शाम का नाश्ता हो या बच्चों का टिफिन, समोसे, फ्रेंच फ्राइज, सैंडविच, कटलेट और पराठों के साथ ज्यादातर बच्चों की पहली पसंद टोमैटो सॉस ही होती है। अक्सर बाजार से खरीदी गई सॉस की बोतल कुछ ही दिनों में खाली हो जाती है और बच्चे तुरंत नई बोतल लाने की जिद करने लगते हैं। बाजार के विकल्प पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय घर की रसोई में ताजे पके टमाटरों से बिल्कुल साफ-सुथरे तरीके से स्वादिष्ट खट्टी-मीठी सॉस बनाई जा सकती है। इसे तैयार करने की विधि बेहद सरल है और इसमें किसी भी तरह के जटिल उपकरणों या रसायनों की आवश्यकता नहीं पड़ती।
ताजे और पके लाल टमाटरों का चुनाव
एक बेहतरीन और चटपटी सॉस तैयार करने की शुरुआत हमेशा सही टमाटरों के चुनाव से होती है। इस विधि के लिए लगभग 5 से 6 मध्यम आकार के अच्छी तरह पके हुए और गहरे लाल रंग के टमाटर लेना सबसे बेहतर रहता है। टमाटर जितने पके और लाल होंगे, सॉस का प्राकृतिक रंग और स्वाद उतना ही शानदार आएगा। इन टमाटरों को पहले साफ पानी से अच्छी तरह धो लें और फिर चाकू की मदद से बड़े-बड़े टुकड़ों में काट लें। टुकड़ों को बहुत बारीक काटने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि इन्हें आगे आंच पर पकाना होता है।
उबालने और स्मूद प्यूरी तैयार करने का चरण
कटे हुए टमाटरों के टुकड़ों को एक पैन या गहरे बर्तन में डालें और साथ में थोड़ा सा पानी मिला दें। अब बर्तन को धीमी आंच पर रखें और टमाटरों को तब तक पकने दें जब तक कि वे पूरी तरह से नरम और मुलायम न हो जाएं। जब टमाटर गल जाएं, तो गैस बंद कर दें और इस गर्म मिश्रण को कमरे के तापमान पर सामान्य रूप से ठंडा होने के लिए छोड़ दें। जब यह मिश्रण अच्छी तरह ठंडा हो जाए, तो इसे मिक्सर ग्राइंडर के जार में डालकर बारीक पीस लें।
पीसने के बाद तैयार हुए इस पेस्ट को एक बारीक छलनी से अच्छी तरह छानना बहुत जरूरी होता है। छानने से टमाटर के सारे बीज और मोटे छिलके पूरी तरह अलग हो जाते हैं और नीचे एकदम मखमली पेस्ट मिल जाता है। बच्चों के लिए सॉस बनाते समय यह प्रक्रिया विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि बच्चे मुंह में आने वाले बीज या रेशे पसंद नहीं करते। छानने से सॉस की बनावट बिल्कुल बाजार जैसी स्मूद और एकसार बन जाती है।
धीमी आंच पर पकाएं और दें खट्टा-मीठा स्वाद
छानकर अलग किए गए टमाटर के स्मूद पेस्ट को दोबारा उसी पैन में डालें और हल्की आंच पर गर्म करने के लिए रखें। अब इसमें अपनी पसंद और टमाटर के खट्टेपन के आधार पर चीनी या फिर गुड़ मिलाएं। यदि टमाटर प्राकृतिक रूप से काफी खट्टे हैं, तो मिठास की मात्रा थोड़ी बढ़ाई जा सकती है। साथ ही इसमें स्वाद के अनुसार थोड़ा सा साधारण नमक और बहुत ही हल्की मात्रा में पिसी हुई काली मिर्च डालें। बच्चों के खान-पान को ध्यान में रखते हुए लाल मिर्च पाउडर या किसी भी अन्य तीखे मसाले को बहुत सीमित रखना चाहिए ताकि यह उनकी जीभ को न लगे।
सॉस को धीमी आंच पर पकने दें और एक कलछी या चम्मच की मदद से बीच-बीच में लगातार चलाते रहें ताकि मिश्रण तली में चिपके नहीं। जैसे ही यह मिश्रण धीरे-धीरे गाढ़ा होने लगे और पकने की सुगंध आने लगे, गैस को बंद कर दें। यदि आपको एकदम बाजार जैसी चिकनी बनावट पसंद है, तो गैस बंद करने के बाद इसे एक बार फिर से बारीक छलनी से छान सकते हैं। इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि गर्म सॉस ठंडी होने के बाद स्वाभाविक रूप से और ज्यादा गाढ़ी हो जाती है, इसलिए पैन में पकाते समय इसे बहुत ज्यादा सुखाने या गाढ़ा करने से बचना चाहिए।
नाश्ते और टिफिन में परोसने के आसान तरीके
घर में तैयार की गई यह ताजी खट्टी-मीठी सॉस कई प्रकार के व्यंजनों का स्वाद बढ़ाने के लिए बिल्कुल तैयार है। इसे बच्चों के पसंदीदा आलू फ्राइज, घर के बने मिक्स वेजिटेबल कटलेट, कुरकुरे समोसों, रोल्स या फिर गरमा-गरम पराठों के साथ प्लेट में रखा जा सकता है। अगर बच्चे सैंडविच खाना पसंद करते हैं, तो ब्रेड स्लाइस पर इस सॉस की हल्की परत फैलाकर ऊपर से चीज और मनपसंद उबली सब्जियां रखकर स्वादिष्ट सैंडविच तैयार किया जा सकता है। इसके अलावा, स्नैक्स के साथ इसे एक छोटी कटोरी में डालकर अलग से सर्व करना भी एक अच्छा तरीका है, जिससे बच्चे अपनी आवश्यकतानुसार सॉस का आनंद ले सकें।
तैयारी और सुरक्षित भंडारण से जुड़े जरूरी सुझाव
घर पर सॉस बनाते समय कुछ व्यावहारिक बातों का ध्यान रखना आवश्यक है। यदि टमाटरों में प्राकृतिक पानी अधिक है, तो उसे गाढ़ा होने और पकने में थोड़ा ज्यादा समय लग सकता है। बहुत अधिक मिठास एक साथ डालने से टमाटर का वास्तविक और स्वादिष्ट स्वाद दब सकता है, इसलिए चीनी या गुड़ को थोड़ा-थोड़ा करके मिलाएं और बीच में चखकर सही मात्रा निर्धारित करें। चूंकि इस घरेलू रेसिपी में किसी भी प्रकार का कृत्रिम प्रिजर्वेटिव इस्तेमाल नहीं किया जाता, इसलिए इसे लंबे समय तक बाहर रखने के बजाय साफ, सूखे और एयरटाइट कंटेनर में भरकर फ्रिज के अंदर ही रखना चाहिए। हमेशा उतनी ही मात्रा में सॉस बनाएं जितनी कुछ दिनों में आसानी से इस्तेमाल हो सके।



















