पाकिस्तान की सियासत में रविवार का दिन भारी गहमागहमी भरा रहा, जहां रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के स्वास्थ्य परीक्षण के बीच लाहौर में उनकी बहन अलीमा खान को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इस गिरफ्तारी की तस्दीक पीटीआई (PTI) के पंजाब प्रवक्ता ने की है, हालांकि प्रशासनिक अमले अथवा पुलिस की तरफ से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। एक तरफ जहां जेल की चहारदीवारी के भीतर विशेषज्ञ डॉक्टरों का पैनल इमरान खान के स्वास्थ्य की गहन पड़ताल कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ बाहर उनकी पार्टी के शीर्ष नेताओं और परिवार के सदस्यों पर कानूनी शिकंजा कसता दिखाई दे रहा है।
अदियाला जेल में आंखों और दिल की जांच के लिए पहुंचे विशेषज्ञ
रावलपिंडी स्थित अदियाला जेल में पूर्व प्रधानमंत्री के स्वास्थ्य की समीक्षा करने के लिए पिम्स (PIMS) और शिफा अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों का एक विशेष दल पहुंचा। इस मेडिकल परीक्षण का मुख्य उद्देश्य इमरान खान के रक्तचाप, हृदय और विशेष रूप से उनकी दाहिनी आंख की स्थिति की जांच करना है। इमरान की दाहिनी आंख को लेकर उनके परिजन और कानूनी प्रतिनिधि लगातार गंभीर चिंता जाहिर करते रहे हैं, जिनका आरोप रहा है कि जेल की परिस्थितियों में उनकी आंखों की रोशनी पर विपरीत असर पड़ रहा है। इसके उलट, जेल प्रशासन द्वारा पूर्व में पेश किए गए आधिकारिक मेडिकल दस्तावेजों में यह बात कही गई थी कि समुचित उपचार उपलब्ध कराए जाने के बाद उनकी आंखों की हालत में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया था।
लाहौर में अलीमा खान की गिरफ्तारी और विरोध की सुगबुगाहट
चिकित्सकों की टीम द्वारा जांच शुरू किए जाने के कुछ ही देर बाद पंजाब की प्रांतीय राजधानी लाहौर से अलीमा खान को पुलिस द्वारा उठाए जाने की खबर आई। पार्टी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, पुलिस बल ने सीधे उनके आवास पर दस्तक दी और उन्हें अपनी गिरफ्त में ले लिया। यह कड़ी कार्रवाई ऐसे नाजुक मोड़ पर सामने आई है जब पार्टी ने 27 सितंबर को समूचे पाकिस्तान में बड़े पैमाने पर आंदोलन छेड़ने का ऐलान कर रखा है। अपने नेता की अविलंब रिहाई की मांग को लेकर पार्टी कार्यकर्ता लामबंद हो रहे हैं, जिसके चलते इससे पहले भी कई प्रमुख कार्यकर्ताओं को विभिन्न इलाकों से पकड़ा जा चुका है। अलीमा खान की हिरासत को सीधे तौर पर इस प्रस्तावित प्रदर्शन की रणनीति और तैयारियों को रोकने की प्रशासनिक कवायद के रूप में देखा जा रहा है।
इस्लामाबाद में प्रशासनिक हलचल और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
आगामी 27 सितंबर के विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर संघीय राजधानी इस्लामाबाद में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर पहुंचा दिया गया है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त बैठकों में शहर की संवेदनशील सीमाओं और प्रमुख मार्गों की सुरक्षा की गहन समीक्षा की गई है। शहर भर के प्रमुख बस अड्डों, मुसाफिरखानों और गेस्ट हाउसों पर खुफिया निगरानी बिठा दी गई है ताकि बाहर से आने वाले लोगों की पहचान की जा सके। इसके अलावा उन तमाम लोगों और संस्थाओं की सूची तैयार कर नजर रखी जा रही है, जो प्रदर्शन में शिरकत करने वाले कार्यकर्ताओं के लिए परिवहन, भोजन, पानी अथवा ठहरने के प्रबंध में मददगार साबित हो सकते हैं।


















