सीकर में रहस्यमयी घटना: नीमकाथाना अस्पताल से जयपुर पहुंचने के बीच गर्भवती महिला के गर्भ से भ्रूण गायबयूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से निकले जहाज पर मिसाइल हमला, चार भारतीयों की जान गई, रूसी राजदूत तलबईरान पर हमलों से दबे येन के बीच दशकों की ऊंचाई के नीचे कसता USD/JPY, बड़ी चाल की तैयारीडेंगू से जंग में बड़ी कामयाबी, भारत में क्यूडेंगा वैक्सीन को हरी झंडीएंडी बर्नहैम के सत्ता संभालते ही ब्रिटिश पाउंड में उछाल, ब्याज दरों पर बैंक ऑफ इंग्लैंड का सख्त रुखबारिश में आगरा जाने का मन है? ताजमहल के अलावा इन 8 जगहों पर मिलेगा असली मानसूनी मजादतिया के मंदिर परिसर में आधी रात तक चला फूहड़ नृत्य, पुलिस रवाना होते ही आयोजकों ने दोबारा चालू कराया आयोजनमानसून में दीवारों में सीलन आ रही है? घर को नमी और फफूंद से बचाने के आसान तरीकेजयपुर में मूसलाधार बारिश से मिली भीषण उमस से राहत, आज भी चेतावनी जारीगाज़ियाबाद के वीर नगर में बेटों की मारपीट से माता-पिता की मौत, पुलिस ने दोनों को दबोचा
खर्ची पूजा पर त्रिपुरा के लोगों को राजनाथ सिंह का शुभकामना संदेशनेता जी
8 घंटे पहले· 1

खर्ची पूजा पर त्रिपुरा के लोगों को राजनाथ सिंह का शुभकामना संदेश

त्रिपुरा में मनाए जा रहे खर्ची पूजा उत्सव के मौके पर राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर राज्य के लोगों के लिए शुभकामना संदेश साझा किया, जिस पर लोगों की मिली जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली।

त्रिपुरा में खर्ची पूजा के मौके पर देशभर से शुभकामनाओं का तांता लगा हुआ है, और इसी कड़ी में राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर त्रिपुरा के लोगों के नाम एक संदेश साझा किया है। उनके इस संदेश ने एक बार फिर राज्य के इस बड़े उत्सव की ओर देशभर का ध्यान खींचा है।

खर्ची पूजा की सदियों पुरानी परंपरा

खबरों के मुताबिक, त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में यह उत्सव औपचारिक रूप से शुरू हो चुका है, जिसकी जड़ें सदियों पुरानी मानी जाती हैं। यह पर्व मुख्य रूप से धरती माता की पूजा से जुड़ा है, जिसमें राज्यभर के लोग बड़ी संख्या में शामिल होते हैं। हर साल यह आयोजन कई दिनों तक चलता है और इस दौरान पारंपरिक रीति रिवाज, पूजा अनुष्ठान और सामूहिक उत्सव देखने को मिलते हैं। इसे त्रिपुरा की सबसे महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं में गिना जाता है, और यह आयोजन राज्य की पहचान तथा विरासत को नए सिरे से उजागर करता है।

राजनाथ सिंह ने क्या लिखा

अपने संदेश में उन्होंने त्रिपुरा के लोगों को खर्ची पूजा के पावन मौके पर बधाई दी। उन्होंने बताया कि यह त्योहार धरती माता की आराधना को समर्पित है और त्रिपुरा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत तथा उसकी सदियों पुरानी परंपराओं का उत्सव है। संदेश में उन्होंने इस पर्व को शांति की भावना से भी जोड़ा और लिखा कि यह त्योहार राज्य की सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे को खूबसूरती से दर्शाता है। उनका यह संदेश उस कड़ी का हिस्सा है जिसमें केंद्रीय नेता समय समय पर विभिन्न राज्यों के त्योहारों और सांस्कृतिक आयोजनों को लेकर जनता से जुड़ते रहते हैं।

त्योहार का सामाजिक महत्व

खर्ची पूजा को त्रिपुरा में सामाजिक समरसता के प्रतीक के रूप में भी देखा जाता है, क्योंकि इस आयोजन में अलग अलग समुदायों के लोग एक साथ शामिल होते हैं। धरती माता की पूजा से जुड़ी यह परंपरा राज्य की खेती आधारित संस्कृति और प्रकृति के प्रति सम्मान को भी दर्शाती है। यही वजह है कि हर साल केंद्र और राज्य स्तर के नेता इस मौके पर लोगों को शुभकामनाएं भेजते हैं।

जनता की प्रतिक्रिया

राजनाथ सिंह की इस पोस्ट पर लोगों की प्रतिक्रियाएं मिली जुली रहीं। कई यूजर्स ने शुभकामनाओं का स्वागत करते हुए आभार जताया, तो कुछ ने हल्के फुल्के अंदाज में टिप्पणियां कीं। वहीं कुछ लोगों ने इसी पोस्ट के जवाब में देश और राज्य से जुड़े दूसरे मुद्दों पर भी सवाल खड़े किए, जिससे साफ है कि सोशल मीडिया पर उनके हर संदेश पर लोगों की गहरी नजर बनी रहती है और यूजर्स इसे अपनी बात रखने का मंच भी बना लेते हैं।

ये भी पढ़ें

सवाल-जवाब

राजनाथ सिंह ने किस मौके पर यह पोस्ट किया?
उन्होंने त्रिपुरा में मनाए जा रहे खर्ची पूजा उत्सव के अवसर पर सोशल मीडिया मंच एक्स पर शुभकामना संदेश साझा किया।
खर्ची पूजा किसे समर्पित है?
यह पर्व धरती माता की आराधना को समर्पित है।
खर्ची पूजा कहां और कैसे मनाई जाती है?
यह उत्सव त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में मनाया जाता है, इसकी परंपरा सदियों पुरानी है और इसमें राज्यभर के लोग शामिल होते हैं।
राजनाथ सिंह के संदेश में क्या खास बात कही गई?
उन्होंने लिखा कि यह पर्व त्रिपुरा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सदियों पुरानी परंपराओं और शांति के मूल्यों को दर्शाता है।
इस पोस्ट पर लोगों की क्या प्रतिक्रिया रही?
प्रतिक्रियाएं मिली जुली रहीं, कई यूजर्स ने शुभकामनाओं का स्वागत किया जबकि कुछ ने अन्य मुद्दों पर भी सवाल उठाए।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR