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मेडिकल जांच के 24 घंटे के भीतर अदियाला जेल भेजे गए इमरान खान, असीम मुनीर और सेना से सुलह के मूड में पीटीआईपाकिस्तान
21 अग॰ 2026, 8:32 am (3 घंटे पहले)· 2

मेडिकल जांच के 24 घंटे के भीतर अदियाला जेल भेजे गए इमरान खान, असीम मुनीर और सेना से सुलह के मूड में पीटीआई

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शिफा अस्पताल ले जाए गए इमरान खान को महज 24 घंटे के भीतर वापस अदियाला जेल भेज दिया गया है। इस बीच पार्टी नेता जुल्फी बुखारी के बयान से संकेत मिल रहे हैं कि पीटीआई अब सैन्य नेतृत्व के साथ सीधा टकराव टालने के पक्ष में है।

पाकिस्तान की राजनीति में चल रहे तनाव के बीच पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक इमरान खान को अस्पताल से वापस अदियाला जेल भेज दिया गया है। बृहस्पतिवार की देर रात उन्हें इलाज और चिकित्सा जांच के लिए शिफा अस्पताल लाया गया था, लेकिन डॉक्टरों की सिफारिश के बाद उन्हें 24 घंटे पूरा होने से पहले ही दोबारा जेल के उनके सेल में पहुंचा दिया गया। अस्पताल में छह विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक उच्चस्तरीय टीम ने इमरान खान के स्वास्थ्य का व्यापक परीक्षण किया। गहन जांच प्रक्रिया पूरी होने के पश्चात चिकित्सा दल ने निष्कर्ष निकाला कि इमरान खान को जेल की देखरेख में रखना सुरक्षित है। इस घटनाक्रम के बाद इमरान खान को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वापस अदियाला जेल स्थानांतरित कर दिया गया। अस्पताल ले जाए जाने से पहले शिफा अस्पताल के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया था और शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों ने खुद मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया था। हालांकि, 24 घंटे के भीतर हुई इस त्वरित वापसी से यह माना जा रहा है कि सैन्य प्रशासन उन्हें जेल परिसर से बाहर रखने को लेकर बेहद सख्त है। इसी बीच पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की ओर से आ रहे बयानों से संकेत मिल रहे हैं कि पीटीआई अब सैन्य प्रतिष्ठान के साथ अपने लंबे समय से चले आ रहे सीधे टकराव को समाप्त करने का मार्ग तलाश रही है।

अदालत का आदेश और कानूनी दांव-पेच

इमरान खान का अस्पताल स्थानांतरण सुप्रीम कोर्ट के एक महत्वपूर्ण निर्देश के बाद संभव हुआ था। शीर्ष अदालत ने इमरान खान की गिरती सेहत और चिकित्सीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सरकार को आदेश दिया था कि 48 घंटे के भीतर उन्हें शिफा अस्पताल ले जाकर विस्तृत मेडिकल जांच कराई जाए। अदालत ने इस प्रक्रिया के लिए एक विशेष मेडिकल बोर्ड के गठन का भी निर्देश दिया था और इमरान खान के निजी चिकित्सक को जांच के समय उपस्थित रहने की औपचारिक अनुमति दी थी। सरकार ने शीर्ष अदालत के इस आदेश के खिलाफ समीक्षा याचिका दायर कर इसे रोकने का प्रयास किया था। हालांकि, बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार कार्यालय ने प्रक्रियात्मक आपत्तियों का हवाला देते हुए सरकार की समीक्षा याचिका को बिना सुनवाई के वापस कर दिया।

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इस बीच, कानूनी और चिकित्सीय बहसों के बीच संघीय मंत्री तारिक फजल चौधरी ने एक नया बयान देकर राजनीतिक हलचलों को तेज कर दिया। उन्होंने संभावना जताई कि यदि स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें बनी रहती हैं तो इमरान खान को इलाज के लिए विदेश भी भेजा जा सकता है। दूसरी ओर, पीटीआई के महासचिव सलमान अकरम राजा ने इमरान खान को उनके बनी गाला स्थित निजी आवास पर स्थानांतरित करने की अटकलों पर विराम लगाया। सलमान अकरम राजा ने स्पष्ट किया कि इमरान खान को बनी गाला भेजे जाने या उनके घर को सब-जेल घोषित करने की बातें फिलहाल समय से पहले हैं। हालांकि, उन्होंने यह जरूर कहा कि यदि विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम यह रिपोर्ट देती है कि जेल का माहौल उनकी सेहत के लिए हानिकारक है, तो किसी सुरक्षित इमारत को सब-जेल घोषित करने जैसे प्रशासनिक विकल्पों पर विचार किया जा सकता है। राजा के अनुसार, अदालत में प्रस्तुत की गई स्वास्थ्य रिपोर्ट में यह साफ उल्लेख किया गया है कि जेल का वर्तमान वातावरण इमरान खान के मानसिक तनाव और चिंता को बढ़ाने वाला साबित हो रहा है।

सैन्य नेतृत्व के साथ रुख में नरमी के संकेत

इमरान खान की चिकित्सीय जांच के बीच उनके बेहद करीबी सहयोगी जुल्फी बुखारी के एक ताजा बयान ने राजनीतिक गलियारों में एक नई चर्चा को जन्म दे दिया है। एक साक्षात्कार में जुल्फी बुखारी ने संकेत दिया कि यदि इमरान खान की जेल से रिहाई होती है, तो वह देश के सैन्य नेतृत्व या सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर के खिलाफ सीधे टकराव का रास्ता नहीं चुनेंगे। बुखारी ने जोर देकर कहा कि यदि इमरान खान रिहा हो जाते हैं, तो वह ऐसा कोई कदम नहीं उठाएंगे जिससे देश की स्थिरता या राष्ट्रीय हितों को किसी भी प्रकार का नुकसान पहुंचे।

जुल्फी बुखारी ने स्पष्ट किया कि इसका अर्थ यह कदापि नहीं है कि पीटीआई सत्ता प्रतिष्ठान या सैन्य अधिकारियों के सामने पूरी तरह समर्पण कर रही है। बल्कि, यह कदम देश के व्यापक हित में व्यक्तिगत गुस्से, दर्द और पीड़ा को नियंत्रित करने की एक परिपक्व रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि देश के बेहतर और सुरक्षित भविष्य के लिए पुरानी कड़वाहट और व्यक्तिगत तकलीफों को दरकिनार करके आगे बढ़ना आवश्यक है। बुखारी ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले का स्वागत करते हुए इसे देश में न्याय और कानूनी संतुलन की एक नई उम्मीद की किरण करार दिया।

पीटीआई और सेना के बीच सुलह की राह और जमीनी चुनौतियां

जुल्फी बुखारी के इस संतुलित बयान को पीटीआई के उस आक्रामक रुख से पीछे हटने के रूप में देखा जा रहा है, जो पार्टी पिछले लंबे समय से अपनाए हुए थी। इमरान खान और उनकी पार्टी पीटीआई का पाकिस्तान की शक्तिशाली सेना के साथ गहरा और पुराना विवाद रहा है। पीटीआई के समर्थकों और निचले स्तर के कार्यकर्ताओं ने हमेशा सेना प्रमुख असीम मुनीर को इमरान खान की गिरफ्तारी, उन पर दर्ज मामलों और पार्टी के खिलाफ हुई कड़ी कार्रवाई के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार ठहराया है। ऐसे में जुल्फी बुखारी द्वारा सेना के प्रति नरम रुख का प्रदर्शन करना पार्टी की रणनीति में बड़े बदलाव की ओर इशारा करता है।

हालांकि, बुखारी ने स्थिति को और स्पष्ट करते हुए यह भी माना कि वर्तमान समय में पीटीआई और सेना के उच्च अधिकारियों के बीच किसी भी प्रकार की प्रत्यक्ष बातचीत या औपचारिक संवाद नहीं चल रहा है। उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि फील्ड मार्शल असीम मुनीर इस समय पाकिस्तान के सबसे ताकतवर व्यक्तियों में शामिल हैं और उनके प्रभाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। दूसरी तरफ, राजनीतिक विश्लेषकों ने इस पूरे घटनाक्रम पर सतर्क रुख अपनाने की चेतावनी दी है। विश्लेषकों का मानना है कि बाहर मौजूद पीटीआई नेताओं के बयानों और जेल में बंद इमरान खान की अपनी निजी सोच के बीच अंतर हो सकता है। महीनों से लगातार जेल में रहने के कारण इमरान खान और पार्टी के शीर्ष नेताओं के बीच सीधा संपर्क बेहद सीमित रहा है, जिसके चलते यह कहना अभी जल्दबाजी होगा कि इमरान खान खुद सेना के साथ सुलह के इस प्रस्ताव पर पूरी तरह सहमत हैं या नहीं।

सवाल-जवाब

इमरान खान को अस्पताल से 24 घंटे में वापस जेल क्यों भेजा गया?
छह विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम द्वारा मेडिकल जांच किए जाने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें जेल में रखना सुरक्षित बताया, जिसके आधार पर उन्हें अदियाला जेल वापस भेज दिया गया।
सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान के इलाज के संबंध में क्या निर्देश दिया था?
सुप्रीम कोर्ट ने 48 घंटे के भीतर शिफा अस्पताल में उनकी मेडिकल जांच कराने, एक मेडिकल बोर्ड गठित करने और जांच के दौरान उनके निजी डॉक्टर को उपस्थित रहने का आदेश दिया था।
जुल्फी बुखारी ने इमरान खान की रिहाई और सेना से संबंधों को लेकर क्या बयान दिया?
जुल्फी बुखारी ने कहा कि रिहाई मिलने पर इमरान खान सेना या सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर से सीधा टकराव नहीं चाहेंगे और देश के हित में संयम बरतेंगे।
क्या वर्तमान में पीटीआई और पाकिस्तान सेना के बीच कोई आधिकारिक बातचीत चल रही है?
जुल्फी बुखारी ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल पीटीआई और सैन्य नेतृत्व के बीच किसी भी प्रकार की बातचीत नहीं चल रही है।
इमरान खान को बनी गाला शिफ्ट करने की चर्चा पर पीटीआई महासचिव की क्या प्रतिक्रिया थी?
सलमान अकरम राजा ने बनी गाला स्थानांतरित करने की चर्चा को समय से पहले बताया, हालांकि उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की सलाह पर किसी इमारत को सब-जेल घोषित किया जा सकता है।
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