सोनीपत में 2 करोड़ की रंगदारी वसूलने पहुंचे नंदू गैंग के 2 शूटर मुठभेड़ में घायल, पुलिस ने दबोचाएसबीआई के नेतृत्व में 35,000 करोड़ रुपये के लोन पैकेज पर चर्चा, वोडाफोन आईडिया के शेयरों में दिखी तेजीमिर्जापुर द मूवी ने 7 दिनों में बनाए 213 करोड़ रुपये, आवारापन 2 को पीछे छोड़ 2026 की टॉप 5 फिल्मों में बनाई जगहमेड़ पर मटर उगाकर रबी सीजन में बढ़ाएं कमाई, गेहूं और सरसों के साथ खाली जगह का ऐसे करें इस्तेमालप्राकृतिक सुगंध से महकेगा घर, गमलों में लगाएं ये बेहद खुशबूदार फूल वाले पौधेपानी की बोतल की गंध और छुपी गंदगी दूर करने के आसान घरेलू टिप्स, जानें स्टील और पीतल के बर्तनों के खास नियमवर्ल्ड ट्रेड सेंटर और पेंटागन पर 9/11 हमलों के 25 साल बाद फिर क्यों चर्चा में हैं साजिश के दावे?विंध्यवासिनी की स्तुति से अकबर के दौर की कथाओं तक, पूर्वांचल में कजरी के बदलते लोकस्वरराजस्थान निकाय चुनाव के दूसरे चरण में वोटिंग जारी, गजसिंहपुर में सुबह 10 बजे तक सर्वाधिक 42.51 फीसदी मतदान दर्जअमरीकी मुद्रास्फीति आंकड़ों से पहले 0.5800 के ऊपर सुधरा न्यूजीलैंड डॉलर, जानें तकनीकी और बुनियादी संकेत
मद्रास हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, थलापति विजय सरकार की अनुकंपा नियुक्ति योजना रद्दराजनीति
27 जुल॰ 2026, 6:10 pm (46 दिन पहले)· 0

मद्रास हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, थलापति विजय सरकार की अनुकंपा नियुक्ति योजना रद्द

मद्रास हाईकोर्ट ने थलापति विजय नीत तमिलनाडु वेत्री कषगम सरकार के उस आदेश को खारिज कर दिया है जिसके तहत करूर भगदड़ पीड़ितों के परिवारों को सरकारी नौकरी दी जानी थी। अदालत ने इसे संवैधानिक प्रावधानों के खिलाफ माना है।

मद्रास हाईकोर्ट ने सोमवार को एक अहम फैसले के तहत थलापति विजय के नेतृत्व वाली तमिलनाडु वेत्री कषगम सरकार को बड़ा झटका दिया है। अदालत ने उस सरकारी फैसले को पूरी तरह से रद्द कर दिया है जिसमें करूर भगदड़ के दौरान जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरियां देने का प्रावधान किया गया था। इसjudicial निर्णय के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन

अदालत ने अपने आदेश में साफ शब्दों में यह बात रखी कि सरकार का यह कदम सार्वजनिक रोजगार से जुड़े संवैधानिक नियमों और प्रावधानों का सीधा उल्लंघन करता है। अदालत के अनुसार, सरकारी नौकरियों में इस तरह की सीधी नियुक्तियां कानूनी कसौटी पर खरी नहीं उतरती हैं, जिसके चलते इस योजना को आगे जारी नहीं रखा जा सकता है।

ये भी पढ़ें

करूर भगदड़ की पृष्ठभूमि

यह पूरा कानूनी मामला पिछले साल 27 सितंबर को घटी उस दर्दनाक घटना से जुड़ा है जब टीवीके प्रमुख और अभिनेता थलापति विजय की एक राजनीतिक रैली के दौरान भगदड़ मच गई थी। इस भयावह हादसे में कुल 41 मासूम लोगों की जान चली गई थी और कई अन्य नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उस हादसे के बाद प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के मकसद से सरकार ने अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने का ऐलान किया था, जिस पर अब कानूनी तलवार चल गई है।

सवाल-जवाब

मद्रास हाईकोर्ट ने किस फैसले को रद्द किया है?
मद्रास हाईकोर्ट ने करूर भगदड़ पीड़ितों के परिजनों को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी देने के फैसले को रद्द कर दिया है।
करूर में भगदड़ कब और कैसे हुई थी?
यह हादसा पिछले साल 27 सितंबर को अभिनेता थलापति विजय की रैली के दौरान हुआ था, जिसमें 41 लोगों की जान चली गई थी।
अदालत ने इस फैसले को क्यों खारिज किया?
अदालत ने स्पष्ट किया कि यह कदम सार्वजनिक रोजगार से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों का सीधा उल्लंघन करता है।
यह योजना किस सरकार से जुड़ी है?
यह मामला थलापति विजय के नेतृत्व वाली तमिलनाडु वेत्री कषगम सरकार के फैसले से जुड़ा है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR