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पाकिस्तान की राजधानी और रावलपिंडी में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, लेह नाला उफान परपाकिस्तान
1 सित॰ 2026, 2:05 pm (57 दिन पहले)· 3

पाकिस्तान की राजधानी और रावलपिंडी में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, लेह नाला उफान पर

पाकिस्तान के इस्लामाबाद और रावलपिंडी में मंगलवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश से कई हिस्से जलमग्न हो गए। हालात को देखते हुए प्रशासन ने स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए हैं और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।

पाकिस्तान के दो अहम शहरों में मंगलवार की सुबह अचानक हुई मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। राजधानी इस्लामाबाद के साथ-साथ पड़ोसी शहर रावलपिंडी में जलभराव की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि रावलपिंडी के प्रशासन को तुरंत कदम उठाते हुए सभी शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी का ऐलान करना पड़ा ताकि छात्र सुरक्षित रहें।

स्थानीय मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार लेह नाला का जलस्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है, जिसमें कटारियां के पास यह 29 फीट और गावलमंडी के पास 23.5 फीट तक दर्ज किया गया। इस जलग्रहण क्षेत्र में लगभग 200 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई, जिसके तुरंत बाद संवेदनशील बस्तियों से नागरिकों को सुरक्षित ठिकानों पर शिफ्ट करने का अभियान शुरू कर दिया गया।

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सरकार की तरफ से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। देश के योजना मंत्री अहसान इकबाल ने मीडिया को बताया कि बढ़ते जलस्तर के कारण इस्लामाबाद और रावलपिंडी के निचले हिस्सों में शहरी बाढ़ आने की आशंका काफी बढ़ गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वाटर एंड सैनिटेशन एजेंसी, रेस्क्यू 1122 और जिला प्रशासन के तमाम आपातकालीन अमले को पूरी तरह मुस्तैद रखा गया है। सभी टीमें मौके पर मुस्तैद होकर पानी की निकासी और नागरिकों की हिफाजत सुनिश्चित करने में जुटी हैं।

राजधानी इस्लामाबाद के डिप्टी कमिश्नर इरफान नवाज मेमन ने जानकारी दी कि लगातार बरस रहे पानी के कारण रावल डैम का जलस्तर तय सीमा को पार कर गया है। इस वजह से दोपहर 2 बजे इस डैम के स्पिलवे खोलने का फैसला लिया गया है। प्रशासन ने नागरिकों को सख्त हिदायत दी है कि वे किसी भी सूरत में नालों और पानी से भरे रास्तों के नजदीक न जाएं। इसके अलावा ई-11 इलाके में भारी बारिश के रिकॉर्ड टूटने से ड्रेनेज सिस्टम फेल हो गया और मुख्य सड़कों पर सैलाब जैसा नजारा देखने को मिला।

शहर के कुछ सील किए गए अवैध बेसमेंट के अंदर भी पानी भर गया है, जिससे प्रशासन की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। अधिकारियों ने जलमार्गों को ब्लॉक करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की बात कही है और पानी बाहर निकालने के लिए डीवाटरिंग पंपों की संख्या में इजाफा किया जा रहा है। मौसम विभाग ने पहले ही चेतावनी दी थी कि देश के उत्तरी इलाकों में 5 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहेगा और इस दौरान कई शहरों में शहरी बाढ़ आ सकती है।

यातायात पुलिस ने चालकों को वाहन धीमी गति से चलाने और आगे चल रहे वाहनों से उचित दूरी बनाकर चलने की सलाह दी है। लगातार हो रही मानसूनी बौछारों की वजह से राजधानी के विभिन्न हिस्सों में रोड ट्रैफिक भी बाधित हुआ है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में भी पाकिस्तान के ऊपरी हिस्सों में बादल बरसते रहेंगे, जिसके चलते दोनों शहरों के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा फिलहाल टला नहीं है।

संवेदनशील बस्तियों में राहत कर्मियों को तैनात करने के साथ ही आपातकालीन सेवाओं को हाई अलर्ट पर रखा गया है। अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे बेहद जरूरी होने पर ही अपने घरों से बाहर निकलें और किसी भी जलमग्न या नाले के आसपास जाने से परहेज करें। मंगलवार को हुई इस अचानक बारिश से दोनों शहरों का दैनिक कामकाज थम सा गया है।

सवाल-जवाब

इस्लामबाद और रावलपिंडी में बाढ़ का मुख्य कारण क्या था?
यहाँ मंगलवार सुबह हुई भारी मूसलाधार बारिश और लेह नाला के जलग्रहण क्षेत्र में करीब 200 मिलीमीटर पानी गिरने के कारण बाढ़ का खतरा पैदा हुआ।
प्रशासन ने शैक्षणिक संस्थानों को लेकर क्या कदम उठाया?
रावलपिंडी प्रशासन ने बिगड़ते हालातों को देखते हुए सभी स्कूलों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया।
लेह नाला का जलस्तर कहाँ तक पहुँच गया था?
लेह नाला का जलस्तर कटारियां में 29 फीट और गावलमंडी में 23.5 फीट की खतरनाक ऊंचाई तक पहुँच गया था।
रावल डैम के स्पिलवे क्यों खोले गए?
लगातार हो रही बारिश के कारण रावल डैम का जलस्तर निर्धारित सीमा से ऊपर पहुँच गया था, जिसके चलते दोपहर 2 बजे स्पिलवे खोलने की योजना बनाई गई।
कौन-कौन से आपातकालीन विभाग तैनात किए गए हैं?
वाटर एंड सैनिटेशन एजेंसी, रेस्क्यू 1122 और जिला प्रशासन के तमाम राहत विभागों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
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