दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से गैंगस्टर संदीप उर्फ काला जठेड़ी को हथियार तस्करी से जुड़े एक मामले में बड़ी कानूनी राहत मिली है। अदालत ने इस केस में उसके खिलाफ पर्याप्त सबूत न होने का हवाला देते हुए रिहाई का आदेश सुनाया है। बावजूद इसके, उसकी आने वाली रातें सलाखों के पीछे ही गुजरेंगी, क्योंकि कई दूसरे आपराधिक मामलों में वह पहले से न्यायिक हिरासत में है।
कैसे फंसा था काला जठेड़ी इस केस में
मामले की शुरुआत तब हुई, जब हथियार तस्करी के एक नेटवर्क में गिरफ्तार किए गए कुछ आरोपियों ने पूछताछ के दौरान काला जठेड़ी का नाम लिया। इन्हीं बयानों को आधार बनाते हुए दिल्ली पुलिस ने संदीप उर्फ काला जठेड़ी को इस केस में गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट से रिमांड मिलने के बाद पुलिस ने उससे करीब छह दिनों तक लगातार पूछताछ की और यह खंगालने की कोशिश की कि कहीं उसका इस तस्करी नेटवर्क से कोई सीधा संबंध तो नहीं है।
क्यों नहीं टिक पाया पुलिस का दावा
छह दिन की गहन पूछताछ के बावजूद पुलिस के हाथ ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं लगा, जिससे यह साबित हो सके कि काला जठेड़ी सीधे तौर पर इस हथियार तस्करी में शामिल था। अदालत में पेश रिकॉर्ड और जांच रिपोर्ट को बारीकी से देखने के बाद पटियाला हाउस कोर्ट इस नतीजे पर पहुंची कि इस केस में आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मौजूद नहीं हैं। इसी आधार पर अदालत ने उसकी रिहाई का आदेश दे दिया।
फिर भी जेल से बाहर क्यों नहीं आएगा
अदालत के आदेश के बाद भी काला जठेड़ी की जेल से रिहाई संभव नहीं है। इसकी वजह साफ है, उसके खिलाफ कई दूसरे आपराधिक मामले लंबित हैं और इन्हीं मामलों में वह पहले से न्यायिक हिरासत में चल रहा है। ऐसे में हथियार तस्करी के एक केस में राहत मिलने के बाद भी उसकी हिरासत जारी रहेगी और उसे कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा।
लंबा रहा है आपराधिक रिकॉर्ड
काला जठेड़ी का आपराधिक इतिहास काफी लंबा रहा है और वह कई मामलों में जांच एजेंसियों के रडार पर बना हुआ है। यही वजह है कि एक केस में अदालत से राहत मिल जाने के बावजूद उसकी कानूनी मुश्किलें खत्म नहीं हुई हैं। फिलहाल पटियाला हाउस कोर्ट के इस फैसले को उसके लिए सिर्फ फौरी राहत माना जा रहा है, जबकि बाकी लंबित मामलों में आगे की कानूनी प्रक्रिया अब भी चल रही है।













