दिल्ली की सड़कों पर एक बार फिर छात्रों और पुलिस के बीच टकराव की तस्वीरें सामने आई हैं, और इस पर आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
केजरीवाल ने पोस्ट में क्या लिखा
अरविंद केजरीवाल ने अपने एक्स हैंडल से पोस्ट करते हुए लिखा कि देश के बच्चों पर लाठीचार्ज किया जा रहा है और उन पर आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली में सुधार करने के बजाय सीधे देश के युवाओं पर ही हमला बोल दिया है। पोस्ट में उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में लिखा, "युवा मोदी जी का अहंकार कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।" इस एक लाइन के जरिए उन्होंने साफ कर दिया कि यह मुद्दा सिर्फ मौजूदा घटना तक सीमित नहीं, बल्कि आने वाले दिनों में बड़े राजनीतिक टकराव का कारण बन सकता है।
प्रदर्शन और सुरक्षाबलों की कार्रवाई
केजरीवाल की पोस्ट पर आई प्रतिक्रियाओं से यह भी संकेत मिलता है कि यह घटनाक्रम जंतर मंतर पर हुए एक बड़े छात्र प्रदर्शन से जुड़ा है, जहां बड़ी संख्या में युवा अपनी मांगों को लेकर जमा हुए थे। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने दावा किया कि प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों की बात सुनने के बजाय उन पर बलपूर्वक कार्रवाई करवाई। कुछ प्रतिक्रियाओं में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का नाम भी लिया गया, और मांग की गई कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों पर कार्रवाई करने के बजाय जवाबदेही तय की जाए।
देश के अन्य हिस्सों में हाल की ऐसी घटनाएं
गौरतलब है कि पिछले कुछ हफ्तों में देश के अलग-अलग हिस्सों में पुलिस द्वारा आंसू गैस के इस्तेमाल की घटनाएं सामने आती रही हैं। मध्य प्रदेश के दतिया में नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों के हंगामे के दौरान पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे थे। इससे पहले बिहार में पाटलिपुत्र स्टेशन पर छात्रों के हिंसक प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ हुई थी, जिसके बाद पुलिस ने वहां भी आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इसके अलावा पंजाब की कपूरथला जेल में कैदियों के बीच झड़प के दौरान दीवार तोड़े जाने और फायरिंग की घटना के बाद पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े थे। ये सभी घटनाएं अलग-अलग कारणों और परिस्थितियों में हुईं, लेकिन इनसे यह जरूर स्पष्ट होता है कि हाल के महीनों में देश के कई राज्यों में पुलिस बल को भीड़ या प्रदर्शन नियंत्रित करने के लिए बार-बार आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा है।
जनता की प्रतिक्रिया
केजरीवाल की पोस्ट पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। एक तबके ने छात्रों के समर्थन में सरकार से बातचीत और संयम बरतने की अपील की, तो कुछ यूजर्स ने केजरीवाल पर ही सवाल उठाते हुए उनकी मंशा और पुरानी राजनीति पर टिप्पणियां कीं। वहीं कुछ लोगों ने प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रति सहानुभूति जताते हुए प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जाहिर की।




























