हरियाणा के रोहतक जिले के अंतर्गत आने वाले महम विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक बलराम दांगी को बदमाशों ने निशाना बनाया है। हाल ही में उन्हें एक विदेशी मोबाइल नंबर से रंगदारी मांगने का धमकी भरा संदेश प्राप्त हुआ है। वॉट्सऐप पर भेजे गए इस संदेश के माध्यम से विधायक से भारी-भरकम राशि की मांग की गई है, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। विधायक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने उनके आवास के बाहर पुलिस कर्मियों की तैनाती बढ़ा दी है और मामले की सघन जांच शुरू कर दी है।
धमकी भरा संदेश और फिरौती की मांग
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह महम के विधायक बलराम दांगी के वॉट्सऐप पर एक अज्ञात नंबर से संदेश आया, जिसमें उनसे पांच करोड़ रुपये तैयार रखने को कहा गया है। भेजने वाले ने संदेश में स्पष्ट रूप से चेतावनी देते हुए लिखा कि उनके पास पैसे जुटाने के लिए केवल एक सप्ताह का समय है। संदेश में लिखा था, 'हैलो, 5 करोड़ रुपये तैयार कर ले। तेरे पास एक हफ्ता है। अभी तो सिर्फ शीशों पर गोली चली है। अबकी बार गोली सीधे तेरे ऊपर चलेगी।' इस खतरनाक संदेश के मिलने के तुरंत बाद विधायक बलराम दांगी ने स्थानीय पुलिस को इस पूरे मामले की औपचारिक जानकारी दी। यह धमकी भरा संदेश शुक्रवार सुबह 8 बजकर 37 मिनट पर भेजा गया था और भेजने वाले ने कथित तौर पर गैंगस्टर सुमित उर्फ सैमाणिया के नाम का उल्लेख किया है।
पहले भी दफ्तर पर हो चुकी है गोलीबारी
उल्लेखनीय है कि यह कोई पहला मामला नहीं है जब विधायक बलराम दांगी को डराने-धमकाने का प्रयास किया गया हो। इससे पहले, 20 जून की देर रात लगभग 1 बजकर 13 मिनट पर दो नकाबपोश अज्ञात युवकों ने महम में स्थित विधायक के कार्यालय को निशाना बनाया था। उस समय बदमाशों ने कार्यालय परिसर पर अंधाधुंध गोलीबारी की थी, जिससे खिड़कियों और दरवाजों के शीशे टूट गए थे। उस समय की गोलीबारी की घटना के बाद अब सीधे जान से मारने की धमकी मिलने से इलाके में तनाव का माहौल है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और सुरक्षा पर सवाल
इस घटना के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। रोहतक के पूर्व सांसद और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बेटे दीपेंद्र हुड्डा ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। दीपेंद्र हुड्डा ने लिखा कि मुख्यमंत्री 'नायब' के शासन में कानून का भय पूरी तरह से 'गायब' हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि महम पुलिस थाने के ठीक सामने कांग्रेस विधायक बलराम दांगी के दफ्तर पर पहले गोलीबारी हुई और अब उनसे पांच करोड़ रुपये की फिरौती मांगी जा रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री इस समय पंजाब में चुनावी प्रचार करने में व्यस्त हैं, जबकि पूरा हरियाणा अपराध और फिरौती की घटनाओं से बुरी तरह त्रस्त है। उन्होंने मांग की है कि विधायक और उनके परिवार को तत्काल अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान की जाए और धमकी देने वाले अपराधियों पर सख्त कार्रवाई हो।
पुलिसिया कार्रवाई और गिरफ्तारी का ब्योरा
इससे पूर्व, 20 जून को हुई गोलीबारी की घटना के बाद विपक्ष के नेता चौधरी भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने स्वयं महम स्थित कांग्रेस कार्यालय का दौरा किया था और वहां के हालात का मुआजना किया था। उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर इस कायराना हमले की कड़ी आलोचना की थी और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की थी। मामले की जांच करते हुए पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की थी, जिसमें मुठभेड़ के बाद लाखनमाजरा के निवासी अमन नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में शामिल दूसरा आरोपी अभी भी कानून की गिरफ्त से बाहर है और उसकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।













