पंजाब में केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई की टीम की गाड़ी पर फूल बरसाने और ढोल बजाने की घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के विशेष कार्य अधिकारी यानी ओएसडी राजवीर के आवास पर चल रही तलाशी के दौरान हुई इस सुरक्षा चूक के चलते भवानीगढ़ के एसएचओ यशपाल शर्मा को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही मौके पर मौजूद दो प्रमुख प्रदर्शनकारियों को भी पुलिस ने अपनी हिरासत में ले लिया है।
सीबीआई कार्रवाई के दौरान जश्न और नारेबाजी
चंडीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में मुख्यमंत्री के कैंप कार्यालय और ओएसडी के ठिकानों पर ट्रांसफर पोस्टिंग और भ्रष्टाचार से जुड़े मामले को लेकर सीबीआई की छापेमारी चल रही थी। इसी दौरान ओएसडी के घर के बाहर वारिस पंजाब दे संगठन से जुड़े नेता चमनदीप मिलखी और शिरोमणि अकाली दल पुनर्स्थापित के नेता विजय लंकेश अपने समर्थकों के साथ पहुंचे। वहां मौजूद लोगों ने केंद्रीय जांच एजेंसी के वाहनों पर फूलों की बारिश की, ढोल बजाए और नाचते हुए जश्न मनाया।
सुरक्षा में लापरवाही पर एसएचओ सस्पेंड
एक केंद्रीय जांच एजेंसी की संवेदनशील छापेमारी के दौरान इस तरह की भीड़ जुटने और जश्न मनाने को प्रशासन ने गंभीर सुरक्षा चूक माना। इलाके की कानून व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था संभालने में ढिलाई बरतने के आरोप में भवानीगढ़ के एसएचओ यशपाल शर्मा के खिलाफ निलंबन का आदेश जारी किया गया।
दो प्रमुख नेता पुलिस हिरासत में
सीबीआई वाहनों के आगे ढोल बजाने और फूल फेंकने की अगुवाई करने वाले चमनदीप मिलखी और विजय लंकेश पर भी तत्काल कार्रवाई की गई। दोनों नेताओं को अगली सुबह करीब 8 बजे पुलिस ने हिरासत में ले लिया। प्रशासन अब इस घटनाक्रम में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में जुटा हुआ है।



















