उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 59,019.54 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट सदन के पटल पर रखा। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा बजट पेश किए जाने के दौरान विपक्षी सदस्यों ने जोरदार नारेबाजी और हंगामा किया। सदन के भीतर लगातार बढ़ते गतिरोध और अव्यवस्था के बीच विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कार्यवाही को बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। वहीं, सदन के भीतर मुख्यमंत्री की तस्वीर खींचने के आरोप में समाजवादी पार्टी के विधायक सचिन यादव को मानसून सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया है।
अनुपूरक बजट का वित्तीय लेखा-जोखा
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा प्रस्तुत किए गए 59,019.54 करोड़ रुपये के इस अनुपूरक बजट में विकास कार्यों और प्रशासनिक जरूरतों के लिए अलग-अलग प्रावधान किए गए हैं। सरकार ने कुल बजट में से 17,399.50 करोड़ रुपये राजस्व व्यय के लिए निर्धारित किए हैं। इसके अलावा, राज्य में ढांचागत विकास और बुनियादी सुविधाओं को मजबूती देने के उद्देश्य से 41,620.04 करोड़ रुपये की बड़ी राशि पूंजीगत व्यय के रूप में आवंटित की गई है। पूंजीगत व्यय पर इतना बड़ा जोर यह दर्शाता है कि सरकार राज्य में जारी विकास परियोजनाओं की गति को बनाए रखना चाहती है।
सदन में भारी हंगामा और विधायक का निलंबन
बजट प्रस्तुतिकरण के दौरान विपक्ष ने विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। विपक्षी विधायक वेल में आकर नारेबाजी करने लगे, जिससे सदन की कार्यवाही बुरी तरह प्रभावित हुई। इस दौरान समाजवादी पार्टी के विधायक सचिन यादव पर आरोप लगा कि उन्होंने सदन के नियमों का उल्लंघन करते हुए अपने मोबाइल से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर खींची। इस आचरण पर कड़ा रुख अपनाते हुए विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने नाराजगी जताई और सचिन यादव को पूरे मानसून सत्र के लिए सदन से बाहर यानी निलंबित करने का आदेश दे दिया। विधानसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि नियमावली का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर बोला हमला
सदन की कार्यवाही स्थगित होने के उपरांत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने विपक्ष के रवैये की कड़ी निंदा करते हुए इसे अलोकतांत्रिक और शर्मनाक करार दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्र शुरू होने से पहले ही सरकार ने सभी वैधानिक नियमों के तहत जनहित के हर प्रश्न का उत्तर देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की थी। इसके बावजूद, विपक्षी दल चर्चा में भाग लेने के बजाय जानबूझकर व्यवधान उत्पन्न कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से अयोध्या और राम जन्मभूमि से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट में लंबित विषयों पर सदन में असंसदीय आचरण करना न्यायपालिका और संविधान दोनों का अनादर है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का यह व्यवहार संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की मूल भावनाओं और लोकतांत्रिक परंपराओं पर सीधा आघात है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी तर्कहीन मुद्दों के जरिए केवल नकारात्मकता और भ्रामक जानकारी फैलाने का प्रयास कर रही है, जबकि सरकार हर मुद्दे पर सार्थक बहस के लिए पूरी तरह तैयार है।



















