पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इस दौरान प्रदर्शन में शामिल आम आदमी पार्टी के कई अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई तब हुई जब AAP कार्यकर्ता और नेता मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय के सामने एकत्र होकर अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी कर रहे थे।
चंडीगढ़ में मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय पर प्रदर्शन
आम आदमी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता चंडीगढ़ स्थित राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी के दफ्तर के बाहर जमा हुए थे। इस प्रदर्शन की अगुवाई मनीष सिसोदिया कर रहे थे। कार्यकर्ता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान माहौल को नियंत्रित करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने सिसोदिया सहित कई प्रमुख नेताओं को हिरासत में ले लिया।
पंजाब में आप की राजनीतिक गतिविधियां और 2027 का रोडमैप
यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब आम आदमी पार्टी पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुटी हुई है। मनीष सिसोदिया के नेतृत्व में पार्टी ने पंजाब में घर-घर जाकर संगठन को मजबूत करने का मास्टरप्लान तैयार किया है। पार्टी ने 20 सितंबर से राज्यभर में डोर-टू-डोर अभियान की शुरुआत भी की थी, ताकि संगठन का विस्तार हर घर तक किया जा सके।
विपक्ष के हमलों और हालिया विवादों पर आप का रुख
हाल के दिनों में पंजाब की राजनीति में कई मुद्दों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर देखा गया है। इससे पहले, पंजाब में परीक्षा लीक के दावों पर मनीष सिसोदिया ने स्पष्ट किया था कि राज्य में कोई पेपर लीक नहीं हुआ है, बल्कि ब्लूटूथ स्मार्ट पेन से नकल की कोशिश की गई थी। उन्होंने विपक्ष पर अफवाहें फैलाने का आरोप भी लगाया था। वहीं, विपक्षी दल विभिन्न राजनीतिक मुद्दों और बयानों को लेकर आप की रणनीति पर लगातार सवाल उठाते रहे हैं। चंडीगढ़ में हुआ यह हालिया प्रदर्शन और हिरासत की कार्रवाई पंजाब की उभरती राजनीतिक हलचलों का ही हिस्सा मानी जा रही है।
























