एशियाई खेल 2026 में भारतीय पुरुष सेपकटकरा टीम ने जबरदस्त खेल का प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है। पुरुष क्वाड्रेंट स्पर्धा में भारतीय दल ने कांस्य पदक जीतकर प्रतियोगिता में अपना अभियान सफलतापूर्वक पूरा किया। एशियाई खेलों के इतिहास में पुरुष क्वाड्रेंट स्पर्धा के भीतर भारत का यह पहला पदक है, जिसने देश के खेल प्रेमियों में नया उत्साह भर दिया है।
टूर्नामेंट में टीम का शानदार सफर
भारतीय दल ने इस बहुप्रतीक्षित टूर्नामेंट में शुरुआत से ही आक्रामक और संतुलित खेल दिखाया। प्रतियोगिता के शुरुआती मुकाबलों में भारत ने लाओस को मात देकर अपने अभियान का जोरदार आगाज किया था। इसके बाद टीम ने अपनी लय बरकरार रखते हुए वियतनाम के खिलाफ 2-0 (15-12, 15-9) से शानदार जीत दर्ज की और अजेय रहते हुए सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ ही टीम ने पोडियम पर अपनी जगह तय कर ली थी और अंततः देश के लिए कांस्य पदक सुरक्षित किया। पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर से लेकर आईची-नागोया 2026 के मंच तक खिलाड़ियों की यह यात्रा बेहद प्रेरक रही है।
गृह मंत्री और प्रधानमंत्री ने दी बधाई
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच X पर टीम की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने लिखा कि भारतीय पुरुष क्वाड्रेंट टीम ने एशियाई खेलों के इतिहास में पहला पदक जीतकर एक गौरवशाली मुकाम हासिल किया है। उन्होंने रेखांकित किया कि खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन युवा पीढ़ी के लिए एक नया पैमाना स्थापित करेगा। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस शानदार जीत पर सेपकटकरा खिलाड़ियों को बधाई दी और उनके कड़े परिश्रम को सराहा। एशियाई खेलों के 13वें दिन मुक्केबाजी और महिला हॉकी में मिले स्वर्ण पदकों के साथ-साथ सेपकटकरा का यह कांस्य पदक भी भारत के ऐतिहासिक सफर का अहम हिस्सा बना।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर खेल प्रशंसकों और नागरिकों ने इस जीत पर जोरदार खुशी जताई। लोगों ने खिलाड़ियों के समर्पण की तारीफ करते हुए कहा कि गैर-पारंपरिक खेलों में भारत के ऐसे ऐतिहासिक प्रदर्शन देश की बहुआयामी खेल प्रतिभा को दर्शाते हैं।



























