ओडिशा के जाजपुर जिले में बाढ़ का पानी कम होने के बाद अपने घरों को व्यवस्थित कर रहे लोगों के सामने एक बेहद खौफनाक स्थिति पैदा हो गई। जिले के पाणिकोइली थाना क्षेत्र की पनास पंचायत में बैतरणी नदी का पानी उतरने के बाद सफाई अभियान चल रहा था, तभी एक घर में रखे फ्रिज के भीतर से जहरीला कोबरा सांप बाहर निकल आया। पानी घटने के बाद अपने आशियाने को संवारने में जुटे परिवार के लिए यह लम्हा सांसें थमा देने वाला साबित हुआ। राहत की बात यह रही कि समय रहते रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर सांप को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
फ्रिज के अंदर छिपा मिला कोबरा सांप
यह सनसनीखेज वाकया पनास पंचायत निवासी जहीर उद्दीन खान के मकान में सामने आया। हाल ही में बैतरणी नदी में आई भीषण बाढ़ के कारण पूरे इलाके में जलभराव हो गया था, जिससे कई मकान पानी में डूब गए थे। बाढ़ का असर कम होने पर जहीर उद्दीन खान का परिवार अपने घर में जमा कीचड़ और गंदगी की सफाई कर रहा था। इसी दौरान जब उन्होंने घर में रखे फ्रिज की स्थिति जांचने के लिए उसे देखा, तो अंदर एक खतरनाक कोबरा सांप बैठा दिखाई दिया। फ्रिज जैसी रोजमर्रा की चीज में सांप देखकर परिवार के सदस्य घबरा गए और तुरंत घर से बाहर निकल आए।
परिवार ने बिना देर किए घटना की जानकारी स्नेक रेस्क्यू टीम को दी। सूचना मिलते ही विशेषज्ञों की टीम पनास पंचायत स्थित मकान पर पहुंची। रेस्क्यू टीम के सदस्यों ने पूरी सतर्कता और सावधानी के साथ फ्रिज की पड़ताल शुरू की। विशेष उपकरणों का उपयोग करते हुए रेस्क्यू टीम ने सांप को बिना कोई नुकसान पहुंचाए फ्रिज से बाहर निकाला। इसके बाद कोबरा को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया। इस पूरे ऑपरेशन के दौरान किसी भी व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा, जिससे स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली।
बाढ़ के बाद आवासीय इलाकों में बढ़ता जीवों का खतरा
यह घटना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि प्राकृतिक आपदा या बाढ़ के बाद घरों में वापसी करने वाले परिवारों को किस तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। जब नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ता है, तो जंगलों और झाड़ियों में रहने वाले सांप तथा अन्य जहरीले जीव अपनी जान बचाने के लिए बहकर रिहायशी इलाकों में पहुंच जाते हैं। जलभराव के दौरान ये जीव सुरक्षित और सूखे स्थानों की तलाश में घरों के भीतर प्रवेश कर जाते हैं। पानी घटने के बाद भी ये जहरीले प्राणी अक्सर अंधेरी और सुरक्षित जगहों पर छिपे रहते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लौटने वाले लोगों को किसी भी सामान को छूने से पहले बेहद सावधानी बरतनी चाहिए। घर के अंधेरे कोनों, आलमारियों, बर्तनों, कपड़ों के ढेर, स्टोर रूम, पुराने बक्सों और फ्रिज या वाशिंग मशीन जैसी इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं के पीछे सांप छिपे हो सकते हैं। बिना जांच पड़ताल किए किसी वस्तु को अचानक हिलाने ढुलने से सांप आक्रामक हो सकते हैं और हमले का खतरा बढ़ जाता है।
सुरक्षा के उपाय और विशेषज्ञों की अहम सलाह
रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद विशेषज्ञों ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहने वाले नागरिकों के लिए विशेष दिशानिर्देश जारी किए हैं। स्नेक रेस्क्यू टीम ने अपील की है कि अगर किसी घर में सांप दिखाई दे, तो उसे खुद पकड़ने, छेड़ने या मारने का प्रयास बिल्कुल न करें। ऐसा करना जानलेवा साबित हो सकता है, क्योंकि घबराया हुआ सांप रक्षात्मक रुख अपनाकर हमला कर सकता है।
अगर घर में किसी जगह पर जहरीला जीव दिखाई दे, तो तुरंत बच्चों और पालतू जानवरों को उस जगह से दूर कर देना चाहिए। इसके बाद फौरन प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम या वन विभाग को सूचित करना चाहिए। भले ही बैतरणी नदी का जलस्तर कम हो चुका हो, लेकिन बाढ़ के बाद घरों में छिपे जहरीले जीवों का खतरा अब भी बना हुआ है। इसलिए घर में प्रवेश करते समय और सफाई का काम करते समय सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।
















