जयपुर ग्रामीण के अंतर्गत आने वाले सांभरलेक शहर के पौराणिक और ऐतिहासिक देवयानी सरोवर के तट पर एक भव्य दीपोत्सव का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान पूरा परिसर हजारों दीयों की रोशनी से जगमगा उठा और इस विहंगम नजारे को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए।
दीपों की रोशनी और महाआरती का आकर्षण
देवयानी सरोवर के चारों तरफ 21 हजार दीप प्रज्वलित किए गए, जिनकी अलौकिक चमक ने पूरे वातावरण को रोशन कर दिया। सरोवर के आसपास की गई खास विद्युत सजावट और आसमान में छोड़ी गई आतिशबाजी ने इस आयोजन की रौनक को और बढ़ा दिया। इस भव्य आयोजन का गवाह बनने के लिए दूर-दराज से हजारों भक्त वहां पहुंचे थे।
धार्मिक अनुष्ठान और जागेश्वर नाथ मंदिर घाट की महाआरती
इस अवसर पर सरोवर के किनारे बने तमाम मंदिरों में विशेष पूजा-पाठ और अनुष्ठान संपन्न हुए। इनमें जागेश्वर नाथ मंदिर घाट पर होने वाली महाआरती इस कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण रही। पुरोहितों के वेदमंत्रों के उच्चारण, शंख की गूंज और डमरू की थाप के बीच जब महाआरती का शुभारंभ हुआ, तो पूरा इलाका भक्ति रस में डूब गया। उपस्थित लोगों ने जयकारे लगाते हुए इस आरती में हिस्सा लिया।
सरोवर में दीपदान और श्रद्धालुओं की भीड़
घाटों पर मौजूद श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पवित्र पानी में दीपक प्रवाहित किए। पानी की सतह पर तैरते इन अनगिनत दीपकों की चमक से यह ऐतिहासिक स्थल अत्यंत मनोरम दिखाई दे रहा था। भक्तों ने पूजा-अर्चना कर अपने परिजनों की सलामती, अच्छे स्वास्थ्य और पूरे इलाके में सुख-शांति की प्रार्थना की। एक प्रमुख तीर्थ स्थल होने के कारण स्थानीय निवासियों के अलावा आसपास के गांवों और अन्य जगहों से भी सैलानी इस उत्सव का आनंद लेने पहुंचे थे। प्रशासन और आयोजन समिति की तरफ से भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे।


















