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स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में वंदे मातरम गायन के दौरान सोनिया गांधी के हावभाव पर छिड़ा विवाद, कांग्रेस ने दी सफाईराजनीति
15 अग॰ 2026, 2:21 pm (27 दिन पहले)· 0

स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में वंदे मातरम गायन के दौरान सोनिया गांधी के हावभाव पर छिड़ा विवाद, कांग्रेस ने दी सफाई

15 अगस्त को कांग्रेस कार्यालय में ध्वजारोहण के बाद वंदे मातरम गायन के दौरान सोनिया गांधी की गतिविधियों का वीडियो वायरल होने के बाद राजनीतिक बवाल खड़ा हो गया, जिस पर पार्टी ने स्थिति स्पष्ट की है।

15 अगस्त 2026 को देशभर में स्वतंत्रता दिवस का पर्व धूमधाम से मनाया गया। राजधानी नई दिल्ली में ऐतिहासिक लाल किला पर मुख्य समारोह आयोजित किया गया, जहां पहली बार राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ राष्ट्रगीत वंदे मातरम का गायन हुआ। हालांकि, इस राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर दिल्ली स्थित कांग्रेस कार्यालय में आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान एक नया विवाद खड़ा हो गया।

वंदे मातरम के दौरान वायरल हुआ वीडियो

कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में ध्वजारोहण के बाद जब राष्ट्रगीत का गायन हो रहा था, तब सोनिया गांधी भी वहां मौजूद थीं। इसी दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें राष्ट्रगीत की प्रस्तुति के समय सोनिया गांधी अपनी जगह बदलती और बातचीत करती दिखाई दीं। कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी समेत पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता भी मंच और परिसर में उपस्थित थे। वीडियो सामने आते ही यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बन गया।

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भारतीय जनता पार्टी का हमला और कांग्रेस का स्पष्टीकरण

वायरल वीडियो सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने सोनिया गांधी के हावभाव और गतिविधियों पर कड़ा ऐतराज जताया और इसे राष्ट्रगीत के प्रति असंवेदनशीलता करार दिया। विवाद गहराने पर कांग्रेस पार्टी को इस पूरे मामले पर अपनी तरफ से सफाई जारी करनी पड़ी। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कार्यक्रम के दौरान बनी स्थिति पर अपनी बात रखी और कहा कि राष्ट्रगीत का पूरा सम्मान किया गया था। पार्टी की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि किसी भी तरह से राष्ट्रगीत का अनादर करने की कोई मंशा नहीं थी और पूरे कार्यक्रम को गरिमापूर्वक संपन्न कराया गया था।

सवाल-जवाब

15 अगस्त 2026 को कांग्रेस मुख्यालय में क्या विवाद हुआ?
ध्वजारोहण के बाद वंदे मातरम गायन के दौरान सोनिया गांधी की आवाजाही और बातचीत का वीडियो वायरल होने से विवाद खड़ा हो गया।
वायरल वीडियो पर भारतीय जनता पार्टी ने क्या प्रतिक्रिया दी?
भाजपा ने वीडियो में सोनिया गांधी के हावभाव पर निशाना साधते हुए इसे राष्ट्रगीत के प्रति असंवेदनशीलता बताया।
विवाद बढ़ने पर कांग्रेस पार्टी ने क्या सफाई दी?
कांग्रेस नेता जयराम रमेश और पार्टी ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रगीत का पूरा सम्मान किया गया और अनादर की कोई मंशा नहीं थी।
कार्यक्रम में कौन-कौन से प्रमुख नेता मौजूद थे?
कार्यक्रम स्थल पर सोनिया गांधी के अलावा राहुल गांधी और कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Ravikash Gupta@ravikash·27 दिन पहले

राष्ट्रीय पर्वों पर राजनीतिक दलों के प्रतीकात्मक आचरण का यह विवाद केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका सीधा असर कॉर्पोरेट और वित्तीय निवेशकों की धारणा पर पड़ता है। ऐसे घटनाक्रम से नीतिगत अनिश्चितता और राजनीतिक अस्थिरता का माहौल बनता है, जिससे शेयर बाजार में संवेदनशीलता बढ़ सकती है और डिजिटल एसेट्स समेत प्रमुख वित्तीय बाजारों में अल्पकालिक हलचल देखने को मिल सकती है।

Rohan Verma@rohan-verma·27 दिन पहले

रविकेश के बिंदु को आगे बढ़ाते हुए, इस तरह के राजनीतिक विवाद उत्तर प्रदेश जैसे राजनीतिक रूप से अति-संवेदनशील राज्य के जमीनी स्तर पर भी गहरा असर डालते हैं। जब राष्ट्रीय प्रतीकों और नेताओं के आचरण को लेकर बहस छिड़ती है, तो इसका सीधा प्रभाव राज्य की आगामी राजनीतिक रणनीतियों, चुनावी माहौल और प्रशासनिक प्राथमिकताओं पर पड़ता है। क्षेत्रीय स्तर पर स्थानीय कार्यकर्ता इस मुद्दे को आक्रामक तरीके से उठाते हैं, जिससे शासन के असल मुद्दों से जनता का ध्यान भटकता है और ध्रुवीकरण की राजनीति को बढ़ावा मिलता है।

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