कम आय वाले परिवारों के छात्रों को अपनी पढ़ाई जारी रखने में मदद देने के लिए एक बड़ा वित्तीय सहयोग सीधे उनके बैंक खातों में भेजा गया है। इस कदम का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि धन की कमी की वजह से किसी भी मेधावी युवा की शिक्षा अधूरी न रहे। नई पहल के तहत पूर्वदशम और दशमोत्तर स्तर के विद्यार्थियों को समय पर आर्थिक मदद मुहैया कराई गई है।
छात्रवृत्ति राशि और लाभार्थियों का ब्योरा
इस कल्याणकारी योजना के जरिए कक्षा 9 और 10 के साथ ही दशमोत्तर कक्षाओं में पढ़ने वाले 4.60 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को लाभ मिला है। इन सभी योग्य विद्यार्थियों के बैंक खातों में कुल मिलाकर 148 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि सीधे हस्तांतरित की गई है। इस प्रत्यक्ष सहायता से गरीब परिवारों के बच्चों को अपनी स्कूल और कॉलेज की फीस, किताबें और अन्य जरूरी शैक्षणिक खर्चे पूरे करने में सहूलियत होगी।
योगी आदित्यनाथ का बयान
वित्तीय सहायता जारी होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आर्थिक तंगी किसी भी छात्र के सपनों के आड़े नहीं आनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह पक्का करना है कि संसाधनों की कमी किसी भी विद्यार्थी के उज्ज्वल भविष्य की राह में रुकावट न बने।
जनता की प्रतिक्रिया
इस घोषणा के बाद आम नागरिकों की ओर से मिलीजुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। जहां कई लोगों ने छात्रों को समय पर मिली इस आर्थिक सहायता की सराहना की और सम्मान व्यक्त किया, वहीं कुछ युवाओं ने शासन से रोजगार और भर्ती प्रक्रियाओं पर भी ध्यान देने की मांग उठाई।



























