पंजाब के निर्दलीय सांसद और वारिस पंजाब दे के प्रमुख अमृतपाल सिंह की रिहाई की मांग को लेकर हजारों प्रदर्शनकारियों ने चंडीगढ़ में प्रवेश किया है। मोहाली के गुरुद्वारा अंब साहिब में एकत्र होने के बाद 2 से 3 हजार समर्थकों का जत्था पुलिस बैरिकेड्स तोड़कर पंजाब के मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ गया। हालात की गंभीरता को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स ने सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी है।
सुरक्षा बलों का कड़ा पहरा और BNS 163 लागू
प्रदर्शनकारियों की आवाजाही को रोकने के लिए सेक्टर 45 चौराहे को भारी बैरिकेडिंग और कंटीली तारों के घेरे से पूरी तरह सील कर दिया गया है। सीमावर्ती इलाकों और संवेदनशील रास्तों पर BNS 163 के पोस्टरों और बैनरों को लगाया गया है। प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस के गोले दागने वाली गाड़ियों के साथ भारी पुलिस बल मौके पर तैनात है। जिस मुख्य स्थान पर सुरक्षा घेरा बनाया गया है, वह पंजाब सीएम आवास से केवल 200 मीटर की दूरी पर स्थित है।
मोहाली से कूच और बंदी सिंहों की रिहाई की मांग
यह विरोध प्रदर्शन वारिस पंजाब दे के कार्यकर्ताओं और विभिन्न सिख संगठनों के आह्वान पर शुरू हुआ। मोहाली स्थित गुरुद्वारा अंब साहिब में जुटने के बाद प्रदर्शनकारियों ने चंडीगढ़ कूच करने का फैसला किया। अमृतपाल सिंह की रिहाई के साथ-साथ प्रदर्शनकारी लंबे समय से जेलों में बंद बंदी सिंहों की रिहाई की भी मांग कर रहे हैं। बैरिकेड्स टूटने की वजह से मोहाली और चंडीगढ़ की सीमाओं पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया है, जिससे आम जनता और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।



















