संसद के मानसून सत्र के दौरान शुक्रवार 31 जुलाई 2026 को परिसर में एक अनोखा राजनीतिक प्रदर्शन देखने को मिला। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) पेपर लीक मामले पर एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक पारित होने के बाद विपक्षी दलों ने अपना रुख बदल लिया है। अब विपक्षी सांसद अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के कथित मुद्दे को लेकर सरकार के खिलाफ हमलावर हो गए हैं। इसी कड़ी में निर्दलीय सांसद पप्पू यादव पुजारी का वेश धारण कर हाथ में दानपात्र लिए संसद परिसर पहुंचे, जहां उन्होंने प्रतीकात्मक विरोध व्यक्त किया।
संसद परिसर में दानपात्र और पोस्टर प्रदर्शन
प्रदर्शन के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भी शामिल हुए। उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से पप्पू यादव के दानपात्र में चंदा डाला। इसके बाद पुजारी की भूमिका निभा रहे पप्पू यादव उस रकम को अपनी जेब में रखते हुए दिखाई दिए। वहीं उनके आसपास खड़े अन्य विपक्षी सांसद हाथों में पोस्टर लिए नजर आए, जिन पर 'अमित शाह संसद से गायब क्यों' लिखा हुआ था। हालांकि, राम मंदिर चढ़ावा चोरी के इस मामले से देश के गृह मंत्री अमित शाह का सीधा संबंध क्या है, इसको लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। इसके साथ ही इस तरह के विरोध प्रदर्शन के माध्यम से राहुल गांधी की राजनीतिक रणनीति पर भी सवाल उठ रहे हैं।
भाजपा सांसदों की तीखी प्रतिक्रिया और नौटंकी का आरोप
विपक्ष के इस प्रदर्शन पर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने कड़ा विरोध जताया है। भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश के युवाओं को लगातार गुमराह करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष बार-बार अपने मुद्दे बदल रहा है और बिना किसी ठोस आधार के गृह मंत्री पर निशाना साध रहा है। जगदंबिका पाल ने ध्यान दिलाया कि कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी एंटी पेपर लीक विधेयक की सराहना कर चुके हैं और आंदोलनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों पर केंद्र व राज्य सरकारों ने सकारात्मक कदम उठाए हैं। इसके बावजूद विपक्ष सदन की कार्यवाही में व्यवधान डाल रहा है।
वहीं भाजपा के एक अन्य सांसद बृजलाल ने पप्पू यादव के इस आचरण की सख्त आलोचना की। बृजलाल ने इस प्रदर्शन को महज एक 'नौटंकी' करार दिया और कहा कि सभी सांसदों को संसद की गरिमा और मर्यादा के अनुकूल ही परिधान पहनकर आना चाहिए। संसद की प्रतिष्ठा को ध्यान में रखते हुए इस प्रकार के प्रतीकात्मक ड्रामे से बचा जाना चाहिए।



















