिस की ऐसी ढिलाई रही तो दबंगों के हौसले और बढ़ेंगे ही।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp