राजधानी दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर हुए युवा आंदोलन के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने अपनी भावी रणनीति तय करने के लिए दो दिवसीय कोर कमेटी बैठक आयोजित की है। बुधवार को बैठक की शुरुआत से पहले संवाददाताओं से बातचीत करते हुए पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि उनका संगठन अभी प्रत्यक्ष राजनीति में उतरने के स्थान पर एक मजबूत प्रेशर ग्रुप के तौर पर अपनी भूमिका निभाएगा। इस महत्वपूर्ण बैठक में देश भर के युवा कार्यकर्ताओं को एकजुट करने तथा आंदोलन के अगले चरण का प्रारूप तैयार करने पर गहन विचार-विमर्श किया जा रहा है।
जनता का संस्थाओं पर से उठ रहा भरोसा
राजनीतिक मोर्चे पर संगठन की भविष्य की भूमिका को लेकर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि आज के दौर में आम नागरिक का सरकार, मीडिया और मुख्यधारा की राजनीतिक संस्थाओं से भरोसा लगातार कम हुआ है। लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं और संस्थाओं में जनता का विश्वास फिर से बहाल करने के लिए जमीनी जनआंदोलनों तथा निरंतर जनदबाव की सख्त जरूरत है। उन्होंने रेखांकित किया कि देश की मौजूदा परिस्थितियों से युवा वर्ग में भारी निराशा और आक्रोश है, जिसके कारण देश भर में विरोध के स्वर मुखर हुए हैं। जंतर-मंतर से शुरू हुई यह मुहिम केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि इसे आगे भी अनवरत जारी रखा जाएगा।
जनआंदोलन और आर्थिक मुद्दों पर केंद्रित चर्चा
सीजेपी प्रमुख ने इस बात पर विशेष बल दिया कि इस समय भारत को एक व्यापक जनआंदोलन की आवश्यकता है जो युवाओं के मौलिक अधिकारों की रक्षा कर सके। कोर कमेटी के दो दिवसीय एजेंडे की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि बैठक में परिसीमन प्रक्रिया, देश की वर्तमान आर्थिक स्थिति तथा युवाओं के भविष्य से जुड़े अन्य संवेदनशील विषयों पर विस्तार से रणनीति तैयार की जाएगी। इसी दौरान झारखंड में जारी छात्र प्रदर्शनों का उल्लेख करते हुए अभिजीत दीपके ने ऐलान किया कि सीजेपी का प्रतिनिधिमंडल वहां जाकर आंदोलनरत छात्रों से सीधे मुलाकात करेगा और उनकी मांगों का समर्थन करेगा।
संसद मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई का मुद्दा
संवाददाता सम्मेलन में मौजूद कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरभ दास ने पिछले प्रदर्शनों का ब्यौरा साझा किया। उन्होंने बताया कि संसद मार्च के दौरान पुलिस प्रशासन की तरफ से कार्यकर्ताओं पर सख्त रुख अपनाया गया था। लाठीचार्ज के कारण संगठन के कई साथी गंभीर रूप से घायल हो गए थे और पूरे जंतर-मंतर क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई थी। सौरभ दास ने जानकारी दी कि जिस समय पुलिस कार्रवाई हो रही थी, उस वक्त वे खुद और आशुतोष रंग सरकार द्वारा भेजे गए प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता प्रक्रिया में शामिल थे। अब कोर कमेटी की इस बैठक में पुलिसिया कार्रवाई के जवाब में आंदोलन को नया विस्तार देने और देशव्यापी सांगठनिक ढांचे को मजबूत करने की भावी कार्ययोजना तैयार की जा रही है।



















