मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों का मोर्चा अब राष्ट्रपति भवन तक पहुंच गया है। इंडिया गठबंधन के शीर्ष नेता शुक्रवार रात 8 बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से औपचारिक मुलाकात करेंगे। राष्ट्रपति कार्यालय ने शुक्रवार सुबह विपक्षी प्रतिनिधिमंडल के लिए इस समय की पुष्टि की है। इस 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का मुख्य एजेंडा मुख्य चुनाव आयुक्त को उनके पद से हटाने का दबाव बनाना है।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख चेहरे
राष्ट्रपति से मिलने वाले इस 10 सदस्यीय शिष्टमंडल में विपक्ष के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। इनमें लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे तथा ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी प्रमुख रूप से शामिल हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की नेता सुप्रिया सुले, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के वरिष्ठ नेता एम ए बेबी और समाजवादी पार्टी की ओर से सांसद राजीव राय इस बैठक का हिस्सा बनेंगे। प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने वाले बाकी सदस्यों के नामों पर गठबंधन के भीतर चर्चा चल रही है। विपक्षी नेताओं ने इस बैठक के लिए 2 अक्टूबर को राष्ट्रपति सचिवालय से समय मांगा था, जिसके बाद राष्ट्रपति भवन ने बैठक में शामिल होने वाले प्रतिनिधियों की सूची मांगी थी।
बैठक से दूर रहेंगे अखिलेश यादव और उद्धव ठाकरे
विपक्षी एकता के इस बड़े कदम के बावजूद गठबंधन के दो प्रमुख चेहरे इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल नहीं होंगे। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे शुक्रवार को राष्ट्रपति से मिलने दिल्ली नहीं पहुंच रहे हैं। समाजवादी पार्टी के अनुसार शनिवार को पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि होने के कारण अखिलेश यादव दिल्ली के कार्यक्रमों में शामिल नहीं हो सकेंगे। दूसरी ओर उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र में सूखे के हालात और पूर्व निर्धारित स्थानीय कार्यक्रमों में व्यस्तता का हवाला देते हुए दिल्ली आने में असमर्थता जताई है। इसी कारण दोनों दलों ने अपने अन्य प्रतिनिधियों को भेजने का निर्णय लिया है।
संसद भवन से लेकर राजघाट तक विरोध का सिलसिला
राष्ट्रपति से मुलाकात से पहले विपक्षी नेताओं ने दिल्ली में अपने विरोध को और तेज करने की रूपरेखा तैयार की है। गठबंधन के नेताओं ने शुक्रवार शाम 5 बजे संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में एक बैठक रखी है, जहां मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नए विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई जाएगी। विपक्षी सांसद पिछले तीन दिनों से राजधानी में लगातार ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और कथित वोट चोरी के आरोपों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इससे पहले गुरुवार को विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के स्मारक राजघाट पर भी धरना दिया था। विपक्षी नेताओं का कहना है कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त अपने पद से त्यागपत्र नहीं देते, तब तक उनका यह आंदोलन अनवरत जारी रहेगा।



















