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अखिलेश यादव के जन्मदिन पर राहुल गांधी की खास बधाई, यूपी में सपा-कांग्रेस गठबंधन को लेकर मिला बड़ा संकेतराजनीति
2 जुल॰ 2026, 1:47 pm (27 दिन पहले)· 2

अखिलेश यादव के जन्मदिन पर राहुल गांधी की खास बधाई, यूपी में सपा-कांग्रेस गठबंधन को लेकर मिला बड़ा संकेत

अखिलेश यादव के जन्मदिन पर राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की बधाई ने साफ कर दिया है कि यूपी में सपा-कांग्रेस गठबंधन 2027 के विधानसभा चुनाव तक बना रहेगा, भले ही राजेंद्र पाल गौतम के बयानों ने कुछ दिन पहले कयासों को हवा दी हो.

उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन को लेकर पिछले कुछ दिनों से तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे. कांग्रेस ने हाल ही में राजेंद्र पाल गौतम को यूपी प्रभारी बनाया था और उनके एक बयान ने इस गठबंधन की सेहत पर सवाल खड़े कर दिए थे. लेकिन सपा प्रमुख अखिलेश यादव के जन्मदिन पर राहुल गांधी ने जिस अंदाज में बधाई दी, उसने साफ कर दिया कि 2024 में दिखी सपा-कांग्रेस की एकजुटता 2027 में भी बरकरार रहने वाली है. मतलब कांग्रेस के भीतर सपा से नाराजगी जताने वाले नेता चाहे जो भी बोलते रहें, गठबंधन की डोर पर इसका ज्यादा असर पड़ता नजर नहीं आ रहा.

राजेंद्र पाल गौतम के बयान ने क्यों बढ़ाई हलचल

यूपी कांग्रेस प्रभारी बनाए गए राजेंद्र पाल गौतम पिछले चार दिनों में दो बार यह कह चुके हैं कि यूपी चुनाव में कांग्रेस और सपा की हैसियत बराबर की है, इसलिए सीट बंटवारे में भी कांग्रेस को बराबर की हिस्सेदारी मिलनी चाहिए. इतना ही नहीं, राजेंद्र पाल ने यह दावा भी किया कि चूंकि कांग्रेस राष्ट्रीय पार्टी है, इसलिए गठबंधन में बड़े भाई की भूमिका में वही है. इसके अलावा उन्होंने बहुजन समाज पार्टी यानी बीएसपी को भी गठबंधन में शामिल करने की बात छेड़ दी. गौरतलब है कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का जिम्मा संभालने से पहले भी राजेंद्र पाल गौतम पार्टी सांसद तनुज पुनिया के साथ मायावती से मुलाकात की कोशिश कर चुके हैं, हालांकि यह कोशिश कामयाब नहीं हो सकी थी. यानी एक तरफ राजेंद्र पाल सपा से 200 विधानसभा सीटों की मांग रख रहे हैं, तो दूसरी तरफ बीएसपी से गठबंधन के दरवाजे खुले रखने का इशारा भी दे रहे हैं. उनके इन बयानों के बाद यूपी की सियासी हलकों में यह बहस छिड़ गई थी कि क्या आने वाले चुनाव में सपा-कांग्रेस का साथ बना रह पाएगा.

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राहुल गांधी ने जन्मदिन के मौके पर दूर की उलझन

गठबंधन को लेकर बनी इस उलझन को सुलझाने खुद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सामने आए. उन्होंने इसके लिए अखिलेश यादव के जन्मदिन का मौका चुना और भरोसा दिलाया कि वे पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक यानी पीडीए की भागीदारी के जरिए सामाजिक न्याय को पक्का करने में सपा प्रमुख के साथ खड़े रहेंगे.

राहुल गांधी अपने कैंपेन में सामाजिक शब्द का इस्तेमाल बतौर बेसलाइन करते रहे हैं, लेकिन एक्स पर अखिलेश को लिखे संदेश में उन्होंने खासतौर से सपा प्रमुख के पसंदीदा शब्द PDA का जिक्र किया. इसे यूपी चुनाव में इंडिया गठबंधन की थीम के तौर पर देखा जा रहा है, साथ ही इसे राज्य में सीट बंटवारे की प्रक्रिया को आसान बनाए रखने की उनकी मंशा के तौर पर भी पढ़ा जा रहा है.

