कोच्चि में आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में जंतर-मंतर पर आयोजित इस प्रदर्शन में उन्होंने कहा कि इस आंदोलन से निपटने का तरीका केंद्र सरकार की कायरता को दर्शाता है। उन्होंने साफ किया कि वोटर लिस्ट रिवीजन के खिलाफ उनका यह संघर्ष लगातार जारी रहेगा और इसमें किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
मुख्य चुनाव आयुक्त पर गंभीर आरोप
कोच्चि हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए अभिजीत दिपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अभियान को जारी रखने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि यह मुहिम तब तक थमेगी नहीं जब तक देश में एक पूरी तरह स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रणाली की स्थापना नहीं हो जाती। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त के कार्यकाल में होने वाले चुनावों की पारदर्शिता पर भरोसा नहीं किया जा सकता और किसी खास राजनीतिक दल को फायदा पहुंचाने के लिए चुनावी प्रक्रियाओं में हेरफेर की जा रही है।
केरल की नौकरशाही पर उठाए सवाल
दिपके ने देशव्यापी एसआईआर प्रक्रिया का हवाला देते हुए दावा किया कि पूरे देश में मतदाताओं के नाम सुनियोजित तरीके से सूचियों से हटाए जा रहे हैं और इस स्थिति से देश का कोई भी राज्य अछूता नहीं बचा है। उन्होंने केरल के पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी को मुख्यमंत्री का सचिव बनाए जाने की नियुक्ति पर भी कड़े सवाल खड़े किए। उनके मुताबिक, इस तरह के प्रशासनिक कदम देश की स्वतंत्र चुनाव प्रणाली की निष्पक्षता और उसकी साख पर गंभीर सवालिया निशान लगाते हैं।
प्रकाश राज की मौजूदगी और कार्यकर्ताओं का समर्थन
इस विरोध प्रदर्शन में जाने-माने अभिनेता प्रकाश राज भी विशेष रूप से शामिल हुए। इस कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, नागरिक अधिकारों के समर्थक और आम नागरिक अपनी आवाज बुलंद करने पहुंचे। दिपके ने इस दौरान एक और आरोप का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने उनकी पार्टी सीजेपी पर विदेशी चंदा लेने का बेबुनियाद आरोप लगाया है। उन्होंने अपनी देशभक्ति का हवाला देते हुए बताया कि वे राष्ट्रीय ध्वज फहराने के मामले में जेल की यात्रा भी कर चुके हैं और वे देश के जिस भी कोने में जाएंगे, तिरंगा हमेशा अपने साथ लेकर चलेंगे।
अंबेडकरवादी विचारधारा और भविष्य की राजनीतिक भविष्यवाणी
अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को अराजकतावादी कहे जाने के दावों को सिरे से खारिज करते हुए अभिजीत दिपके ने खुद को और अपने संगठन को सच्चा अंबेडकरवादी बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्होंने पिछले तीन महीनों के भीतर 50 से ज्यादा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर डाली हैं, जबकि प्रधानमंत्री ने अपने कार्यकाल में एक बार भी मीडिया के सामने आकर सीधे सवालों का सामना नहीं किया है। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने एक बड़ी राजनीतिक भविष्यवाणी करते हुए दावा किया कि साल 2029 में एनडीए की सरकार सत्ता से बाहर हो जाएगी और यह बड़ा राजनीतिक बदलाव चुनावी प्रक्रिया के माध्यम से ही संभव होगा।



















