उत्तर प्रदेश की राजनीति में सोशल मीडिया पर एक बार फिर तीखी बयानबाजी देखने को मिल रही है। अखिलेश यादव ने भाजपा के एक सांसद के जलभराव वाले विरोध-प्रदर्शन पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया X पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह पूरा घटनाक्रम असल में प्रशासनिक नाकामियों को छिपाने के बजाय उन्हें उजागर करने की एक सोची-समझी कोशिश है।
अखिलेश यादव का भाजपा पर निशाना
अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि मुख्यनगरी में भाजपा सांसद के इस प्रदर्शन को टाला जा सकता था। उनके अनुसार, व्यवस्था के भ्रष्टाचार को दिखाने वाली इन तस्वीरों को छपने से बचाया जा सकता था, लेकिन इसके उलट पानी में जानबूझकर चलकर, बकायदा उसका वीडियो बनाकर और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करके एक अलग संदेश देने की कोशिश की गई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इस वीडियो के जरिए यह दिखाने का प्रयास हो रहा है कि भाजपा सांसद अब अंततः लखनवी चाल को समझ गए हैं, जिससे वे अपनी ही सरकार की नाकामियों पर पर्दा डाल सकें।
गोरखपुर में जलभराव और रवि किशन का वीडियो
इस राजनीतिक विवाद की शुरुआत गोरखपुर में भारी बारिश के बाद हुए जलभराव से हुई। भाजपा सांसद रवि किशन का एक वीडियो सामने आया जिसमें वे जलमग्न सड़कों पर चलते दिखाई दे रहे थे। इस वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन और नगर निगम की तैयारियों पर बड़े सवाल खड़े हो गए। सोशल मीडिया पर लोगों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी और पूर्व में गोरखपुर की तुलना स्पेन जैसे विकसित देशों से किए जाने वाले दावों पर चुटकी ली। लोगों का कहना था कि जब शहर को आधुनिक बनाने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे थे, तो फिर पहली ही बारिश में सड़कें तालाब कैसे बन गईं।
राजनीतिक बयानों का दौर
सत्तारूढ़ दल के समर्थकों ने इस कदम का बचाव करते हुए कहा कि वातानुकूलित कमरों में बैठकर बयानबाजी करने के बजाय, सांसद रवि किशन रात के समय खुद पानी में उतरे और जनता की तकलीफों को देखा। वहीं, विपक्षी समर्थकों का आरोप है कि शहर के विकास और जल निकासी व्यवस्था के नाम पर भारी बजट खर्च होने के बाद भी बुनियादी ढांचा पूरी तरह से चरमरा गया है, जिसके कारण जनप्रतिनिधियों को खुद ऐसे प्रदर्शन करने पड़ रहे हैं।
जनता की प्रतिक्रिया
इस पूरे मामले पर जनता की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही, जहां कुछ लोगों ने सांसद के इस जमीनी प्रयास की सराहना की, वहीं अन्य लोगों ने इसे केवल एक प्रचार स्टंट बताते हुए शहर की खराब जल निकासी व्यवस्था के लिए सरकार को आड़े हाथों लिया।



