अखिलेश यादव जी को जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई. हम सब मिलकर PDA की भागीदारी के ज़रिए सोशल जस्टिस के प्रति अपने वादे को पूरा करेंगे. आपके अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाल, समृद्ध जीवन की कामना करता हूं.

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी अखिलेश यादव को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने लिखा कि सब मिलकर सामाजिक न्याय, सबको साथ लेकर चलने वाले विकास और लोकतंत्र व संविधान को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ते रहेंगे. गौरतलब है कि हाल ही में दिल्ली में हुई इंडिया गठबंधन की बैठक में भी राहुल गांधी और अखिलेश यादव के बीच काफी गर्मजोशी नजर आई थी.

अखिलेश यादव का जवाब: सिर्फ राहुल का शुक्रिया

अखिलेश यादव को जन्मदिन की बधाई देने वालों में तमाम नेता शामिल रहे, जिन्होंने सोशल मीडिया और दूसरे माध्यमों से बधाई दी. लेकिन सपा अध्यक्ष ने अपने शुक्रिया संदेश में सिर्फ राहुल गांधी का नाम लिया.

जन्मदिन की बधाई देने के लिए राहुल गांधी जी को बहुत-बहुत धन्यवाद! सामाजिक न्याय का राज लाने में साथ निभानेवाले सब लोगों का स्वागत है. हमें अपनी एकता का संकल्प हर बार दोहराना है. सांप्रदायिक ताकतों को दबे-छिपे लाभ पहुंचाने वालों के चेहरे से परदा हटाना है. PDA राजनीति से बहुत ऊपर उठकर देश की 95% उस आबादी के हक-अधिकार, मान-सम्मान और ख़ुशहाली-तरक्की का आंदोलन है, जो सदियों से हर समाज में शोषित, वंचित, गरीब रहे हैं. पीडीए पीड़ा के एकसूत्र से बंधे हैं और 5% परंपरागत वर्चस्ववादियों के अत्याचार व प्रभुत्व के कारण पीढ़ियों से पीड़ित, दुखी, अपमानित रहे हैं. प्रेम, दया, अपनापन पीडीए की एकता का मूल आधार है. वो हर कोई पीडीए में शामिल है, जिसके पास रहम और इंसानियत भरा दिल है.

2024 में साथ लड़े, 43 सीटें जीतीं, अब फिर तैयारी

2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने संविधान बचाने के मकसद को लेकर साथ चुनाव लड़ा था. इस गठबंधन को क्रमश: 33.84 परसेंट और 9.53 परसेंट वोट मिले, और दोनों दलों ने मिलकर कुल 43 सीटें जीती थीं. यही वजह है कि दोनों पार्टियां विधानसभा चुनाव तक इस रिश्ते को आगे बढ़ाना चाहती हैं. सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस को उम्मीद है कि 403 सीटों वाली यूपी विधानसभा में सपा से उसे 80 से 100 सीटें मिल सकती हैं.

2022 में अलग-अलग लड़े थे दोनों दल

2022 के विधानसभा चुनाव में सपा और कांग्रेस ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था. इसमें सपा का वोट शेयर 2017 के 21.8 परसेंट से बढ़कर 32.06 परसेंट हो गया, जबकि कांग्रेस का वोट शेयर 6.25 परसेंट से घटकर सिर्फ 2.33 परसेंट रह गया. गौर करने वाली बात यह है कि 2017 में दोनों पार्टियां गठबंधन में साथ लड़ी थीं, जबकि पांच साल बाद 2022 में वे एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में उतर गई थीं. अब हाल ही में राहुल गांधी की जन्मदिन बधाई ने कांग्रेस के गठबंधन सहयोगियों की तरफ फिर बढ़ने के साफ संकेत दिए हैं.

