पाकिस्तान क्रिकेट टीम इन दिनों इंग्लैंड के दौरे पर है, जहां 9 सितंबर से तीन मैचों की टेस्ट सीरीज का तीसरा और अंतिम मुकाबला एजबेस्टन के ऐतिहासिक मैदान पर खेला जा रहा है। इस मुकाबले के पहले दिन का खेल समाप्त होने तक पाकिस्तानी टीम अपनी पहली पारी में मात्र 133 रन के स्कोर पर ही सिमट गई। इसके जवाब में मेजबान इंग्लैंड की टीम ने चार विकेट के नुकसान पर 156 रन बनाते हुए अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। लॉर्ड्स टेस्ट के बाद पाकिस्तानी स्क्वाड में कुल 7 बड़े बदलाव किए गए थे, जिसके कारण इस मुकाबले को लेकर क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें टिकी हुई थीं। हालांकि, टीम के प्रदर्शन में कोई सुधार देखने को नहीं मिला। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तानी टीम की पारी महज 33.5 ओवरों में ही समाप्त हो गई। दिन का खेल खत्म होने के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तानी प्लेइंग 11 का हिस्सा रहे बल्लेबाज सऊद शकील ने इस खराब बल्लेबाजी पर खुलकर बात की और टीम के निराशाजनक प्रदर्शन पर दुख जताया।
सऊद शकील ने बैटिंग यूनिट की कमियों पर की बात
एजबेस्टन टेस्ट की पहली पारी के दौरान सऊद शकील ने अकेले संघर्ष करते हुए 43 रन की पारी खेली और वे टीम के इकलौते ऐसे बल्लेबाज रहे जो अंग्रेजी गेंदबाजों का डटकर मुकाबला कर सके। दिन का खेल समाप्त होने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए शकील ने माना कि एक बल्लेबाजी इकाई के रूप में टीम लगातार एक जैसी गलतियां दोहरा रही है, जो बेहद निराशाजनक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसे केवल आत्मविश्वास की कमी नहीं कहा जा सकता। उनके अनुसार, यदि किसी खिलाड़ी में इस अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मुकाबला करने का भरोसा नहीं है, तो वह इस मंच पर खेलने के लायक नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच खराब फॉर्म के दौर से बाहर निकलना किसी भी खिलाड़ी के लिए बेहद कठिन होता है। अपनी इस पारी के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि वे हमेशा परिस्थितियों के अनुकूल बल्लेबाजी करने का प्रयास करते हैं। जब क्रीज के दूसरे छोर पर लगातार विकेट गिर रहे थे, तब उनके लिए सबसे बेहतर विकल्प यही था कि वे ज्यादा से ज्यादा रन जोड़ें और इसी वजह से उन्होंने उस समय तेजी से रन बनाने की रणनीति अपनाई।
पिच के मिजाज और इंग्लैंड के हालातों पर प्रतिक्रिया
एजबेस्टन की इस पिच को इस पूरी टेस्ट सीरीज की अब तक की सबसे बेहतरीन बल्लेबाजी विकेट माना जा रहा है। इस बारे में चर्चा करते हुए सऊद शकील ने कहा कि जैसे-जैसे यह मुकाबला आगे बढ़ेगा, पिच का बर्ताव बल्लेबाजों के लिए और अधिक अनुकूल होता जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि मैच की शुरुआत में इस पिच पर तेज गेंदबाजों के लिए भरपूर मदद मौजूद थी। नई गेंद का सामना करने में इंग्लैंड की टीम के शीर्ष क्रम को भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था, जिससे यह साफ था कि नई गेंद से निपटना दोनों टीमों के बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती था और पाकिस्तानी बल्लेबाज इस काम में पूरी तरह असफल रहे। इंग्लैंड के मौजूदा गर्म मौसम के माहौल को देखते हुए टीम को यह अंदाजा बिल्कुल नहीं था कि मैच के शुरुआती चरण में पिच से गेंदबाजों को इतनी अधिक सहायता मिल सकेगी।


















