महाराष्ट्र की राजनीति में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार पर की गई एक टिप्पणी को लेकर बयानों का दौर तेज हो गया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने बुधवार को कांग्रेस पार्टी पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस द्वारा सुनेत्रा पवार को 'गूंगी गुड़िया' कहे जाने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे विपक्षी दल के वैचारिक दिवालियापन का प्रतीक बताया। सुनील तटकरे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सार्वजनिक जीवन में बयानबाजी करते समय नेताओं को अपनी जुबान और आचरण पर सख्त नियंत्रण रखना चाहिए, क्योंकि सिर्फ बाद में अफसोस जता देने से मामला सुलझ नहीं जाता।
बीड दौरे पर वायरल वीडियो से शुरू हुआ पूरा विवाद
यह पूरा राजनीतिक घमासान उस समय शुरू हुआ जब उपमुख्यमंत्री और बीड जिले की प्रभारी मंत्री सुनेत्रा पवार क्षेत्र के दौरे पर पहुंची थीं। इस दौरान आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्थानीय पत्रकारों ने उनसे बीड जिले की बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर सीधे सवाल पूछे। हालांकि, इससे पहले कि सुनेत्रा पवार पत्रकारों के सवालों का उत्तर दे पातीं, मंच पर उनके बगल में बैठे पूर्व मंत्री धनंजय मुंडे ने हस्तक्षेप करते हुए उन्हें जवाब देने से रोक दिया।
इस पूरे वाकये का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर तेजी से वायरल हो गया। इसके बाद महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने उसी वायरल वीडियो को अपने सोशल मीडिया खाते पर साझा कर दिया। वीडियो साझा करते हुए हर्षवर्धन सपकाल ने सुनेत्रा पवार के लिए 'गूंगी गुड़िया' शब्द का इस्तेमाल किया और सवाल खड़ा किया कि जिले की प्रभारी मंत्री होने के बावजूद उन्होंने कानून-व्यवस्था जैसे गंभीर विषय पर मीडिया को जवाब क्यों नहीं दिया।
महायुति का पलटवार और कांग्रेस नेता की सफाई
कांग्रेस नेता की इस टिप्पणी के सामने आते ही महायुति गठबंधन के घटक दलों और एनसीपी के नेताओं ने मोर्चा खोल दिया। सत्तारूढ़ गठबंधन ने कांग्रेस पर महिला विरोधी मानसिकता अपनाने का गंभीर आरोप लगाया। विवाद बढ़ता देख हर्षवर्धन सपकाल ने अपनी टिप्पणी पर सफाई पेश की। उन्होंने कहा कि 'गूंगी गुड़िया' शब्द का इस्तेमाल अतीत में देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के संदर्भ में भी किया जा चुका है। सपकाल का दावा था कि उनका उद्देश्य किसी भी महिला का अपमान करना या उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाना बिल्कुल नहीं था, बल्कि वे सिर्फ प्रेस कॉन्फ्रेंस के घटनाक्रम की ओर ध्यान दिला रहे थे।
सुनील तटकरे का कांग्रेस पर तीखा हमला
बुधवार को संवाददाताओं से बातचीत करते हुए लोकसभा सदस्य और एनसीपी प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने कांग्रेस के स्पष्टीकरण को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी अपमानजनक बयानबाजी करके कांग्रेस ने अपनी राजनीतिक सोच की तंगहाली को उजागर किया है। तटकरे ने कहा कि केवल खेद व्यक्त कर देने से सार्वजनिक मंचों पर बोले गए गलत शब्दों का प्रभाव खत्म नहीं हो जाता। नेताओं के लिए यह समझना बेहद जरूरी है कि जनता के बीच क्या बोलना चाहिए और किन बातों से पूरी तरह परहेज करना चाहिए।
धनंजय मुंडे के हस्तक्षेप पर पार्टी अध्यक्ष की नसीहत
सुनील तटकरे ने केवल विपक्षी पार्टी कांग्रेस पर ही निशाना नहीं साधा, बल्कि अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री धनंजय मुंडे के व्यवहार पर भी टिप्पणी की। तटकरे ने कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस हमेशा मुख्य गणमान्य व्यक्ति की होती है और उन्हीं को मीडिया के सवालों का उत्तर देना चाहिए। मुख्य वक्ता के बगल में बैठने वाले नेताओं को बीच में बोलकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।
तटकरे ने कहा कि वे उन परिस्थितियों और संदर्भ को समझेंगे जिसमें धनंजय मुंडे ने उस समय हस्तक्षेप किया था। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसा घटनाक्रम नहीं होना चाहिए था। जब पत्रकार किसी मुख्य नेता से सवाल पूछ रहे हों, तो उन्हीं को बात रखनी चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया कि एनसीपी के साथी नेता भविष्य में ऐसे मौकों पर अधिक जिम्मेदारी और गंभीरता से पेश आएंगे।



















