कर्नाटक की राजनीति में उस समय नया विवाद खड़ा हो गया जब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के उडुपी विधायक यशपाल सुवर्णा की ओर से लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला गया। इस बयान के बाद राज्य में राजनीतिक पारा चढ़ गया है और कांग्रेस पार्टी ने विधायक के खिलाफ कानूनी मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष और विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) मंजूनाथ भंडारी ने यशपाल सुवर्णा की टिप्पणियों को नफरत भरा और उकसाने वाला बताते हुए उनके खिलाफ पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। इस कानूनी कदम के बाद बीजेपी विधायक की मुश्किलें लगातार बढ़ती दिख रही हैं।
विवादास्पद बयान और पुलिस में दर्ज शिकायत
कर्नाटक विधान परिषद के सदस्य और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मंजूनाथ भंडारी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि बीजेपी विधायक ने सार्वजनिक मंच से राहुल गांधी के खिलाफ अपमानजनक और भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल किया। भंडारी का कहना है कि इस तरह की भाषा समाज में नफरत फैलाने के इरादे से बोली गई है और इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने अपनी शिकायत के साथ विधायक के भाषण का वीडियो सबूत भी संलग्न किया है। मंजूनाथ भंडारी ने मांग की है कि संबंधित जांच एजेंसियों को इस मामले में त्वरित संज्ञान लेना चाहिए और कानून के प्रावधानों के अनुसार विधायक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू करनी चाहिए।
1992 के घटनाक्रम का जिक्र और खुली चेतावनी
यह पूरा मामला बीजेपी विधायक यशपाल सुवर्णा द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिए गए बयान से जुड़ा है। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा था कि वे 24 घंटे नशे के प्रभाव में रहते हैं और उन्हें इस बात का भान नहीं रहता कि वे क्या कदम उठा रहे हैं। अपने भाषण के दौरान 1992 के घटनाक्रम का हवाला देते हुए सुवर्णा ने कहा था कि जिस प्रकार कार्यकर्ताओं ने भावनाओं को ठेस पहुंचने पर बाबरी मस्जिद को ध्वस्त कर दिया था, उसी प्रकार वे विपक्षी नेता के घर में दाखिल हो सकते हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा,
"हमारे कार्यकर्ता तुम्हारे घर में घुसकर तुम्हारे वंश को ही खत्म कर देंगे।"इस तरह की टिप्पणी के सार्वजनिक होने के बाद से ही राज्य में राजनीतिक तनाव गहरा गया है।
नीट परीक्षा विरोध प्रदर्शन से जुड़ा पृष्ठभूमि मामला
बीजेपी विधायक का यह विवादास्पद बयान हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित हुए एक विरोध प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में आया है। बीते 21 जुलाई को राहुल गांधी ने नीट परीक्षा लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया था। यह प्रदर्शन नई दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री आवास के बाहर आयोजित किया गया था, जहां राहुल गांधी अन्य पार्टी सांसदों के साथ छात्रों के आंदोलन का समर्थन करने पहुंचे थे। सुरक्षा कारणों और बिना अनुमति प्रदर्शन करने के चलते पुलिस ने मौके से राहुल गांधी समेत कई अन्य सांसदों को हिरासत में लिया था, हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया था। इसी प्रदर्शन का विरोध जताते हुए बीजेपी विधायक यशपाल सुवर्णा ने उडुपी में अपना यह बयान दिया था, जिसके बाद अब कानूनी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।



















