राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक विशेष पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस समारोह में योगी आदित्यनाथ ने बापू को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए पुष्पांजलि अर्पित की। देशभर में 2 अक्टूबर को मनाए जाने वाले इस राष्ट्रीय पर्व पर सत्य और अहिंसा के मार्गदर्शक महात्मा गांधी के साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भी कृतज्ञ राष्ट्र द्वारा याद किया गया।
योगी आदित्यनाथ ने बापू को किया नमन
कार्यक्रम के दौरान योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपिता के चरणों में पुष्प चढ़ाकर उन्हें सादर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि महात्मा गांधी के जीवन मूल्य और विचार वर्तमान समय में भी पूरी तरह प्रासंगिक हैं। समाज में शांति, सद्भाव और सत्य के मार्ग पर चलने की जो प्रेरणा बापू ने देश को दी थी, वह आज भी हर पीढ़ी का मार्गदर्शन करने में सक्षम है।
देशभर के प्रमुख नेताओं ने भी दी श्रद्धांजलि
महात्मा गांधी की जयंती पर देश के विभिन्न हिस्सों में भव्य कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे सहित कई प्रमुख नेताओं ने राष्ट्रपिता को याद कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने नई दिल्ली स्थित राजघाट पहुंचकर बापू की समाधि पर शीश नवाया और इसके बाद विजय घाट जाकर देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भी नमन किया।
लखनऊ के बारे में
लखनऊ भारत के सबसे बड़े राज्यों में से एक, उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक राजधानी है। यह शहर प्रशासनिक व्यवस्था के तहत लखनऊ ज़िले में स्थित है और राज्य के राजनीतिक व सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विशेष पहचान रखता है। इस ऐतिहासिक महानगर में प्रदेश के तमाम प्रमुख नीतिगत निर्णय और शीर्ष प्रशासनिक गतिविधियां संचालित होती हैं।
जनता की प्रतिक्रिया
योगी आदित्यनाथ के इस कार्यक्रम और संदेश पर आम जनता की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कई नागरिकों ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के सिद्धांतों को अपनाने का संकल्प दोहराया, जबकि कुछ सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने ऐतिहासिक संदर्भों और उपाधियों को लेकर तीखे सवाल उठाए।


























