उत्तर प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों, शिल्पकारों, उद्यमियों और किसानों की मेहनत को अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान दिलाने के लिए एक बड़े व्यापारिक आयोजन की घोषणा की गई है। इस वर्ष यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का चौथा संस्करण गौतम बुद्ध नगर जिले के ग्रेटर नोएडा में आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य राज्य के हुनर और स्थानीय विनिर्माण को वैश्विक खरीदारों के सामने प्रस्तुत करना है ताकि प्रदेश की आर्थिक क्षमता को मजबूत आधार मिल सके।
आयोजन की तिथियां और मुख्य स्थान
यह पांच दिवसीय भव्य व्यापार मेला 25 सितंबर से शुरू होकर 29 सितंबर तक संचालित होगा। मेले का आयोजन ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में किया जा रहा है। इस विशाल परिसर में राज्य भर के प्रमुख शिल्पी, निर्यातक और कारोबारी अपने उत्कृष्ट उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। इसमें कृषि उत्पादों, हस्तशिल्प, आधुनिक विनिर्माण और वस्त्र उद्योग से जुड़े विभिन्न स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां देश-विदेश से आने वाले व्यापारिक प्रतिनिधियों के साथ सीधे संवाद और सौदों के अवसर उपलब्ध होंगे।
योगी आदित्यनाथ का संदेश
योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक मंच प्रदान करना और कारीगरों, उद्यमियों एवं अन्नदाताओं के परिश्रम को दुनिया भर में प्रतिष्ठा दिलाना इस आयोजन का प्राथमिक लक्ष्य है। उन्होंने प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि इस तरह के मंच स्थानीय प्रतिभा और स्वदेशी हुनर को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ने का काम करते हैं। इसके साथ ही, उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे के तेजी से हो रहे विकास और नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के प्रथम चरण जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के जरिए राज्य की व्यापारिक कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई मिलने जा रही है।
उत्तर प्रदेश के बारे में
उत्तर प्रदेश जनसंख्या के दृष्टिकोण से भारत का सबसे बड़ा राज्य है, जबकि क्षेत्रफल के मामले में यह देश का चौथा सबसे बड़ा राज्य है। राज्य की प्रशासनिक एवं विधायी राजधानी लखनऊ है, जबकि प्रयागराज इसकी न्यायिक राजधानी के रूप में कार्य करता है। आगरा, कानपुर, वाराणसी और गोरखपुर इस प्रदेश के अन्य प्रमुख और ऐतिहासिक शहर हैं। भौगोलिक दृष्टि से इसके उत्तर में उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश तथा नेपाल देश स्थित हैं, पश्चिम में हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान हैं, दक्षिण में मध्य प्रदेश तथा छत्तीसगढ़ हैं, और पूर्व दिशा में बिहार एवं झारखंड राज्य स्थित हैं।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर इस घोषणा के बाद आम नागरिकों और व्यापारियों ने मिली-जुली प्रतिक्रियाएं दी हैं। जहां कई लोगों ने स्थानीय कारीगरों को अंतरराष्ट्रीय मंच मिलने की पहल का स्वागत किया, वहीं आयोजन स्थल के लिए पहुंचे कुछ लोगों ने शहर की आंतरिक सड़कों की खराब स्थिति पर चिंता जताई और बुनियादी ढांचे को और दुरुस्त करने का सुझाव दिया।


























