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राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर राजनाथ सिंह ने की बुनकरों के हुनर की तारीफ, आत्मनिर्भर भारत का बताया प्रतीकनेता जी
7 अग॰ 2026, 10:15 am (45 दिन पहले)· 1

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर राजनाथ सिंह ने की बुनकरों के हुनर की तारीफ, आत्मनिर्भर भारत का बताया प्रतीक

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर देश के बुनकरों के कौशल और हथकरघा विरासत की सराहना की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2015 में शुरू की गई इस पहल को उन्होंने आत्मनिर्भरता का आधार बताया।

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के खास मौके पर देश भर में भारतीय हथकरघा उद्योग और पारंपरिक बुनकरों के योगदान को याद किया जा रहा है। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भारतीय हथकरघा विरासत को समृद्ध बताते हुए देश के बुनकरों की बेहतरीन कारीगरी और उनकी आत्मनिर्भर भावना की जमकर सराहना की।

वर्ष 2015 में हुई थी शुरुआत

अपने संदेश में राजनाथ सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि इस विशेष दिवस की शुरुआत वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में की गई थी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य देश के पारंपरिक कपड़ा उद्योग को प्रोत्साहन देना और स्थानीय कारीगरों की आजीविका को मजबूती प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि यह दिन भारत की सांस्कृतिक धरोहर और स्वदेशी उत्पादन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है।

प्रधानमंत्री और अन्य नेताओं के संदेश

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों को बधाई दी और भारत की बुनाई परंपरा का उत्सव मनाया। इसके साथ ही विभिन्न राज्यों के प्रमुखों ने भी बुनकरों के समर्थन का आह्वान किया। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नायडू ने लोगों से अपील की कि वे महीने में कम से कम एक बार पारंपरिक हथकरघा वस्त्र अवश्य पहनें। इस तरह के कदमों से स्थानीय हथकरघा उद्योग और इसे जीवित रखने वाले कारीगरों को प्रत्यक्ष रूप से बढ़ावा मिलता है।

आत्मनिर्भर भारत और स्थानीय हुनर को बढ़ावा

भारतीय हथकरघा केवल कपड़ों का निर्माण नहीं है, बल्कि यह देश की विविध संस्कृति और धैर्यपूर्ण मेहनत की कहानी बयान करता है। हाथ से बुनाई करने में अत्यधिक समय और कुशलता की आवश्यकता होती है। राजनाथ सिंह के अनुसार, स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों को अपनाना ही इस प्राचीन कौशल को भावी पीढ़ियों के लिए संरक्षित रखने का सबसे प्रभावी तरीका है।

जनता की प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर राजनाथ सिंह की इस पोस्ट पर आम जनता की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। जहां कई उपयोगकर्ताओं ने खादी और स्वदेशी कपड़ों की गुणवत्ता की तारीफ करते हुए स्थानीय कारीगरों का समर्थन किया, वहीं कुछ लोगों ने देश में रोजगार और भर्ती से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी चिंताएं भी व्यक्त कीं।

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सवाल-जवाब

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस कब और किसके नेतृत्व में शुरू हुआ था?
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस की शुरुआत वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में की गई थी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुनकरों के बारे में क्या कहा?
राजनाथ सिंह ने बुनकरों की उत्कृष्ट कारीगरी, हथकरघा विरासत और उनकी आत्मनिर्भरता की भावना की सराहना की।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नायडू ने लोगों से क्या अपील की?
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नायडू ने नागरिकों से महीने में कम से कम एक बार पारंपरिक हथकरघा वस्त्र पहनने का अनुरोध किया।
राजनाथ सिंह के पोस्ट पर सोशल मीडिया की क्या प्रतिक्रिया रही?
लोगों ने खादी और स्वदेशी कपड़ों की सराहना की, जबकि कुछ उपयोगकर्ताओं ने रोजगार और भर्ती से जुड़े प्रश्न भी उठाए।
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