मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर होने वाले उपचुनाव में किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर संजना नंद गिरी ने चुनावी मैदान में उतरने का एलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि दतिया में असली बदलाव लाने के लिए राजनीति में सीधे उतरना जरूरी है, जिससे उपचुनाव का मुकाबला अब और दिलचस्प हो गया है।
मां पीतांबरा ने मुझे चुना
अपने चुनावी फैसले पर संजना नंद गिरी ने कहा,
मां पीतांबरा ने मुझे चुना है।दतिया की पहचान मानी जाने वाली पीतांबरा पीठ के प्रति उनका यह भाव बताता है कि वह अपनी राजनीतिक शुरुआत को एक आध्यात्मिक जिम्मेदारी की तरह देख रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर वह जीतती हैं तो उनकी पहली कोशिश दतिया को डर मुक्त बनाना होगी, यानी आम लोगों की सुरक्षा उनके एजेंडे में सबसे ऊपर रहेगी।
कांग्रेस के खेमे में भी स्थिति साफ हुई
उसी दौरान दतिया उपचुनाव से जुड़ी एक और बड़ी खबर आई। लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए अवधेश नायक ने साफ कर दिया कि वह कांग्रेस के साथ मैदान में उतरेंगे। उनके इस फैसले से कांग्रेस खेमे की रणनीति को मजबूती मिली है और स्थानीय राजनीति की तस्वीर अब पहले से ज्यादा साफ हो गई है।
किन्नर अखाड़े की बढ़ती सक्रियता
किन्नर अखाड़ा लंबे समय से धार्मिक आयोजनों में सक्रिय रहा है, जैसे माघ मेले में महामंडलेश्वर और अघोरी किन्नरों द्वारा योनि पूजा जैसे अनुष्ठान किए जाना, या प्रयागराज में किन्नर साधुओं का पवित्र स्नान करना। संजना नंद गिरी की दतिया से उम्मीदवारी इसी सक्रियता का अगला कदम मानी जा रही है, जो अब धार्मिक मंच से निकलकर सीधे चुनावी राजनीति तक पहुंच गई है।




