तमिलनाडु का उदाहरण और स्टालिन को दिया जवाब

तमिलनाडु चुनाव से पहले जब राहुल गांधी ने पार्टी के एक ऐसे धड़े का साथ दिया था जो डीएमके को छोड़कर विजय की अगुआई वाली टीवीके से हाथ मिलाना चाहता था, तब उन्होंने डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन के लिए मेरे बड़े भाई जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया था, बल्कि उन्हें सामान्य ढंग से बधाई दी थी. चुनाव नतीजों में टीवीके से हार के बाद डीएमके बैकफुट पर आ गई, वहीं कांग्रेस ने विजय की अगुआई वाली पार्टी से हाथ मिलाकर सरकार में शामिल होने का रास्ता चुन लिया. हालांकि 19 जून को जब स्टालिन ने राहुल को असल में जन्मदिन की बधाई दी, तो उसके जवाब में राहुल ने साफ लिखा था.

भारत के विचार, हमारे संविधान और फेडरलिज्म की रक्षा करने का हमारा साझा इरादा हमें गाइड करता रहेगा, यह हमारी डेमोक्रेसी की आत्मा के लिए लड़ाई है.

इस पूरे घटनाक्रम को यूपी के संदर्भ में देखें तो राहुल गांधी की जन्मदिन बधाई और उसमें पीडीए के इस्तेमाल को सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि गठबंधन को लेकर स्पष्ट राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है, ठीक वैसे ही जैसे तमिलनाडु में स्टालिन को दिए गए जवाब से गठबंधन को लेकर उनकी मंशा झलकी थी.

सवाल-जवाब

राजेंद्र पाल गौतम ने क्या बयान दिया था जिससे गठबंधन पर सवाल उठे?
यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने पिछले चार दिनों में दो बार कहा कि यूपी में कांग्रेस और सपा बराबर हैं इसलिए सीट शेयरिंग में कांग्रेस को बराबर हिस्सेदारी मिलनी चाहिए, और कांग्रेस को गठबंधन में बड़ा भाई बताया.
राहुल गांधी ने अखिलेश यादव को जन्मदिन पर क्या संदेश दिया?
राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा कि वे सब मिलकर पीडीए की भागीदारी के जरिए सोशल जस्टिस के वादे को पूरा करेंगे और अखिलेश के अच्छे स्वास्थ्य व समृद्ध जीवन की कामना की.
अखिलेश यादव ने बधाइयों के जवाब में किसका नाम लिया?
कई नेताओं ने बधाई दी, लेकिन अखिलेश यादव ने अपने शुक्रिया संदेश में सिर्फ राहुल गांधी का नाम लिया.
2024 लोकसभा चुनाव में सपा-कांग्रेस गठबंधन का प्रदर्शन कैसा रहा?
दोनों दलों ने साथ मिलकर 33.84 परसेंट और 9.53 परसेंट वोट के साथ कुल 43 सीटें जीती थीं.
कांग्रेस 2027 के यूपी चुनाव में सपा से कितनी सीटें चाहती है?
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस 403 सीटों वाली यूपी विधानसभा में सपा से 80 से 100 सीटें मिलने की उम्मीद कर रही है.
2022 विधानसभा चुनाव में दोनों पार्टियों का वोट शेयर क्या रहा था?
2022 में अलग लड़ते हुए सपा का वोट शेयर 21.8 परसेंट से बढ़कर 32.06 परसेंट हुआ, जबकि कांग्रेस का वोट शेयर 6.25 परसेंट से घटकर 2.33 परसेंट रह गया.
राजेंद्र पाल गौतम बीएसपी को लेकर क्या कोशिश कर चुके हैं?
प्रदेश अध्यक्ष बनने से पहले राजेंद्र पाल गौतम सांसद तनुज पुनिया के साथ मायावती से मिलने की कोशिश कर चुके हैं, हालांकि यह मुलाकात नहीं हो पाई थी.
तमिलनाडु में राहुल गांधी और एमके स्टालिन के बीच क्या हुआ था?
तमिलनाडु चुनाव से पहले राहुल ने विजय की टीवीके से जुड़ने वाले एक गुट का साथ दिया था और स्टालिन को हल्के ढंग से बधाई दी थी, लेकिन 19 जून को स्टालिन की बधाई के जवाब में राहुल ने भारत के विचार और संविधान की रक्षा के साझा इरादे की बात लिखी.
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