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बेंगलुरु में खरगे का गुस्सा फूटा, 'डीके-डीके' नारे पर अपने कार्यकर्ताओं को सुनाई खरी-खोटी और दी सीसीटीवी एक्शन की चेतावनीराजनीति
21 जून 2026, 8:29 pm (37 दिन पहले)· 2

बेंगलुरु में खरगे का गुस्सा फूटा, 'डीके-डीके' नारे पर अपने कार्यकर्ताओं को सुनाई खरी-खोटी और दी सीसीटीवी एक्शन की चेतावनी

बेंगलुरु में कांग्रेस के 'संकल्प समावेश' कार्यक्रम में डीके शिवकुमार के समर्थन में नारे लगाने पर पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भड़क गए और कार्यकर्ताओं को 'बेकार लोग' कहते हुए सीसीटीवी से कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने मोदी-ट्रंप की दोस्ती पर तंज कसने के साथ-साथ अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में वित्तीय अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग भी रखी।

बेंगलुरु में कांग्रेस पार्टी का 'संकल्प समावेश' कार्यक्रम जब अपने पूरे उत्साह पर था, तभी कुछ कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नाम पर जोर-जोर से 'डीके-डीके' के नारे लगाने शुरू कर दिए। मंच पर बैठे पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे यह देखकर तुरंत माइक की तरफ बढ़े और सभी की मौजूदगी में उन कार्यकर्ताओं को जमकर फटकार लगाई।

खरगे ने एकदम सीधे शब्दों में कह दिया कि यह मंच किसी एक नेता का नहीं, पूरी कांग्रेस पार्टी का है। नारे लगाने वालों को उन्होंने सार्वजनिक रूप से 'बेकार लोग' कहा और साफ किया कि कांग्रेस में व्यक्तिपूजा के लिए कोई जगह नहीं है।

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सीसीटीवी फुटेज से होगी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई

खरगे यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जाएगी और हुड़दंग तथा नारेबाजी में शामिल कार्यकर्ताओं की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह चेतावनी साफ बता रही थी कि पार्टी आलाकमान इस मामले को बिल्कुल हल्के में नहीं ले रहा।

58 साल के राजनीतिक सफर से दिया अनुशासन का पाठ

अपने 58 साल के राजनीतिक अनुभव का हवाला देते हुए खरगे ने कहा कि कांग्रेस ने अपने नेताओं को बहुत कुछ दिया है, इसीलिए पार्टी के मंच पर किसी एक नेता की जय-जयकार करना सरासर अनुचित है। उनका यह बयान कर्नाटक में सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के समर्थकों के बीच चल रही गुटबाजी पर सीधा वार था।

नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की दोस्ती पर तीखा तंज

घरेलू मुद्दों से आगे बढ़कर खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यक्तिगत दोस्ती पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों नेता एक-दूसरे को गहरे दोस्त बताते हैं, लेकिन उनके फैसलों की कीमत आम जनता चुका रही है। खरगे के मुताबिक नरेंद्र मोदी की नीतियां देश को बर्बाद कर रही हैं, जबकि डोनाल्ड ट्रंप के कदम पूरी दुनिया को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

जवाहरलाल नेहरू की विदेश नीति का जिक्र

खरगे ने भारत की पुरानी गुटनिरपेक्ष विदेश नीति को याद दिलाते हुए कहा कि जवाहरलाल नेहरू के दौर में देश के हर बड़े देश से संतुलित और सम्मानजनक संबंध थे। लेकिन मौजूदा सरकार ने व्यक्तिगत मित्रता को विदेश नीति का आधार बना लिया है, जिसकी वजह से देश के कूटनीतिक हितों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।

अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट पर गंभीर वित्तीय आरोप

कार्यक्रम में खरगे ने अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण के नाम पर देशभर से भारी मात्रा में चंदा जुटाया गया और मंदिरों की दान पेटियों में भी बड़ी रकम आई, लेकिन इसका कोई पारदर्शी हिसाब-किताब सामने नहीं आया है। खरगे ने मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

कर्नाटक कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान उजागर

खरगे का यह गुस्सा दरअसल कर्नाटक कांग्रेस में लंबे वक्त से सुलग रही उस आंतरिक कलह की झलक है जो सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के समर्थकों के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही है। दोनों गुटों की रस्साकशी अब पार्टी के खुले मंचों पर भी नजर आने लगी है। यह सख्त रुख सिर्फ नारेबाज कार्यकर्ताओं के लिए नहीं था, यह उन बड़े नेताओं को भी कड़ा संदेश था जो पार्टी संगठन से ऊपर खुद की पहचान बनाने में जुटे हैं।

सवाल-जवाब

बेंगलुरु में कांग्रेस के 'संकल्प समावेश' कार्यक्रम में क्या हुआ?
कुछ कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के समर्थन में 'डीके-डीके' के नारे लगाए, जिस पर नाराज होकर पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंच से उन्हें फटकारा और सार्वजनिक रूप से 'बेकार लोग' कह दिया।
खरगे ने नारेबाज कार्यकर्ताओं के खिलाफ क्या कार्रवाई की चेतावनी दी?
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की गहन जांच की जाएगी और हुड़दंग करने वाले कार्यकर्ताओं के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
खरगे ने नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की दोस्ती पर क्या आरोप लगाए?
उन्होंने कहा कि दोनों नेता खुद को गहरे दोस्त बताते हैं, लेकिन नरेंद्र मोदी की नीतियां देश को नुकसान पहुंचा रही हैं और डोनाल्ड ट्रंप के फैसले पूरी दुनिया के लिए नुकसानदेह साबित हो रहे हैं।
अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर खरगे ने क्या कहा?
उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण के नाम पर जुटाए गए चंदे और दान पेटियों के धन का पारदर्शी हिसाब नहीं है और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
खरगे ने जवाहरलाल नेहरू का जिक्र किस संदर्भ में किया?
उन्होंने नेहरू के गुटनिरपेक्ष दौर का हवाला देते हुए कहा कि तब भारत सभी देशों से संतुलित संबंध रखता था, जबकि मौजूदा सरकार ने व्यक्तिगत दोस्ती को विदेश नीति का आधार बना दिया है।
इस घटना से कर्नाटक कांग्रेस की कौन सी अंदरूनी कलह सामने आई?
यह घटना सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के समर्थकों के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही लंबी खींचतान को उजागर करती है, जो अब पार्टी के खुले मंचों पर भी दिखने लगी है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

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