दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। सोमवार को भारी बवाल के बाद दिल्ली पुलिस ने पूरा इलाका खाली करवा दिया था, लेकिन देर रात होते-होते प्रदर्शनकारी दोबारा वहां जमा होने लगे और मंच एक बार फिर सज गया। इस बार पुलिस ने किसी को रोकने-टोकने की कोशिश नहीं की। पुलिस की तरफ से साफ कर दिया गया है कि शांति से प्रदर्शन करने वालों को कोई दिक्कत नहीं होगी, लेकिन जिसने भी उपद्रव किया, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है।
बातचीत की जगह अब सिर्फ जंतर-मंतर
रात के प्रदर्शन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता एक तरफ केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात करने पहुंचे। CJP के प्रवक्ता ने बताया कि सरकार ने उनकी मांगों पर विचार करने का भरोसा दिया है। लेकिन जंतर-मंतर पर डटे प्रदर्शनकारियों का सुर बिल्कुल अलग निकला। रातभर वहां मौजूद रहे अभिजीत दीपके ने कह दिया, "जिसे भी बात करनी है, वो अब जंतर-मंतर आए, सरकार से आगे कोई बातचीत नहीं होगी।" यानी एक तरफ पार्टी नेतृत्व और सरकार के बीच बातचीत की गुंजाइश बनती दिख रही है, तो दूसरी तरफ जमीन पर डटे प्रदर्शनकारी अपनी अलग जिद पर कायम हैं। इस फर्क से साफ है कि प्रदर्शन का नेतृत्व अब पूरी तरह एक जगह केंद्रित नहीं रह गया है।
संसद की तरफ जाने वाली सड़कों पर पुलिस की कड़ी चौकसी
जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों ने एक बार फिर मंच खड़ा कर लिया है, तो दूसरी तरफ पुलिस ने भी अपनी तैनाती काफी बढ़ा दी है। जंतर-मंतर आने-जाने वाले रास्ते फिलहाल खुले रखे गए हैं, लेकिन संसद भवन की दिशा में जाने वाली सड़कों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। इसकी वजह पुलिस की वो आशंका है कि प्रदर्शनकारी आज दोबारा संसद की तरफ कूच करने की कोशिश कर सकते हैं, जैसा सोमवार को देखने को मिला था। इसके अलावा आज विपक्ष के कई नेताओं के भी जंतर-मंतर पहुंचने की संभावना जताई जा रही है, जिसे देखते हुए पुलिस हर तरह की स्थिति से निपटने की तैयारी में जुटी है। कुल मिलाकर पूरा पुलिस अमला आज बेहद सतर्क मोड में नजर आ रहा है।
हिंसा में 70 लोग हिरासत में, CCTV फुटेज से हो रही पहचान
सोमवार को हुए पथराव, गाड़ियों में तोड़फोड़ और पुलिसकर्मियों से मारपीट को लेकर दिल्ली पुलिस ने अब कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिसकर्मियों पर हुए हमलों और उन्हें लगी चोटों को लेकर अलग-अलग FIR दर्ज करने के बाद अब सीसीटीवी फुटेज खंगालकर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। हिंसा और प्रदर्शन से जुड़े मामलों में अब तक 70 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। सोमवार शाम प्रदर्शन में शामिल उपद्रवियों के हमले में IPS अधिकारियों समेत दिल्ली पुलिस के 10 अफसरों समेत कुल 118 से ज़्यादा पुलिस और पैरामिलिट्री जवान घायल हुए थे। दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार खुद अस्पताल जाकर घायल जवानों से मिल चुके हैं। अब पुलिस की प्राथमिकता उन चेहरों को बेनकाब करना है जिन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन की आड़ में पथराव और हंगामा किया था।
सोनम वांगचुक का अनशन अब भी जारी रहेगा
इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने साफ कर दिया है कि उनका अनशन नहीं रुकेगा। वांगचुक ने कहा, "मैं तब तक अनशन जारी रखूंगा, जब तक युवा नेताओं को संसद भवन में सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं मिल जाती।" उन्होंने आगे यह भी कहा कि अगर उन्हें खुद अस्पताल में ही सांसदों से मिलने की इजाजत दे दी जाए, तो भी वो अनशन खत्म करने पर विचार करेंगे। वांगचुक को उम्मीद है कि सरकार शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करेगी, और उससे पहले वो पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि उकसावे के बावजूद युवाओं ने जिस तरह शांति बनाए रखी, उससे वो बेहद प्रभावित और भावुक हैं। वांगचुक ने सरकार और पुलिस दोनों से अपील की कि छात्रों को आज या कल संसद के सामने अपनी बात रखने की इजाजत दी जाए, ताकि पूरा मामला शांति से सुलझ सके। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रदर्शनकारी युवा आगे भी वैसा ही धैर्य और सहनशीलता दिखाएंगे, जैसा उन्होंने अब तक दिखाया है।




















