भारत के स्वाधीनता आंदोलन में विदेशी धरती से आजादी की अलख जगाने वाले प्रखर देशभक्त और मनीषी श्यामजी कृष्ण वर्मा की जयंती के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने देश की संप्रभुता के लिए विदेशी सरजमीं पर रहकर भारतीय युवाओं को एकजुट करने वाले इस महान क्रांतिकारी के संघर्षों को याद किया। शाह ने रेखांकित किया कि जिस दौर में ब्रितानी हुकूमत का दबदबा चरम पर था, उस समय लंदन में रहकर आजादी का बिगुल फूंकना अदम्य साहस का परिचायक था।
अमित शाह ने क्या कहा
सोशल मीडिया मंच X पर अपना संदेश साझा करते हुए अमित शाह ने विदेशी धरती पर रह रहे भारतीयों के भीतर देशभक्ति की भावना भरने में श्यामजी कृष्ण वर्मा के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने लिखा कि ब्रिटिश सरजमीं पर संस्थागत ढांचा खड़ा करके स्वतंत्रता की जो अलख जलाई गई थी, उसने आजादी के दीवानों की पूरी पीढ़ी को दिशा दिखाई। शाह ने स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में उनके अप्रतिम योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें कोटि-कोटि वंदन अर्पित किया।
कौन थे श्यामजी कृष्ण वर्मा
श्यामजी कृष्ण वर्मा आधुनिक भारत के उन विरले विचारकों और क्रांतिकारियों में शुमार थे, जिन्होंने अकादमिक उत्कृष्टता के साथ-साथ सशस्त्र एवं वैचारिक क्रांति का ताना-बाना बुना। वे ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से एम.ए. और बार-एट-लॉ की उपाधि हासिल करने वाले प्रथम भारतीय बने थे। पुणे में दिए गए उनके धाराप्रवाह संस्कृत व्याख्यान ने प्राच्यविद मोनियर विलियम्स को इतना प्रभावित किया कि उन्होंने वर्माजी को ऑक्सफोर्ड में संस्कृत का सहायक प्रोफेसर नियुक्त किया। इसके साथ ही वे आर्य समाज के संस्थापक महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती के विचारों से गहरे प्रभावित रहे और समाज सुधार के साथ राष्ट्र मुक्ति के आंदोलन को आगे बढ़ाया।
लंदन में 'इंडिया हाउस' और क्रांतिकारियों की पौध
इंग्लैंड में शिक्षा हासिल करने जाने वाले भारतीय विद्यार्थियों को राष्ट्रीय चेतना से जोड़ने के उद्देश्य से श्यामजी कृष्ण वर्मा ने लंदन में प्रसिद्ध 'इंडिया हाउस' की नींव रखी। यह प्रतिष्ठान केवल रहने का ठिकाना नहीं था, बल्कि वहां अध्ययनरत युवाओं के वैचारिक मंथन और ब्रिटिश साम्राज्यवाद के खिलाफ रणनीति तैयार करने का मुख्य अड्डा बन गया। विनायक दामोदर सावरकर जैसे ओजस्वी क्रांतिकारी भी वर्माजी के विचारों और संरक्षण से गहराई से प्रेरित होकर सक्रिय क्रांतिकारी गतिविधियों से जुड़े। काले पानी की सजा झेलने वाले सावरकर समेत कई देशभक्तों को इंडिया हाउस की राष्ट्रवादी छांव ने स्वतंत्रता संग्राम की मुख्यधारा में खड़ा किया।
जनता की प्रतिक्रिया
गृह मंत्री के इस स्मरण संदेश पर आम नागरिकों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। लोगों ने श्यामजी कृष्ण वर्मा के असीम त्याग, साहस और निष्ठा को राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए इस महान सपूत को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।



























