तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय शुक्रवार को चेंगलपट्टू जिले के मदुरंतकम विधानसभा क्षेत्र में अपनी पार्टी टीवीके के उम्मीदवार के समर्थन में व्यापक जनसंपर्क करने पहुंचे। छह अक्टूबर को होने वाले इस महत्वपूर्ण उपचुनाव से पहले प्रचार अभियान के दौरान मुख्यमंत्री का एक बिल्कुल अलग रूप देखने को मिला। जब उनका काफिला ग्रामीण इलाके से गुजर रहा था, तब उन्होंने रास्ते में एक किसान को कीचड़ भरे खेत में जुताई करते देखा। इसके बाद मुख्यमंत्री अपनी गाड़ी रोककर सीधे खेत में उतर गए और किसान से मुलाकात कर खेती-किसानी के काम पर चर्चा की।
कीचड़ भरे खेत में संभाली ट्रैक्टर की स्टीयरिंग
पारंपरिक सफेद शर्ट और धोती पहने मुख्यमंत्री विजय ने खेत में खड़े होकर काफी देर तक किसान से बातचीत की। इसके बाद उन्होंने खुद ट्रैक्टर चलाने की इच्छा जताई और चालक की सीट पर बैठकर स्टीयरिंग संभाल ली। मुख्यमंत्री ने कुछ मिनटों तक कीचड़ से लथपथ खेत में ट्रैक्टर चलाया। जुताई पूरी करने के बाद वे ट्रैक्टर को सड़क के किनारे ले आए, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण एकत्र होकर उनका अभिवादन कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने अपना वाहन चलाने देने के लिए संबंधित किसान के प्रति आभार व्यक्त किया।
बुजुर्ग महिला ने उतारी आरती और लगाया टीका
प्रचार अभियान के दौरान एक भावुक दृश्य तब सामने आया जब एक बुजुर्ग महिला पूजा की थाली लेकर उनकी प्रचार गाड़ी के सामने पहुंच गईं। महिला को आरती की तैयारी करते देख मुख्यमंत्री विजय ने तुरंत अपनी चप्पलें उतारीं और सम्मानपूर्वक नीचे उतरकर उनके समक्ष खड़े हो गए। बुजुर्ग महिला ने विधिवत उनकी आरती उतारी और माथे पर तिलक लगाया। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान टीवीके की उम्मीदवार भी मुख्यमंत्री के साथ मौजूद रहीं। बाद में वहां मौजूद अन्य स्थानीय लोगों ने भी मुख्यमंत्री का तिलक लगाकर स्वागत किया और उनसे बातचीत की।
30 से ज्यादा गांवों में रोड शो और सघन प्रचार
चेन्नई से लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित मदुरंतकम विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री विजय ने शुक्रवार को एक लंबा रोड शो किया। उन्होंने अपनी प्रचार गाड़ी के माध्यम से 30 से अधिक गांवों और बस्तियों का सघन दौरा किया। यह पूरा चुनावी अभियान पार्टी प्रत्याशी मरगथम कुमारवेल के पक्ष में समर्थन जुटाने के लिए आयोजित किया गया था। अपने संबोधन और दौरों में मुख्यमंत्री जनता से सीधे जुड़ते नजर आए। इससे पहले धारापुरम में आयोजित एक चुनावी रैली के दौरान उन्होंने कहा था कि वे सत्ता का उपभोग करने या राजा बनने नहीं, बल्कि आम लोगों की सेवा करने के मकसद से राजनीति में सक्रिय हुए हैं।



















