ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर में फ्लेवियो बोलसोनारो की बढ़त, लूला दा सिल्वा के सामने दूसरे चरण की कड़ी चुनौतीस्क्रीन वाले नए फिटनेस ट्रैकर फिटबिट एज की तैयारी में गूगल, लीक तस्वीरों से सामने आए फीचर्सकॉर्पोरेट जगत में बिटकॉइन की होड़ तेज, स्ट्रेटेजी, स्ट्राइव और मेटाप्लैनेट ने बढ़ाई अपनी डिजिटल संपत्तिकाला सागर में मक्का ले जा रहे मालवाहक जहाज पर हमला, आग लगने से डूबा, भारतीय क्रू सवारबॉक्स ऑफिस पर अजय देवगन का जलवा बरकरार, चौथे दिन 21 करोड़ बटोरकर 200 करोड़ क्लब की दहलीज पर पहुंची यह सस्पेंस थ्रिलरउदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व से गुजरने वाले नेशनल हाईवे-130C पर रात में आवाजाही पूरी तरह बंद, शाम 6 से सुबह 6 बजे तक नो एंट्रीरिफ्लेक्शन ने पेश किया ओपन वेट एआई मॉडल बीम, कम कंप्यूट लागत में चीनी प्रतिद्वंद्वियों को टक्कर देने का दावापियरएक्स डेमो डे में निवेशकों को लुभाने वाले 5 नए स्टार्टअप, चिप डिजाइन से लेकर एआई एस्टेट प्लानिंग तक दिखा दमअमेरिकी डॉलर के मुकाबले चीनी युआन में स्थिरता, सीमित दायरे में कारोबार के आसारविशाखापट्टनम में नौसैनिकों के साथ बड़ाखाना में शामिल हुए राजनाथ सिंह, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में ताकत की सराहना की
मुंबई पहुंचे आदिवासी छात्रों के आंदोलन पर राहुल गांधी ने फडणवीस सरकार को घेरानेता जी
6 अक्तू॰ 2026, 2:51 am (2 घंटे पहले)· 0

मुंबई पहुंचे आदिवासी छात्रों के आंदोलन पर राहुल गांधी ने फडणवीस सरकार को घेरा

महाराष्ट्र में बुनियादी सुविधाओं और छात्रवृत्ति की मांग को लेकर मुंबई पहुंचे आदिवासी छात्रों के समर्थन में राहुल गांधी ने फडणवीस सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।

महाराष्ट्र में छात्रवृत्ति और छात्रावासों में बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर राजधानी मुंबई पहुंचे आदिवासी विद्यार्थियों के आंदोलन ने राज्य की सियासत में नया मोड़ ला दिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि राज्य के छात्र फडणवीस सरकार की शिक्षा प्रणाली और कथित उपेक्षा से बेहद परेशान हैं। उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों की आवाज उठाने के लिए दूरदराज के इलाकों से छात्र बसों और पैदल यात्रा करके मुंबई पहुंचे हैं, लेकिन सरकार उनकी वाजिब जरूरतों की अनदेखी कर रही है।

आदिवासी विद्यार्थियों की मुख्य मांगें

प्रदर्शन कर रहे आदिवासी छात्रों का कहना है कि उनकी मांगें किसी विशेषाधिकार की नहीं, बल्कि बुनियादी मानवीय और शैक्षणिक अधिकारों से जुड़ी हैं। छात्र विशेष रूप से राज्य भर में संचालित आदिवासी आश्रमशालाओं और छात्रावासों में रहने, भोजन और साफ-सफाई की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही समय पर छात्रवृत्ति का वितरण भी उनकी प्राथमिक मांगों में शामिल है, जिसके अभाव में अनेक छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। छात्रों का स्पष्ट कहना है कि किसी भी बच्चे के लिए गरिमापूर्ण वातावरण में शिक्षा पाना उसका मौलिक अधिकार है।

राहुल गांधी का सरकार पर हमला

राहुल गांधी ने राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए युवाओं को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने रेखांकित किया कि दूर-दराज के क्षेत्रों से युवा राजधानी तक केवल इसलिए पहुंचे हैं ताकि जिम्मेदार तंत्र तक उनकी बात पहुंच सके। कांग्रेस नेता ने कहा कि यह लड़ाई केवल कुछ दिनों के धरने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के हर उस छात्र के आत्मसम्मान और भविष्य से जुड़ी है जो बेहतर शिक्षा की उम्मीद संजोए हुए है।

पुणे में भूख हड़ताल से मुंबई तक का सफर

महाराष्ट्र में छात्रों का असंतोष हाल के महीनों में कई स्तरों पर देखने को मिला है। इससे पहले पुणे में आदिवासी छात्रों ने विभिन्न प्रशासनिक नियमों और सुविधाओं के विरोध में लगातार भूख हड़ताल की थी, जो दस दिनों से लेकर सोलह दिनों तक खिंच गई थी। उस दौरान भी राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर आंदोलनरत छात्रों से सीधे संवाद करने और उनकी समस्याओं का समाधान निकालने का आग्रह किया था। उम्र सीमा से जुड़े फैसले और छात्रावासों की व्यवस्था पर उठे सवालों के बाद अब यह आंदोलन सीधे राजधानी मुंबई तक पहुंच चुका है।

महाराष्ट्र में शिक्षा और भर्ती परीक्षाओं का माहौल

राज्य में पिछले कुछ समय से छात्रों से जुड़े कई नीतिगत विवाद चर्चा में बने हुए हैं। एक ओर सरकारी भर्ती परीक्षाओं के आयोजन को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए मुख्यमंत्री फडणवीस ने उच्च स्तरीय समिति का गठन किया, तो वहीं दूसरी ओर छात्र संघ चुनावों को 37 वर्षों बाद दोबारा शुरू करने की तैयारियों को लेकर भी राजनीतिक बहस जारी है। इसके अलावा शिक्षा विभाग के कामकाज और व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए विपक्षी दल पहले ही शिक्षा मंत्री दादा भुसे के इस्तीफे की मांग कर चुके हैं।

महाराष्ट्र के बारे में

महाराष्ट्र भारत के पश्चिमी प्रायद्वीपीय क्षेत्र में स्थित एक अत्यंत समृद्ध और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है। 'महा' और 'राष्ट्र' शब्दों से मिलकर बने इस नाम का अर्थ महान देश होता है, जिसे ऐतिहासिक रूप से संतों की भूमि भी कहा जाता है। राज्य की राजधानी मुंबई देश का सबसे बड़ा महानगर होने के साथ-साथ भारत की आर्थिक राजधानी के रूप में पहचानी जाती है, जबकि यहाँ का पुणे शहर देश के छह प्रमुख बड़े शहरों में शुमार है।

जनता की प्रतिक्रिया

इस पूरे घटनाक्रम पर आम नागरिकों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं की ओर से व्यापक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कई लोगों ने विद्यार्थियों की मांगों को न्यायसंगत ठहराते हुए सरकार से तुरंत बातचीत की अपील की, जबकि अन्य उपयोगकर्ताओं ने इस विषय पर विपक्षी दलों द्वारा किए जा रहे राजनीतिक बयानों की मंशा पर सवाल उठाए।

ये भी पढ़ें

सवाल-जवाब

आदिवासी छात्र मुंबई में प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं?
छात्र आदिवासी आश्रमशालाओं और छात्रावासों में भोजन व सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार और रुकी हुई छात्रवृत्तियों के भुगतान की मांग कर रहे हैं।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर क्या बयान दिया?
उन्होंने लिखा कि महाराष्ट्र के छात्र शिक्षा व्यवस्था से परेशान हैं और अपनी जायज मांगों को लेकर दूरदराज से मुंबई पहुंचे हैं।
मुंबई आने से पहले छात्रों ने कहाँ आंदोलन किया था?
इससे पहले आदिवासी छात्रों ने पुणे में 10 से 16 दिनों तक लगातार भूख हड़ताल करके अपनी मांगें उठाई थीं।
महाराष्ट्र सरकार ने भर्ती परीक्षाओं को लेकर क्या कदम उठाया है?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सरकारी भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp