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17 जुलाई के कार्यक्रम को लेकर देहरादून में सियासी घमासान, अब बन्नू स्कूल मैदान में होगी रैलीराजनीति
15 जुल॰ 2026, 11:18 am (14 दिन पहले)· 2

17 जुलाई के कार्यक्रम को लेकर देहरादून में सियासी घमासान, अब बन्नू स्कूल मैदान में होगी रैली

देहरादून में परेड ग्राउंड में राहुल गांधी की प्रस्तावित रैली को प्रशासन से अनुमति न मिलने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हुई, जिसके बाद कार्यक्रम अब बन्नू स्कूल मैदान में कराने का फैसला हुआ।

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में मंगलवार देर रात सियासी माहौल गरमा गया, जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ झड़प हो गई। पूरा बवाल राहुल गांधी के 17 जुलाई को प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर मचा। कार्यकर्ताओं का कहना था कि प्रशासन इस कार्यक्रम की अनुमति देने में आनाकानी कर रहा है, और इसी मांग को लेकर वे सड़क पर उतरकर धरने पर बैठ गए।

माजरा क्या है?

अगले साल उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव होने हैं, और उससे पहले राज्य की सियासत गर्म है। तय हुआ था कि राहुल गांधी देहरादून के परेड ग्राउंड में एक रैली को संबोधित करेंगे, लेकिन प्रशासन ने इस आयोजन को हरी झंडी नहीं दी। जैसे ही यह खबर फैली, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता भड़क उठे। मंगलवार देर रात बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने सड़क जाम कर दी और वहीं धरने पर बैठ गए। कार्यकर्ताओं का सीधा आरोप था कि सरकार राहुल गांधी की मौजूदगी से घबराई हुई है, और इसी वजह से जानबूझकर अनुमति रोकी जा रही है।

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प्रशासन ने अनुमति क्यों रोकी?

देर रात गणेश गोदियाल के साथ पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, वरिष्ठ नेता हरक सिंह रावत और सह प्रभारी मनोज यादव समेत बड़ी तादाद में कार्यकर्ता कांग्रेस मुख्यालय से नारे लगाते हुए पैदल परेड ग्राउंड की तरफ बढ़े। जब पुलिस ने उन्हें रोकने और समझाने की कोशिश की, तो दोनों पक्षों के बीच धक्का मुक्की हो गई। देहरादून प्रशासन का कहना है कि परेड ग्राउंड फिलहाल खाली नहीं है, वहां पहले से चल रहे एक कार्यक्रम की समय सीमा बढ़ा दी गई है। इसी वजह से सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने कांग्रेस से आग्रह किया कि राहुल गांधी का कार्यक्रम बन्नू स्कूल के मैदान में शिफ्ट किया जाए।

आखिर में निकला क्या हल?

देर रात तक चले इस पूरे सियासी घटनाक्रम के बाद कांग्रेस ने आखिरकार कार्यक्रम की जगह बदलने का फैसला ले लिया। अब राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' नाम का यह कार्यक्रम बन्नू स्कूल के मैदान में आयोजित किया जाएगा। कांग्रेस ने साफ किया कि यह फैसला छात्रों और उनके अभिभावकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लिया गया है। इस तरह स्थान को लेकर छिड़ा विवाद फिलहाल शांत होता दिख रहा है, हालांकि परेड ग्राउंड की अनुमति रद्द होने के मसले पर कांग्रेस और सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला अभी थमा नहीं है। कांग्रेस लगातार यह आरोप दोहरा रही है कि सरकार जानबूझकर राहुल गांधी के कार्यक्रमों में अड़चनें डाल रही है, वहीं प्रशासन इसे केवल सुरक्षा और व्यवस्था से जुड़ा फैसला बता रहा है।

सवाल-जवाब

राहुल गांधी की रैली कब होनी थी?
17 जुलाई को देहरादून के परेड ग्राउंड में यह रैली प्रस्तावित थी।
परेड ग्राउंड में अनुमति क्यों नहीं मिली?
प्रशासन के मुताबिक वहां पहले से चल रहे एक कार्यक्रम की समय सीमा बढ़ा दी गई थी, इसलिए सुरक्षा कारणों से नई अनुमति नहीं दी गई।
अब रैली कहां होगी?
कांग्रेस ने कार्यक्रम बन्नू स्कूल के मैदान में शिफ्ट कर दिया है।
हंगामे में कांग्रेस के कौन-कौन नेता शामिल थे?
प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, वरिष्ठ नेता हरक सिंह रावत और सह प्रभारी मनोज यादव कार्यकर्ताओं के साथ मौजूद थे।
कांग्रेस ने सरकार पर क्या आरोप लगाया?
कांग्रेस का आरोप है कि सरकार राहुल गांधी से डरकर जानबूझकर कार्यक्रम की अनुमति नहीं दे रही थी।
17 जुलाई के कार्यक्रम का नाम क्या है?
इस कार्यक्रम का नाम 'छात्रों की गूंज' है।
क्या पूरा विवाद सुलझ गया है?
स्थान को लेकर विवाद फिलहाल शांत हो गया है, लेकिन अनुमति रद्द होने पर कांग्रेस और सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप अभी भी जारी है।
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