गुजरात के वडोदरा जिले की मांजलपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं, जिसमें भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार सतेंद्रभाई पटेल यानी सतीश पटेल ने 30630 वोटों के भारी अंतर से जीत हासिल की है। इस मुकाबले में कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी भीखा रबारी को कुल 24851 वोट मिले हैं। गत 30 जुलाई को इस सीट के लिए मतदान संपन्न हुआ था और आज कुल 20 राउंड की मतगणना के दौरान शुरुआती दौर से ही बीजेपी ने अपनी निर्णायक बढ़त को अंत तक बनाए रखा। विजेता उम्मीदवार सतीश पटेल को इस चुनावी रण में कुल 55481 वोट प्राप्त हुए, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
चुनाव परिणाम का पूरा ब्यौरा
इस उपचुनाव में दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशियों को मिले वोटों का आधिकारिक आंकड़ा इस प्रकार है
- सतीश पटेल: बीजेपी, 55481 वोट
- भीखा रबारी: कांग्रेस, 24851 वोट
जनता का समर्थन और प्राथमिकताएं
अपनी इस शानदार सफलता के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए सतीश पटेल ने अपनी जीत का पूरा श्रेय मांजलपुर क्षेत्र की जनता और पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं के परिश्रम को दिया। उन्होंने कहा कि मांजलपुर की जनता ने जिस प्रकार स्वर्गीय योगेश काका पर अपना अटूट भरोसा जताया था, वैसा ही अभूतपूर्व आशीर्वाद उन्हें भी प्रदान किया है और यह जीत पूरी तरह से जनता की ही जीत है। उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि वे लोगों की उम्मीदों पर पूरी तरह खरे उतरेंगे। क्षेत्र का समग्र विकास, बेहतर सड़कों का निर्माण, सुचारू पेयजल आपूर्ति और अन्य बुनियादी जनसुविधाओं से जुड़े सभी रुके हुए कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करना उनकी सबसे पहली प्राथमिकता रहेगी।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया और आरोप
दूसरी ओर, चुनाव में पराजय का सामना करने वाले कांग्रेस उम्मीदवार भीखा रबारी ने हार को स्वीकार करते हुए कहा कि वे जनता के फैसले का पूर्ण सम्मान करते हैं। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि मतदान के अंतिम चरण के दौरान एक प्रकार का भय का माहौल तैयार किया गया था, जिसके चलते चुनाव पूरी तरह से निष्पक्ष नहीं रह पाया। इसके बावजूद उन्होंने अपने सभी समर्थकों और मतदाताओं का आभार व्यक्त किया और कहा कि वे भविष्य में भी आम जनता से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर लोकतांत्रिक तरीकों से अपना संघर्ष लगातार जारी रखेंगे।
मांजलपुर सीट का राजनीतिक इतिहास
गौरतलब है कि मांजलपुर विधानसभा सीट बीजेपी के वरिष्ठ विधायक योगेश पटेल के लंबे समय तक बीमार रहने के बाद हुए निधन के कारण रिक्त हुई थी, जिसके चलते इस निर्वाचन क्षेत्र में उपचुनाव कराना अनिवार्य हो गया था। यदि इस सीट के राजनीतिक इतिहास पर नजर डाली जाए तो मांजलपुर विधानसभा सीट वर्ष 2008 में हुए परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई थी और तब से लेकर अब तक यह सीट भारतीय जनता पार्टी का एक अजेय गढ़ बनी हुई है। दिवंगत नेता योगेश पटेल ने यहां 2012, 2017 और 2022 के पिछले सभी विधानसभा चुनावों में लगातार बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी, और इस उपचुनाव में मिली जीत ने इस गढ़ के राजनीतिक वर्चस्व को एक बार फिर से बरकरार रखा है।



















