झारखंड के औद्योगिक शहर जमशेदपुर में दिनदहाड़े एक सनसनीखेज बैंक डकैती की वारदात सामने आई है। गोलमुरी थाना इलाके में स्थित केनरा बैंक की शाखा में हथियारबंद बदमाशों ने धावा बोलकर पूरे तंत्र को हिला कर रख दिया। दोपहर के व्यस्त समय में पांच नकाबपोश लुटेरे बैंक परिसर में दाखिल हुए और कर्मचारियों को हथियारों के बल पर अपने नियंत्रण में ले लिया। इसके बाद लुटेरों ने बैंक के कैश काउंटर और लॉकर से भारी मात्रा में नकदी और आभूषण समेटे। बैंक अधिकारियों के मुताबिक, बदमाश करीब 42 लाख रुपये नकद और लॉकर में रखा लगभग 24 किलोग्राम सोना लूटकर मौके से फरार हो गए, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 33 करोड़ रुपये आंकी गई है।
हथियारों के दम पर बंधक बनाए गए कर्मचारी
वारदात के संबंध में केनरा बैंक के एजीएम मगेश रामनाथन ने नुकसान का आधिकारिक ब्योरा दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लुटेरे पूरी तैयारी के साथ आधुनिक हथियार लहराते हुए बैंक के अंदर पहुंचे थे। शाखा में घुसते ही उन्होंने वहां मौजूद बैंककर्मियों पर पिस्तौल तान दी और सभी को एक कोने में बंधक बना लिया। इसके बाद अपराधियों ने सुरक्षित लॉकर और कैश रूम को अपने कब्जे में लिया। लॉकर से करीब 24 किलोग्राम वजनी सोने के जेवरात और नकदी बैगों में भर ली गई। वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद पांचों अपराधी शांति से बैंक से बाहर निकल आए।
कपड़े बदलकर अलग रास्तों से भागे अपराधी
बैंक परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज से पता चला है कि अपराधियों ने इस डकैती की बेहद सोची-समझी योजना बनाई थी। बैंक से बाहर निकलने के फौरन बाद आरोपियों ने पहचान छुपाने के लिए अपने कपड़े बदले। इसके बाद वे सभी एक साथ जाने के बजाय अलग-अलग दिशाओं और रास्तों से फरार हो गए। पुलिस प्रशासन अब सीसीटीवी फुटेज को बारीकी से खंगाल रहा है ताकि लुटेरों के हुलिए, उनके आने-जाने के रास्तों और उनकी गतिविधियों का सुराग लगाया जा सके।
चार राज्यों में छापेमारी, 25 सदस्यीय एसआईटी गठित
डकैती की इस भीषण घटना के 24 घंटे बीत जाने के बावजूद पुलिस को अब तक कोई ठोस कामयाबी नहीं मिल सकी है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मामले की छानबीन के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। इस एसआईटी में करीब 25 सदस्यों को शामिल किया गया है। पुलिस दल केवल झारखंड तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि अपराधियों के संभावित ठिकानों को तलाशने के लिए पड़ोसी राज्यों बिहार, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी लगातार छापे मार रहे हैं। इसके साथ ही जमशेदपुर से सटे सभी सीमावर्ती जिलों में भी विशेष जांच टीमें भेजी गई हैं।
रांची से पहुंची फॉरेंसिक टीम, बैंक परिसर बंद
सुरक्षा कारणों और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया के चलते शुक्रवार को बैंक शाखा को आम ग्राहकों के लिए पूरी तरह बंद रखा गया। रांची से फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की विशेषज्ञ टीम सीधे जमशेदपुर पहुंची। एफएसएल के विशेषज्ञों ने बैंक के लॉकर रूम, कैश काउंटर और मुख्य द्वार से फिंगरप्रिंट और अन्य तकनीकी साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि तकनीकी निगरानी और फुटेज की मदद से पूरे मामले का जल्द पर्दाफाश कर दिया जाएगा। हालांकि, शहर के इतने भीड़भाड़ वाले इलाके में दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने इलाके की सुरक्षा चाक-चौबंद होने के दावों पर कड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
लॉकर में जमा जेवरात को लेकर ग्राहकों में हड़कंप
डकैती की सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में केनरा बैंक के खाताधारक शाखा के बाहर जमा होने लगे। कई ग्राहकों ने अपने जीवनभर की गाढ़ी कमाई और पुश्तैनी जेवरात बैंक के लॉकर में सुरक्षित रखे थे। परेशान ग्राहकों का कहना था कि घरों में चोरी के डर से उन्होंने लॉकर की सुविधा ली थी, लेकिन अब बैंक के अंदर ही इतनी बड़ी डकैती होने से वे गहरे सदमे में हैं। शाखा के बाहर जुटे ग्राहक अपने लॉकर की स्थिति के बारे में बैंक कर्मियों से स्पष्ट जानकारी मांग रहे हैं। बैंक प्रबंधन की ओर से स्थिति स्पष्ट न किए जाने के कारण ग्राहकों की चिंता और रोष लगातार बढ़ रहा है।



















