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बेटी की विवादित टिप्पणी के बाद तेलंगाना मंत्रिमंडल से कोंडा सुरेखा बाहर, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने की कार्रवाईराजनीति
3 सित॰ 2026, 3:58 pm (54 दिन पहले)· 1

बेटी की विवादित टिप्पणी के बाद तेलंगाना मंत्रिमंडल से कोंडा सुरेखा बाहर, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने की कार्रवाई

तेलंगाना में विवादित बयानबाजी के बाद मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने मंत्री कोंडा सुरेखा को कैबिनेट से हटाने की सिफारिश की है, जबकि नुकसान की भरपाई के लिए तीन ओबीसी महिला नेताओं को प्रमुख बोर्डों की जिम्मेदारी दी गई है।

तेलंगाना की राजनीति और सत्ताधारी दल के भीतर लंबे समय से चल रही अंदरूनी खींचतान के बीच राज्य सरकार ने एक बड़ा राजनीतिक फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने गुरुवार को अपनी कैबिनेट से मंत्री कोंडा सुरेखा को बर्खास्त करने का निर्णय लेते हुए राजभवन को औपचारिक सिफारिश भेज दी है। यह सख्त कदम तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशासनात्मक समिति की विस्तृत रिपोर्ट और सिफारिश के बाद सामने आया है। अनुशासनात्मक समिति ने अपनी जांच में माना था कि मंत्री सुरेखा की बेटी द्वारा सार्वजनिक मंच से दिए गए बयानों से पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा है और इसके लिए मंत्री के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके साथ ही संगठन के भीतर अनुशासनहीनता के आरोपी चिन्ना रेड्डी को भी तेलंगाना योजना बोर्ड के पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है।

अनुशासनात्मक रिपोर्ट और दिल्ली में बैठकों का दौर

तेलंगाना से शुरू हुआ यह राजनीतिक विवाद बीते कुछ दिनों में राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली तक पहुंच गया था। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने अपने दिल्ली दौरे के दौरान ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के समक्ष यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया था और अनुशासनहीनता पर सख्त रुख अपनाने का आग्रह किया था। दूसरी ओर, कैबिनेट से हटाए जाने के बढ़ते दबाव के बीच कोंडा सुरेखा ने खुद इस्तीफा देने से साफ मना कर दिया था और पार्टी नेतृत्व को खुलकर कार्रवाई करने की चुनौती दी थी। इसी सिलसिले में सुरेखा ने बुधवार को नई दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात कर अपना पक्ष रखने का प्रयास भी किया, लेकिन केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें स्पष्ट कर दिया था कि अनुशासनात्मक समिति की सिफारिशों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

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विवाद का मुख्य कारण और सार्वजनिक बयानबाजी

मंत्री कोंडा सुरेखा से जुड़ा यह विवाद अगस्त के महीने में उस समय शुरू हुआ था, जब उनकी बेटी कोंडा सुष्मिता पटेल ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ विवादित टिप्पणियां की थीं। बयान के सामने आने के बाद मंत्री सुरेखा ने अपनी सफाई में कहा था कि उनकी बेटी की राय पूरी तरह से निजी है और इसके लिए उन्हें व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। हालांकि, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के समर्थक विधायकों और कांग्रेस नेताओं ने इस सफाई को खारिज कर दिया और लगातार यह मांग की कि मंत्री के खिलाफ कड़ी संगठनात्मक और प्रशासनिक कार्रवाई की जानी चाहिए।

ओबीसी प्रतिनिधित्व और राजनीतिक डैमेज कंट्रोल

कोंडा सुरेखा तेलंगाना में एक वरिष्ठ अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) महिला नेता के रूप में जानी जाती हैं, इसलिए उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर किए जाने से उत्पन्न होने वाले राजनीतिक नुकसान को कम करने के लिए मुख्यमंत्री ने तुरंत रणनीतिक कदम उठाए। रेवंत रेड्डी ने सुरेखा के प्रभाव वाले वारंगल जिले से ही तीन प्रमुख महिला नेताओं को राज्य के महत्वपूर्ण बोर्डों और प्राधिकरणों की जिम्मेदारी सौंपी है। इस नई व्यवस्था के तहत गडवाल विजयलक्ष्मी को तेलंगाना योजना बोर्ड का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जहां वे चिन्ना रेड्डी की जगह लेंगी। इसके अलावा, नेरेला शारदा को तेलंगाना राज्य महिला आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि पूर्व राज्यसभा सांसद जी सुधा रानी को काकतीय शहरी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पद पर तैनात किया गया है।

सवाल-जवाब

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने किस मंत्री को कैबिनेट से हटाने की सिफारिश की है?
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने मंत्री कोंडा सुरेखा को मंत्रिमंडल से हटाने का फैसला कर राज्यपाल को सिफारिश भेजी है।
कोंडा सुरेखा के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का मुख्य कारण क्या था?
अगस्त में उनकी बेटी कोंडा सुष्मिता पटेल द्वारा मुख्यमंत्री और उनके परिवार के खिलाफ दी गई विवादित टिप्पणियों के कारण यह कार्रवाई की गई।
चिन्ना रेड्डी को किस पद से हटाया गया और उनकी जगह किसे जिम्मेदारी दी गई है?
चिन्ना रेड्डी को तेलंगाना योजना बोर्ड से हटाया गया है और उनकी जगह गडवाल विजयलक्ष्मी को योजना बोर्ड का उपाध्यक्ष बनाया गया है।
डैमेज कंट्रोल के तहत किन महिला नेताओं को नई नियुक्तियां दी गई हैं?
सरकार ने गडवाल विजयलक्ष्मी को योजना बोर्ड उपाध्यक्ष, नेरेला शारदा को महिला आयोग अध्यक्ष और जी सुधा रानी को काकतीय शहरी विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त किया है।
क्या कोंडा सुरेखा ने खुद इस्तीफा दिया था?
नहीं, कोंडा सुरेखा ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था और दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात के बावजूद अनुशासनात्मक सिफारिशों के तहत उन्हें हटाया गया।
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