महाराष्ट्र के पुणे शहर में दैनिक ट्रैफिक की समस्या से जूझ रहे लाखों आईटी पेशेवरों और स्थानीय निवासियों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। हिंजेवड़ी के विशाल टेक हब को शिवाजीनगर से जोड़ने वाली 23.2 किलोमीटर लंबी पुणे मेट्रो लाइन 3 यानी पिंक लाइन बनकर तैयार हो चुकी है। इस 8,300 करोड़ रुपये के बुनियादी ढांचा गलियारे के साथ शहर के अन्य मेट्रो विस्तार कार्यों का औपचारिक शुभारंभ 3 नवंबर को तय किया गया है, जिसके तहत कुल 21,800 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया जाएगा। इसके अगले दिन यानी 4 नवंबर से आम नागरिकों के लिए वाणिज्यिक सेवाएं खोल दी जाएंगी।
पिंक लाइन की खासियत और रूट नेटवर्क
पुणे मेट्रो की यह नई पिंक लाइन शहर के सबसे व्यस्त यातायात गलियारों में से एक को नया विकल्प प्रदान करेगी। हिंजेवड़ी राजीव गांधी इन्फोटेक पार्क से शुरू होकर शिवाजीनगर तक जाने वाला यह मार्ग कुल 23.2 किलोमीटर लंबा है। इस पूरे सेक्शन पर कुल 17 स्टेशन तैयार किए गए हैं। परियोजना के शुरुआती चरण में मान से बालेवाड़ी तक के हिस्से को मुख्य मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त यानी सीएमआरएस से पहले ही परिचालन मंजूरी मिल चुकी थी, जिसके बाद पूरे रूट की तैयारियां पूरी की गईं। नियमित यात्रियों के लिए टिकट का किराया 12 रुपये से लेकर 62 रुपये के बीच तय किया गया है, जिससे दैनिक सफर न केवल सुगम बल्कि किफायती भी बनेगा।
सौर ऊर्जा और महिला सशक्तिकरण की मिसाल
यह नया कॉरिडोर पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सशक्तिकरण दोनों के लिहाज से एक महत्वपूर्ण मानक स्थापित कर रहा है। परियोजना की बिजली जरूरतों का लगभग एक तिहाई हिस्सा पूरी तरह सौर ऊर्जा से पूरा करने की व्यवस्था की गई है, जिससे कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आएगी। इसके अलावा, इस पूरे मेट्रो रूट के संचालन की कमान मुख्य रूप से महिला कर्मियों के हाथों में सौंपी गई है। ट्रेन संचालन से लेकर स्टेशन प्रबंधन तक महिला कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी इस परियोजना को देश की अन्य शहरी परिवहन पहलों से अलग पहचान दिलाती है।
नरेंद्र मोदी ने साझा की परियोजना की विशेषताएं
परियोजना के औपचारिक उद्घाटन की पूर्व संध्या पर नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पुणे मेट्रो की नई पिंक लाइन हिंजेवड़ी आईटी हब को शिवाजीनगर से जोड़ने के साथ कई मायनों में बेहद खास है। उन्होंने बताया कि इस 8,300 करोड़ रुपये की बुनियादी ढांचा परियोजना का संचालन महिलाओं द्वारा किया जाएगा और इसकी बिजली जरूरतों का लगभग एक तिहाई हिस्सा सौर ऊर्जा से प्राप्त करने की योजना है। इसके साथ ही क्षेत्र में करीब 21,800 करोड़ रुपये के अन्य मेट्रो विस्तार कार्यों की नींव भी रखी जा रही है, जिसमें पिंपरी चिंचवाड़ नगर निगम के तहत भक्ति शक्ति से वाकड और चाकन के बीच 12,937 करोड़ रुपये का आगामी कॉरिडोर भी शामिल है।
जनता की प्रतिक्रिया
इस घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर नागरिकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई। कई लोगों ने लंबे समय से जाम झेल रहे हिंजेवड़ी रूट पर आधुनिक कनेक्टिविटी और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग का स्वागत किया, जबकि कुछ उपयोगकर्ताओं ने पूर्व में 15 जुलाई की समयसीमा चूकने और परियोजना में हुई देरी को लेकर नाराजगी भी जताई।


























